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स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में अग्नि सुरक्षा और आपदा प्रबंधन पर व्यावहारिक प्रशिक्षण शिविर संपन्न

लखीमपुर-खीरी,19 जुलाई(तरुणमित्र)। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय देवकली खीरी के प्रांगण में आज आग से बचाव और आपदा प्रबंधन को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और व्यावहारिक प्रशिक्षण शिविर का सफल आयोजन किया गया। चिकित्सा महाविद्यालय की प्रधानाचार्य प्रोफेसर डॉ वाणी गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य संस्थान के सभी संकाय सदस्यों, डॉक्टरों, गैर-शिक्षण कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं को आपातकालीन स्थितियों के प्रति जागरूक और तैयार करना था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि और मुख्य प्रशिक्षक के रूप में लखीमपुर खीरी के चीफ फायर ऑफिसर (CFO) प्रदीप तेहरिया अपनी विशेषज्ञ टीम के साथ मौजूद रहे।
​प्रशिक्षण शिविर के दौरान चीफ फायर ऑफिसर प्रदीप तेहरिया और उनकी विशेषज्ञ टीम ने उपस्थित सभी लोगों को आग लगने की विभिन्न श्रेणियों और उनसे बचाव के तरीकों के बारे में विस्तार से व्यावहारिक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आग मुख्य रूप से चार प्रकार की होती है, जिसमें ठोस पदार्थ, तरल पदार्थ, गैस और धातुओं/इलेक्ट्रिक उपकरणों में लगने वाली आग शामिल है। टीम ने इन अलग-अलग प्रकार की आग को बुझाने के सटीक उपायों और किसी भी आपातकालीन स्थिति में बिना घबराए सुरक्षित बाहर निकलने की तकनीकों को बारीकी से समझाया।
शिविर का मुख्य आकर्षण अग्नि सुरक्षा उपकरणों का लाइव डेमो रहा। महाविद्यालय परिसर में स्थापित फायर एक्सटिंग्विशर (अग्निशामक यंत्रों) और अन्य सुरक्षा उपकरणों को संचालित करने का जीवंत प्रदर्शन किया गया। इस दौरान डॉक्टरों, कर्मचारियों और मेडिकल छात्रों ने स्वयं इन उपकरणों को चलाकर आग बुझाने का व्यावहारिक अभ्यास (मॉक ड्रिल) भी किया, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही प्रधानाचार्य प्रोफेसर वाणी गुप्ता ने अपने संबोधन में चीफ फायर ऑफिसर और उनकी टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों को एक बेहद महत्वपूर्ण जीवन रक्षक सलाह देते हुए कहा, “अगर किसी कारणवश आप आग या धुएं से घिरी स्थिति में फंस जाते हैं, तो घबराने के बजाय जमीन की तरफ नीचे झुककर या रेंगकर बाहर निकलें। चूंकि धुआं हमेशा ऊपर की ओर उठता है, इसलिए नीचे रहने से आपको सांस लेने के लिए साफ हवा मिलेगी और आप सुरक्षित बाहर निकल सकेंगे।” प्रधानाचार्य ने जोर देकर कहा कि एक चिकित्सा संस्थान होने के नाते हमारे यहाँ सुरक्षा के मानक सर्वोच्च स्तर पर होने चाहिए और इस प्रकार के नियमित प्रशिक्षण से सभी का मनोबल मजबूत होता है।
इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण शिविर में महाविद्यालय के सभी विभागों के विभागाध्यक्ष,शिक्षकगण,भारी संख्या में मेडिकल छात्र-छात्राएं तथा चिकित्सालय के समस्त अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने इस प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी, व्यावहारिक और जीवन रक्षक बताया।
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