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कश्मीर में 23 से ज्यादा, असम में…, बाढ़ के कारण कहां-कहां मची तबाही?

देश के कई राज्यों में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। पिछले 24 से 48 घंटों के दौरान जम्मू-कश्मीर से लेकर पूर्वोत्तर भारत तक लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कई जगहों पर बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड और फ्लैश फ्लड की घटनाएं सामने आई हैं, जबकि मैदानी राज्यों में नदियों का जलस्तर बढ़ने और निचले इलाकों में जलभराव से जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों तक कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहने की चेतावनी दी है। हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में तो आज भी रेड अलर्ट जारी किया गया है जिससे खतरा बढ़ गया है।

जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले के लोरन इलाके में बारिश ने तबाही मचाई है। यहां बादल फटने के बाद अचानक आई बाढ़ ने भारी नुकसान पहुंचाया है। इस हादसे में एक ही परिवार के सात लोगों की मौत हो गई, जबकि कई इलाकों में सड़कें और संपर्क मार्ग प्रभावित हुए हैं। राजौरी और पुंछ में राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं। IMD ने 24 जुलाई तक राज्य में भारी बारिश का अलर्ट जारी रखा है और कई जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा बताया है।

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मौत का आंकड़ा डरा रहा

जम्मू-कश्मीर के राजौरी और पुंछ जिलों में बारिश से जुड़ी घटनाओं ने भारी तबाही मचाई है। प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले 48 घंटों के भीतर अलग-अलग हादसों में 22 से ज्यादा मौतों की पुष्टि हो चुकी है। लगातार हो रही इन मौतों ने पूरे जम्मू-कश्मीर में शोक की लहर दौड़ा दी है। लोरन में जिस परिवार ने अपनी जान गंवाई, उनका गम पूरे इलाके का गम बन गया है।

हिमाचल प्रदेश में फ्लैश फ्लड का खतरा

हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश के चलते कई जिलों में लैंडस्लाइड और फ्लैश फ्लड का खतरा बना हुआ है। चंबा, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू और शिमला समेत कई जिलों के लिए मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है। लाहौल-स्पीति के खांगसर व शुगू गांव और चंबा की पांगी घाटी में बादल फटने से खेतों में भारी मलबा घुस गया है, जिससे नकदी फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। आज भी हिमाचल प्रदेश में फ्लैश फल्ड का अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है।

हिमाचल के साथ-साथ पड़ोसी राज्य उत्तराखंड में लगातार बारिश के कारण कई नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। पहाड़ी क्षेत्रों में लैंडस्लाइड की आशंका बनी हुई है और कई स्थानों पर सड़कें प्रभावित होने की खबरें हैं। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी रखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

यूपी, बिहार में बिगड़े हालात

पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में पिछले दो दिनों से कई इलाकों में तेज बारिश दर्ज की गई है। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी है और कई नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। IMD ने दोनों राज्यों के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिससे बाढ़ की स्थिति बनने की आशंका जताई गई है।

पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर में सबसे ज्यादा असर

पश्चिम बंगाल के उप-हिमालयी क्षेत्रों और पूर्वोत्तर राज्यों में लगातार हो रही बारिश से हालात गंभीर बने हुए हैं। असम के शिवसागर जिले के नाज़िरा क्षेत्र में बाढ़ का पानी चाय बागानों तक पहुंच गया है। 57 हजार से अधिक लोग प्रभावित बताए गए हैं। भारी बारिश के कारण कई गांवों और खेतों में पानी भर गया है। अब तक असम में बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या 5 हो गई है।

पूर्वोत्तर के अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी लगातार बारिश का दौर जारी है। कई इलाकों में नदियां उफान पर हैं और निचले क्षेत्रों में पानी भरने की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने इन राज्यों में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है।

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इन राज्यों में अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर फ्लैश फ्लड, लैंडस्लाइड और निचले इलाकों में जलभराव की आशंका भी जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत, पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर भारत में आने वाले कुछ दिनों तक मॉनसून सक्रिय बना रहेगा। भारी बारिश का दौर जारी रहने से पहाड़ी राज्यों में लैंडस्लाइड और फ्लैश फ्लड, जबकि मैदानी इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बनने का खतरा बना रहेगा।


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