लखनऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा आगामी पीक सीजन में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जारी विस्तृत एडवाइजरी को गंभीरता से लेते हुए ऊर्जा निगमों में व्याप्त भारी मैनपावर की कमी को दूर करने के लिए पॉवर कॉरपोरेशन प्रबन्धन को तत्काल प्रभावी कार्रवाई का निर्देश दिया जाए। संघर्ष समिति ने कहा कि यदि पर्याप्त संख्या में नियमित एवं कुशल तकनीकी कर्मचारियों की भर्ती नहीं की गई तो केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के निर्देशों का पालन करना भी संभव नहीं होगा और भविष्य में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने वाली बिजली की मांग का सुरक्षित एवं विश्वसनीय प्रबंधन भी कठिन हो जाएगा। संघर्ष समिति ने कहा कि केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की यह एडवाइजरी पूरी तरह व्यावहारिक है, लेकिन उत्तर प्रदेश में इसे लागू करने के लिए आवश्यक मैनपावर उपलब्ध ही नहीं है। प्रदेश में अब लगभग 3 करोड़ 73 लाख विद्युत उपभोक्ता हैं। लाखों किलोमीटर लंबा वितरण नेटवर्क, हजारों बिजलीघर (सब-स्टेशन), लाखों वितरण ट्रांसफार्मर तथा विशाल विद्युत तंत्र के संचालन एवं अनुरक्षण का दायित्व ऊर्जा निगमों पर है, जबकि कर्मचारियों की संख्या लगातार घटते-घटते 30 हजार से भी कम रह गई है। संघर्ष समिति ने कहा कि पिछले वर्षों में बड़े पैमाने पर अनुभवी एवं कुशल संविदा कर्मचारियों को सेवा से हटाया गया है। नियमित पदों पर लंबे समय से भर्ती नहीं हुई है। परिणामस्वरूप फील्ड स्तर पर अनुरक्षण, दोष निवारण, लाइन पेट्रोलिंग, ट्रांसफार्मर बदलने, ओवरलोड फीडरों के सुदृढ़ीकरण तथा आपातकालीन मरम्मत जैसे कार्य गंभीर रूप से प्रभावित हो रहे हैं।
एडवाइजरी पर कार्रवाई करे पॉवर कॉरपोरेशन प्रबन्धन : संघर्ष समिति
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