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हरैया तहसील क्षेत्र के परसरामपुर थाना क्षेत्र में जीएसटी से जुड़ा एक बड़ा धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। एक कर सलाहकार ने एक कारोबारी का विश्वास तोड़कर उनकी व्यावसायिक फर्म का मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी बदल दिया। इसके बाद आरोपी ने लगभग 39 लाख रुपये के फर्जी जीएसटी बिल जारी कर दिए। ग्राम चोरहा निवासी रत्नेश पाण्डेय (25 वर्ष) अपनी व्यावसायिक संस्था वैष्णवी एंटरप्राइजेज के जीएसटी और आयकर संबंधी सभी कार्य अयोध्या निवासी अजय जोशी (पिता काशीराम जोशी) से करवाते थे। रत्नेश के अनुसार, उन्होंने अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर और ईमेल से केवल तीन वैध बिल जारी किए थे। लगभग तीन माह पहले, अजय जोशी ने रिटर्न दाखिल करने का बहाना बनाकर पीड़ित से उनके मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी ले लिया। ओटीपी साझा करते ही आरोपी ने जीएसटी पोर्टल पर रत्नेश का पंजीकृत मोबाइल नंबर बदलकर और ईमेल आईडी बदल दिया। इसके बाद जब पीड़ित ने अपनी जीएसटी यूजर आईडी और पासवर्ड मांगा, तो आरोपी ने देने से इनकार कर दिया और अपना फोन बंद करके फरार हो गया। संदेह होने पर रत्नेश जब बस्ती स्थित राज्य कर विभाग के कार्यालय पहुंचे, तब इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। उन्हें पता चला कि आरोपी ने उनकी फर्म के नाम पर बिना किसी अधिकार के लगभग 39 लाख रुपये के अनाधिकृत बिल काट दिए थे। पीड़ित द्वारा 21 जुलाई 2026 को प्रस्तुत लिखित शिकायत के आधार पर, परसरामपुर थाने में 28 जुलाई 2026 की शाम को एफआईआर संख्या 0246/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318(4) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। थाना प्रभारी विश्व मोहन राय ने बताया कि उप-निरीक्षक परमानंद तिवारी द्वारा इस प्रकरण की वैधानिक जांच शुरू कर दी गई है।
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कर सलाहकार ने कारोबारी के साथ किया जीएसटी फर्जीवाड़ा:ओटीपी लेकर फर्म का ईमेल-मोबाइल बदला, 39 लाख के फर्जी बिल काटे
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