रिपोर्ट:हेमन्त कुमार दुबे।
निचलौल (महराजगंज)। विकास खंड निचलौल की ग्राम सभा खोन्हौली का पंचायत भवन पूरी तरह सफेद हाथी साबित हो रहा है। 1960 के दशक में निर्मित यह ऐतिहासिक भवन अब अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। बरसात के दिनों में छत से पानी टपकना आम बात है, वहीं दीवारों और छत में आई गहरी दरारें किसी बड़े हादसे को न्योता दे रही हैं। छत से लगातार गिरते सीमेंट और कंक्रीट के टुकड़ों के कारण यहाँ हर पल खतरे का साया मंडराता रहता है।

नवजात शिशुओं और कर्मचारियों की जान जोखिम में।
सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा नवजात शिशुओं और गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण का कार्यक्रम इसी जर्जर भवन में चलाया जा रहा है। जर्जर छत के नीचे मासूम बच्चों को गोद में लेकर बैठी माताओं और ड्यूटी पर तैनात पंचायत सहायक की जान हर वक्त आफत में रहती है।
ग्रामीणों में भारी आक्रोश: नए भवन की मांग।
स्थानीय ग्रामीणों—गोविंद, ऋषिकेश, ओमप्रकाश, गंगाशरण, पूरन, अनिरुद्ध, जितेंद्र, रविंद्र और रामबेलाश—ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि 60 साल पुराना यह भवन अब बिल्कुल प्रयोग के लायक नहीं बचा है। ग्रामीणों की मांग है कि मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति करने के बजाय जल्द से जल्द नए पंचायत भवन का निर्माण कराया जाए, ताकि किसी बड़ी अनहोनी को टाला जा सके।
जिम्मेदार अधिकारी का बयान।
> “पंचायत भवन के जर्जर होने के मामले की गहनता से जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर जल्द से जल्द आवश्यक विधिक एवं प्रशासनिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।”
> — संतोष कुमार यादव, खंड विकास अधिकारी (BDO), निचलौल












