Homeउत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh)बस्ती में जहरीले जंतु के डंक से बच्ची की मौत:घर के पीछे...

बस्ती में जहरीले जंतु के डंक से बच्ची की मौत:घर के पीछे खेल रही थी मासूम, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

#बस्ती_न्यूज

बस्ती के कलवारी थाना क्षेत्र के चिलवनिया गांव में बुधवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को गम में डुबो दिया। घर के पीछे खेल रही पांच वर्षीय मासूम अंकिता को किसी जहरीले जंतु ने काट लिया। परिजन उसे बचाने के लिए पहले सीएचसी और फिर जिला अस्पताल लेकर दौड़े, लेकिन जिंदगी की जंग हार गई। डॉक्टरों ने बताया कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा है, जबकि गांव में शोक की लहर दौड़ गई। खेलते-खेलते मौत के मुंह में पहुंची मासूम जानकारी के अनुसार, चिलवनिया गांव निवासी मंशाराम की पांच वर्षीय पुत्री अंकिता बुधवार शाम करीब तीन बजे अपने घर के पीछे खेल रही थी। इसी दौरान उसे किसी जहरीले जंतु ने काट लिया। शुरुआत में किसी को इसकी जानकारी नहीं हुई, लेकिन कुछ ही देर बाद बच्ची की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। उसकी हालत खराब होते देख परिजनों के हाथ-पांव फूल गए और वे तत्काल उसे इलाज के लिए अस्पताल लेकर रवाना हुए। सीएचसी में प्राथमिक इलाज, फिर जिला अस्पताल रेफर परिजन अंकिता को सबसे पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनहरा, कुदरहा लेकर पहुंचे। वहां मौजूद डॉ. जय प्रकाश चौधरी ने बच्ची को एंटी-वेनम इंजेक्शन सहित आवश्यक प्राथमिक उपचार दिया। हालांकि, उसकी हालत लगातार गंभीर बनी रही। चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए उसे तत्काल जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन उम्मीद के साथ बच्ची को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि उसकी मौत करीब 15 मिनट पहले ही हो चुकी थी। सबसे छोटी बेटी की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ अंकिता अपने पिता मंशाराम के तीन बच्चों में सबसे छोटी थी। उसकी असमय मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। अस्पताल से जैसे ही बच्ची के निधन की सूचना गांव पहुंची, पूरे इलाके में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव के लोग उन्हें ढांढस बंधाने में जुटे हैं। पुलिस ने शुरू की कानूनी कार्रवाई घटना की सूचना मिलने पर कलवारी थाना पुलिस भी सक्रिय हुई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की औपचारिक पुष्टि हो सकेगी। बरसात में बढ़ जाता है जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा विशेषज्ञों के अनुसार, बरसात के मौसम में सांप, बिच्छू और अन्य जहरीले जीव-जंतु आबादी वाले इलाकों में निकल आते हैं। ऐसे मौसम में बच्चों को अकेले खुले स्थानों पर खेलने से बचाना चाहिए। खेतों, झाड़ियों और घरों के पीछे की जगहों पर विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत होती है। किसी जहरीले जंतु के काटने की आशंका होने पर झाड़-फूंक में समय गंवाने के बजाय तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचना ही सबसे सुरक्षित उपाय माना जाता है। गांव में पसरा सन्नाटा, हर आंख नम मासूम अंकिता की मौत ने पूरे चिलवनिया गांव को झकझोर दिया है। जिस आंगन में कुछ घंटे पहले उसकी किलकारियां गूंज रही थीं, वहां अब सन्नाटा पसरा है। ग्रामीणों का कहना है कि इतनी छोटी बच्ची की इस तरह मौत होना बेहद पीड़ादायक है। घटना ने एक बार फिर बरसात के मौसम में जहरीले जीव-जंतुओं से सतर्क रहने और समय पर चिकित्सकीय उपचार की आवश्यकता को रेखांकित किया है।
#बस्ती न्यूज़ टुडे

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments