HomeHealth & Fitnessफर्जी हस्ताक्षर विवाद में घिरे अभिषेक, हाईकोर्ट राहत के बीच सीआईडी जांच

फर्जी हस्ताक्षर विवाद में घिरे अभिषेक, हाईकोर्ट राहत के बीच सीआईडी जांच

कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी से विधानसभा के कथित हस्ताक्षर फर्जीवाड़ा मामले में गुरुवार को सीआईडी ने करीब साढ़े पांच घंटे तक पूछताछ की।

शाम लगभग 5:50 बजे भवानी भवन स्थित सीआईडी मुख्यालय पहुंचे अभिषेक रात 11:30 बजे वहां से बाहर निकले। पूछताछ के बाद वह सीधे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पहुंचे। सीआईडी ने उन्हें 14 जून को फिर से हाजिर होने का निर्देश दिया है।

अभिषेक गुरुवार को ही दिल्ली से कोलकाता लौटे थे। उनका विमान शाम 4:20 बजे नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा। वहां से वह सीधे कालीघाट स्थित अपने आवास पहुंचे और बाद में निर्धारित समय से पहले भवानी भवन पहुंचकर जांच में शामिल हुए। हालांकि सीआईडी कार्यालय में प्रवेश करने या बाहर निकलने के दौरान उन्होंने मीडिया से कोई बातचीत नहीं की।

विधानसभा में विपक्ष के नेता के चयन से जुड़े एक पत्र में कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षरों के आरोपों की जांच के सिलसिले में सीआईडी कई बार अभिषेक को तलब कर चुकी थी।

पहले उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला देते हुए समय मांगा था, जबकि बाद में राजनीतिक कार्यक्रमों के चलते शहर से बाहर होने की बात कही थी। इस बीच गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए उन्होंने कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और सुरक्षा की मांग की थी।

गुरुवार को मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने अभिषेक को शाम 6 बजे तक भवानी भवन में उपस्थित होकर जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया।

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल सीआईडी उनके खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं कर सकेगी। मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी और तब तक उनके खिलाफ दंडात्मक कदम उठाने पर रोक रहेगी।

सुनवाई से पहले अभिषेक के वकील और तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी ने इस मामले से स्वयं को अलग कर लिया। उन्होंने सार्वजनिक रूप से अभिषेक की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए तीखी टिप्पणी की, जिससे पार्टी के भीतर मतभेदों की चर्चा और तेज हो गई है।

अभिषेक की पेशी को देखते हुए सीआईडी ने भवानी भवन और उसके आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। अतिरिक्त पुलिस बल, केंद्रीय बल और रैपिड एक्शन फोर्स की तैनाती की गई थी। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए आंसू गैस के इंतजाम भी रखे गए थे।

विवाद की जड़ उस पत्र को माना जा रहा है, जिसे तृणमूल कांग्रेस विधायक दल की ओर से विधानसभा अध्यक्ष को भेजा गया था। इस पत्र में शोभनदेव चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता चुने जाने का उल्लेख था।

आरोप है कि पत्र में कई विधायकों के हस्ताक्षरों में असंगति है। कुछ विधायकों ने दावा किया है कि उन्होंने हस्ताक्षर नहीं किए थे, जबकि कुछ नाम बड़े अक्षरों में लिखे गए थे। इसी पत्र पर पार्टी के महासचिव के रूप में अभिषेक बनर्जी के हस्ताक्षर भी मौजूद थे।

मामले की जांच के तहत सीआईडी पहले ही तृणमूल के तीन विधायकों की हैंडराइटिंग के नमूने एकत्र कर चुकी है। गुरुवार को कोलकाता हवाई अड्डे पर अभिषेक के पहुंचने के दौरान कुछ लोगों ने उनके खिलाफ नारेबाजी भी की, हालांकि उन्होंने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

 

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments