सिद्धार्थनगर में अवैध रूप से संचालित अस्पतालों पर स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की है। दैनिक भास्कर द्वारा 23 मई को इटवा के जनता सेवा हॉस्पिटल में नवजात शिशु की मौत के बाद किए गए खुलासे के बाद विभाग हरकत में आया। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तीन संस्थानों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा। नैदानिक स्थापना के नोडल अधिकारी डॉ. एम.एम. त्रिपाठी और अभिनव मणि त्रिपाठी ने सनई-शोहरतगढ़ मार्ग स्थित आरोग्य मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, एपेक्स एसबीपी मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल और जनता क्लीनिक पर नोटिस चस्पा किए। इन संस्थानों से तीन दिन के भीतर पंजीकरण, मानकों और संचालन संबंधी अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। टीम के पहुंचने पर अस्पताल और क्लीनिक बंद मिले, जिसके बाद अधिकारियों ने परिसर पर ही नोटिस चस्पा किया। विभाग अब संबंधित संचालकों के जवाब का इंतजार कर रहा है। यदि निर्धारित समय में संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिला, तो आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, इस विभागीय कार्रवाई पर सवाल भी उठने लगे हैं। दैनिक भास्कर की पड़ताल में कुल पांच अवैध संस्थानों का मामला सामने आया था, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने केवल तीन पर ही नोटिस जारी किया है। उसका रोड स्थित विनायक हॉस्पिटल और स्टेशन रोड स्थित आलम डेंटल केयर के खिलाफ शुक्रवार तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे कार्रवाई की निष्पक्षता और दायरे को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। गौरतलब है कि 23 मई को इटवा के जनता सेवा हॉस्पिटल में कथित चिकित्सीय लापरवाही के कारण एक नवजात की मौत हो गई थी। इसके बाद दैनिक भास्कर ने जिले में संचालित निजी अस्पतालों और क्लीनिकों की पड़ताल की थी। जांच में कई ऐसे संस्थान सामने आए थे, जहां मरीज भर्ती थे, इलाज चल रहा था और ऑपरेशन की तैयारी भी की जा रही थी, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में उनका वैध पंजीकरण नहीं था।
सिद्धार्थनगर में अवैध अस्पतालों पर एक्शन:तीन को नोटिस देकर तीन दिन में पंजीकरण के कागज मांगे, दो अवैध अस्पतालों पर एक्शन नहीं
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