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बस्ती के गोविंद नगर शुगर मिल में मंगलवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब जिला प्रशासन की टीम एक तकनीकी दल के साथ मिल परिसर का मुआयना करने पहुंची। टीम का उद्देश्य मिल के पुराने सामान को बेचकर श्रमिकों के 14 करोड़ रुपये के बकाया वेतन का भुगतान करना था। प्रशासन की इस कार्रवाई से नाराज भारी संख्या में मजदूर वहां जमा हो गए और मिल कटवाने का विरोध शुरू कर दिया। रिकवरी सर्टिफिकेट जारी उप जिलाधिकारी शत्रुघ्न पाठक ने बताया कि मिल की रिकवरी सर्टिफिकेट जारी हो चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्य उद्देश्य श्रमिकों के बकाया वेतन का जल्द से जल्द भुगतान करना है। शुगर मिल पर कुल 14 करोड़ रुपये की रिकवरी बकाया है। जिला प्रशासन की टेक्निकल टीम मिल का निरीक्षण कर यह देख रही है कि कौन सा पुराना सामान कबाड़ हो चुका है, जिसे बेचकर श्रमिकों के बकाए की रकम जुटाई जा सके। पाठक ने आश्वस्त किया कि भुगतान होते ही मिल का नियंत्रण वापस प्रबंधन को सौंप दिया जाएगा। श्रमिक संतुष्ट नहीं हालांकि, प्रशासन के इस आश्वासन से मिल के श्रमिक संतुष्ट नहीं हैं। अपनी रोजी-रोटी और भविष्य को लेकर चिंतित श्रमिक लंबे समय से मिल को दोबारा चलाए जाने की मांग को लेकर परिसर में ही धरना दे रहे हैं। श्रमिकों का साफ कहना है कि मिल को कटवाया न जाए, बल्कि इसे दोबारा शुरू किया जाए ताकि उनका रोजगार बचा रहे। श्रमिकों ने कड़ा रुख अपनाया श्रमिकों ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, “हम महीनों से अपनी मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। जब तक पूरा बकाया पैसा हमारे खातों में नहीं आ जाता, हम मिल से एक नट भी बाहर नहीं जाने देंगे।” इस बयान से मिल परिसर में भारी तनाव की स्थिति बनी हुई है। इस दौरान मौके पर विकास ठाकुर, चंद्रेश कुमार सिंह, सत्येंद्र बहादुर सिंह, मुकेश श्रीवास्तव, सुनील राव, धीरेंद्र सिंह, शिवाकांत सिंह, रवि शुक्ला, अशोक पांडे, संजय सिंह, शत्रुघ्न, अवधेश, विजय पांडे, प्रदीप राव, तुलसीराम, राघवेंद्र पांडे, गंगा दत्त तिवारी, अजय सिंह और मेवालाल सहित दर्जनों श्रमिक उपस्थित रहे।
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बस्ती मिल में प्रशासन की टीम पहुंची:श्रमिकों का मिल कटवाने का विरोध, बकाया भुगतान की मांग
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