HomeHealth & Fitnessहोर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका-ईरान के दावों पर सवाल

होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका-ईरान के दावों पर सवाल

वाशिंगटन/तेहरान। अमेरिका के पूर्व राजनयिक जोई हुड ने कहा कि होमुर्ज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) की स्थिति के बारे में न तो वाशिंगटन और न ही तेहरान पूरी तरह सही जानकारी दे रहे हैं। हुड ने कहा, “डोनाल्ड ट्रंप अकसर कहते हैं कि यह जलमार्ग खुला है। उनका यह कहना पूरी तरह सही नहीं है। ईरान का यह कहना भी पूरी तरह सही नहीं है कि उन्होंने तेहरान ने इसे बंद कर दिया है।”

अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, हुड ने कहा कि ईरान के पास इस जलमार्ग को पूरी तरह से बंद करने के लिए जरूरी साधन नहीं हैं। उन्होंने कहा, ” होर्मुज किसी हाइवे जैसा नहीं है, जहां आप कोई गेट लगा दें या शिपिंग रोकने के लिए कोई रुकावट खड़ी कर दें। ईरान दबाव बनाने के लिए बिना हथियारों वाले कमर्शियल जहाजों को धमकाता है और फिर उन पर मिसाइलें दागता हैं।”

हुड ने कहा कि कुछ जहाज़ अपने ट्रांसपोंडर बंद कर देते हैं रात में यात्रा करते हैं और ओमान के तट के करीब से गुजरते हैं। अमेरिकी सेना अपने पास मौजूद संसाधनों से उनकी सुरक्षा करने की कोशिश करती है। इस बीच ईरान के उप विदेशमंत्री काजिम गरीबाबादी ने कहा कि ओमान के साथ हुए अस्थायी ट्रांजिट समझौते के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य बंद है। इस जलमार्ग को पूरी तरह खोलने से पहले वाशिंगटन को समझौता ज्ञापन के तहत किए गए अपने वादों को पूरा करना होगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि जलडमरूमध्य के अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र से सभी बारूदी सुरंगें हटाकर नष्ट कर दी गई हैं और तेहरान को चेतावनी दी गई है कि नई बारूदी सुरंगें बिछाने वाले किसी भी जहाज को नष्ट कर दिया जाएगा। उधर, वेसल ट्रैकिंग सर्विस (टैंकर ट्रैक्र्स डॉट कॉम) के मुताबिक, ओमान की खाड़ी में जहाज से जहाज (एसटीएस) ट्रांसफर के कम से कम 20 मामले सामने आए हैं। एसटीएस ट्रांसफर में समुद्र के बीच एक जहाज से दूसरे जहाज में सीधे कार्गो पंप किया जाता है। इसका इस्तेमाल अकसर कार्गो के मूल स्थान को छिपाने या प्रतिबंधों वाले या ज्यादा जोखिम वाले इलाकों में बंदरगाह पर जाने से बचने के लिए किया जाता है।

एक्स पर एक पोस्ट में कंपनी ने बताया कि ईरान को छोड़कर इस क्षेत्र के लगभग हर देश से आने वाले 25 मिलियन बैरल कच्चे तेल और अन्य रिफाइंड उत्पादों का हिसाब रखा गया है। टैंकर ट्रैकर्स ने बाद में बताया कि उसने पांच और ट्रांसफर मामलों की पहचान की है, जिनमें ईरान की लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) का मामला भी शामिल है। ओमान की खाड़ी एसटीएस के लिए अहम केंद्र बन गई है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular