सिद्धार्थनगर जनपद के डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के ग्राम भालूकोनी जप्ती में निर्मित पुल ग्रामीणों के लिए पूरी तरह उपयोगी साबित नहीं हो पा रहा है। पुल बनने के बावजूद उस पर आने-जाने के लिए संपर्क मार्ग का अभाव है, जिससे स्थानीय लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि संपर्क मार्ग के बिना पुल का लाभ जनता तक नहीं पहुंच पा रहा है। इसी प्रकार भनवापुर ब्लॉक से निकली नगर का टेल लेवड़ताल और हेड बूढ़ी राप्ती क्षेत्र में कई पुलों का निर्माण किया गया है। जिन स्थानों पर पुलों के साथ संपर्क मार्ग भी बनाए गए हैं, वहां लोगों को आवागमन में काफी सुविधा मिल रही है। इससे किसान आसानी से खेतों तक पहुंच पा रहे हैं और ग्रामीणों का बाजार, स्कूल तथा अस्पताल तक आना-जाना सरल हो गया है। हालांकि, भालूकोनी जप्ती सहित कुछ अन्य क्षेत्रों में पुल निर्माण के बावजूद संपर्क मार्ग अधूरा है। इसके कारण ग्रामीणों को कीचड़, खेतों और ऊबड़-खाबड़ रास्तों से गुजरना पड़ता है। बरसात के मौसम में यह स्थिति और गंभीर हो जाती है, जिससे आवागमन जोखिम भरा हो जाता है। ग्रामीणों में रमेश, उमेश, विजय, आबिद ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि जिन स्थानों पर पुल बन चुके हैं, वहां जल्द से जल्द संपर्क मार्ग का निर्माण कराया जाए। साथ ही, जिन इलाकों में अभी भी पुलों की आवश्यकता है, वहां नए पुलों के निर्माण की योजना बनाई जाए। इससे क्षेत्र के लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा मिल सकेगी। स्थानीय निवासियों का मानना है कि उक्त पुलों के साथ सड़क और संपर्क मार्ग की व्यवस्था दुरुस्त होने से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी। इससे ग्रामीणों की वर्षों पुरानी आवागमन संबंधी समस्या का समाधान हो सकेगा। उन्होंने प्रशासन से इस समस्या को दूर करने की मांग की है।
भालूकोनी जप्ती में पुल बना, संपर्क मार्ग अधूरा:ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी, राहगीरों को इंतजार
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