लंबे इंतजार के बाद गिलौला में रोडवेज बस स्टॉप का नवीनीकरण तो कर दिया गया है, लेकिन यात्रियों को इसका वास्तविक लाभ नहीं मिल पा रहा है। रोडवेज बसें स्टॉप के अंदर जाने के बजाय सड़क पर ही रुक रही हैं, जिससे यातायात बाधित हो रहा है और बस स्टॉप अवैध कब्जे का शिकार हो गया है। बहराइच और बलरामपुर डिपो की रोडवेज बसें बौद्ध परिपथ से गुजरती हैं। इनके ठहराव के लिए गिलौला और इकौना में विधिवत बस स्टॉप बनाए गए हैं। गिलौला में वर्षों से जर्जर पड़े बस स्टॉप का हाल ही में पुनर्निर्माण कराया गया है। रंग-रोगन के बाद यह पूरी तरह से तैयार है, फिर भी रोडवेज बसें यहां रुकने से बच रही हैं। नियमों के तहत, रोडवेज बसों को निर्धारित बस स्टॉप पर ही यात्रियों को चढ़ाना और उतारना चाहिए। हालांकि, गिलौला में चालक बस स्टॉप के अंदर जाने के बजाय सड़क पर ही बसें रोककर सवारियां लेते-उतारते हैं। इससे मुख्य सड़क पर अक्सर जाम लग जाता है, जिससे राहगीरों और स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी होती है। रोडवेज बसों के बस स्टॉप पर न रुकने का फायदा उठाकर असामाजिक तत्वों ने परिसर पर अवैध कब्जा कर लिया है। बस स्टॉप के अंदर निजी वाहन खड़े किए जा रहे हैं, और निजी टैक्सी व अन्य वाहन चालक यहीं से सवारियां बैठाते और उतारते हैं। परिणामस्वरूप, रोडवेज बस स्टॉप अब एक अवैध टैक्सी स्टैंड में बदलता जा रहा है। स्थानीय निवासियों ने परिवहन विभाग से इस मामले में सख्ती बरतने और रोडवेज बसों का ठहराव बस स्टॉप पर अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे यातायात व्यवस्था सुचारु होगी और अवैध कब्जे पर भी अंकुश लगेगा। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या पर कब ध्यान देते हैं।
गिलौला बस स्टॉप पर नहीं रुकतीं बसें:यात्री परेशान, अवैध कब्जे की वजह से टैक्सी स्टैंड में बदला बस स्टॉप
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