बलरामपुर चीनी मिल परिसर में एक मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। एक अधिवक्ता के साथ कथित मारपीट के बाद आक्रोशित वकीलों ने मिल में घुसकर हंगामा किया। जिसके बाद मारपीट हो गई। इस घटना में दोनों पक्षों के कई लोग घायल हुए हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। अधिवक्ता आशीष कुमार सिंह उर्फ लक्की सिंह गन्ना तौल कराने के बाद प्रेसमैड लेने चीनी मिल पहुंचे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां किसानों को प्रेसमैड देने के बजाय बड़े डंपरों में भरा जा रहा था। जब अधिवक्ता ने इसका विरोध किया, तो मिल कर्मचारियों ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें बंधक बना लिया। घटना की सूचना मिलते ही दर्जनों वकील मौके पर पहुंचे और मिल परिसर में प्रवेश कर अपने साथी को मुक्त कराया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई और तोड़फोड़ भी की गई। बताया जा रहा है कि इस झड़प में लगभग आधा दर्जन अधिवक्ता घायल हुए हैं। वहीं, बलरामपुर चीनी मिल के डीजीएम (एचआर) डीके ठाकुर ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता आशीष सिंह ने नियमों की अनदेखी करते हुए लाइन में लगी किसानों की ट्रॉलियों को हटाकर जबरन अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉली घुसा दी। विरोध करने पर उन्होंने कर्मचारियों के साथ अभद्रता और मारपीट की। डीके ठाकुर के अनुसार, अधिवक्ता ने कंप्यूटर रूम को भी नुकसान पहुंचाया और सीसीटीवी कैमरों के तार तोड़ दिए। प्रबंधन का दावा है कि इस पूरी घटना का वीडियो साक्ष्य मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित किया। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है। एक ओर अधिवक्ता पक्ष मिल कर्मचारियों के खिलाफ तहरीर देने की तैयारी में है, वहीं दूसरी ओर मिल प्रबंधन भी आरोपित वकीलों के खिलाफ कार्रवाई की बात कह रहा है।
बलरामपुर चीनी मिल में विवाद बना बवाल:वकील से मारपीट, आक्रोशित अधिवक्ताओं ने किया हंगामा
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