सोनीपत। सोनीपत के गांव ठरु उलदेपुर के मूल निवासी और वर्तमान में सेक्टर-14 निवासी कर्मयौद्धा ब्रिगेडियर ओ.पी. चौधरी के निधन की सूचना मिलते ही शिक्षा, सामाजिक और जनसेवा से जुड़े लोगों में शोक की लहर दौड़ गई।
उनका अंतिम संस्कार शनिवार दोपहर बाद तीन बजे सेक्टर-15 स्थित शिव मुक्ति धाम में किया जाएगा। ब्रिगेडियर ओ.पी. चौधरी ने अपना जीवन शिक्षा के उत्थान, अनुशासन और युवा पीढ़ी के मार्गदर्शन के लिए समर्पित किया।
उन्होंने हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन, महर्षि विश्वविद्यालय रोहतक के कुलपति और राई खेल विद्यालय के प्राचार्य के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारिया निभाईं। इसके अलावा वे सोनीपत के ब्राइट स्कॉलर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के संरक्षक भी रहे।
शिक्षा क्षेत्र में विभिन्न पदों पर रहते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ अनुशासन, जिम्मेदारी और राष्ट्र सेवा की भावना से जोड़ने पर जोर दिया।
उनके मार्गदर्शन में शिक्षा प्राप्त करने वाले अनेक विद्यार्थी आज विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। शिक्षा के प्रति समर्पण और विद्यार्थियों के प्रति मार्गदर्शक भाव के कारण उनकी अलग पहचान बनी।
परिचितों और शिक्षा जगत से जुड़े लोगों के अनुसार ब्रिगेडियर चौधरी का व्यक्तित्व सादगी, अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और सेवा भावना से जुड़ा रहा।
वे युवाओं को मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते थे। विभिन्न संस्थानों में जिम्मेदारी निभाते हुए उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अनुशासन को प्राथमिकता दी।
सोनीपत के पूर्व विधायक सुरेंद्र पंवार ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ब्रिगेडियर ओ.पी. चौधरी का निधन शिक्षा जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि देते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
ब्रिगेडियर चौधरी अपने पीछे पत्नी दमयंती चौधरी, बेटा डा. इंद्रजीत सिंह चौधरी सरोज चौधरी, बेटी वीना राठी दामाद कर्नल सुरेश राठी, विक्रम राठी शालिनी राठी, अमरदीप चौधरी, विनय, गौतम आदि पौते और नाती सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
इनेलो के जिला अध्यक्ष कुनाल गहलोत ने बताया कि सेना, शिक्षा में अनुकरणीय कार्य करने वाले एक कर्मयौद्धा का जाना शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े इनेलो परिवार, समाज व पूरे राष्ट्र के लिए अपूर्णीय क्षति है।
इसकी भरपाई नहीं की जा सकती। उनके निधन से गहरा शोक है। उनके शिक्षा के प्रति योगदान और समाज सेवा को लंबे समय तक याद किया जाएगा।












