खेसरहा क्षेत्र के ग्राम पंचायत महुलानी में चल रही नवदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन रात्रि कार्यक्रम में भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया गया। कथा व्यास पंडित ओमप्रकाश शास्त्री ने पूतना उद्धार एवं तृणावर्त उद्धार प्रसंग सुनाया। कथा व्यास ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने बाल्यावस्था में ही दुष्ट शक्तियों का अंत कर धर्म की स्थापना का संदेश दिया। पूतना उद्धार प्रसंग में उन्होंने बताया कि प्रभु की शरण में आने वाले हर जीव का कल्याण होता है। तृणावर्त उद्धार कथा के माध्यम से भगवान की अलौकिक शक्ति और बाल स्वरूप की दिव्यता का वर्णन किया गया। कथा के दौरान भजन-कीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालु देर रात तक कथा श्रवण में लीन रहे। कथा आयोजन समिति ने सभी आगंतुकों का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर क्षेत्र के अवधेश मिश्रा, उपेंद्र पांडे, कृपा शंकर पांडे, श्रवण मिश्रा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन बाल लीलाओं का वर्णन:पंडित ओमप्रकाश शास्त्री ने पूतना, तृणावर्त उद्धार प्रसंग सुनाया
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