खेसरहा ब्लाक के ग्राम छितही में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन बुधवार को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। तपानाथ मिश्र के निवास पर आयोजित इस संगीतमय कथा में जन्मोत्सव की झांकी निकलते ही श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा की। जन्मोत्सव के दौरान संगीतमय कथावाचक शैलेश मणि त्रिपाठी के भजनों पर श्रोता खूब झूमे। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म लेते ही पूरा पंडाल ‘नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के नारों से गूंज उठा। इस अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण सहित अन्य देवी-देवताओं की झांकियां भी सजाई गईं। कथावाचक शैलेश मणि त्रिपाठी ने श्रद्धालुओं को हिरण्यकश्यप वध, नारद मोह, समुद्र मंथन और भगवान के विभिन्न अवतारों का वर्णन किया। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का भी विस्तार से वर्णन करते हुए धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की महत्ता पर प्रकाश डाला। त्रिपाठी ने बताया कि जब-जब पृथ्वी पर अत्याचार, दुराचार और पापाचार बढ़ता है, तब-तब प्रभु का अवतार होता है। प्रभु का अवतार अत्याचार को समाप्त करने और धर्म की स्थापना के लिए होता है। उन्होंने अंत में कहा कि जो प्रभु के चरण और शरण में जाते हैं, प्रभु उन्हें तार देते हैं। इस अवसर पर भोला मिश्र, अयोध्या मिश्र, जवाहर लाल मोदनवाल, गिरिजेश मिश्र, अजय कुमार मिश्र, शम्भू नाथ, रामबहादुर मिश्र, पवन मिश्र सहित सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
श्री कृष्ण जन्मोत्सव पर झूमे श्रद्धालु:श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन धूमधाम से मनाया गया
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