बिहार में हुई स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया को सही ठहराते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सिर्फ सामान्य प्रक्रिया से अलग होने के चलते इसे अवैध नहीं कहा जा सकता है और यह कानूनी रूप से मान्य है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने इसे पूरी तरह से संवैधानिक माना है।
इस खबर को अपडेट किया जा रहा है।












