हमीरपुर। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के मौदहा कोतवाली क्षेत्र के छिरका गांव के निकट रविवार को हुई सड़क दुर्घटना में चार लोगों की मौत से आम लोग खफा हो गये हैं। हादसा इतना वीभत्स था कि कार के परखच्चे उड़ गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार की गति करीब 90 से 100 किमी प्रति घंटा थी। टक्कर के बाद कार के एयरबैग भी खुल गए, लेकिन गति इतनी तेज थी कि वे भी सवारियों की जान नहीं बचा सके।
हादसे की सूचना पाते ही परिजन मौके पर पहुंचे और अपनों के शव देख बिलख-बिलख कर रो पड़े। उधर हादसे में घायल एक महिला की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
उल्लेखनीय है कि कार (संख्या यूपी 78 जेटी 6352) में सवार सभी लोग कानपुर और लखनऊ के रहने वाले थे। मृतकों में कानपुर के नवाबगंज निवासी 55 वर्षीय नरेन्द्र कुमार, कानपुर निवासी 57 वर्षीय राजकपूर, सिग्नेचर सिटी चौराहा नवाबगंज की 54 वर्षीय मीना पत्नी रमेशचंद्र दुबे शामिल हैं।
इसके अलावा, कार चला रहे लखनऊ निवासी 25 वर्षीय युवक आयुष चौहान की भी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में गंभीर रूप से घायल हुई 52 वर्षीय रेखा पत्नी नरेन्द्र कुमार को जिला अस्पताल से कानपुर भेजा गया है।
इस दर्दनाक हादसे के बाद मौदहा और आसपास के क्षेत्रों में गहरा शोक छा गया है, वहीं स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा भी फूट पड़ा है।
लोगों का कहना है कि बिना डिवाइडर वाले इस हाईवे पर आए दिन भीषण हादसे होते रहते हैं और इसे अब खूनी हाईवे कहा जाने लगा है। महज पंद्रह दिन पहले भी इसी सड़क पर एक ऐसा ही भयानक हादसा हुआ था।
स्थानीय नागरिकों ने जनप्रतिनिधियों पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि बार-बार हो रहीं मौतों के बावजूद सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं।
साथ ही क्षेत्र में एक आधुनिक ट्रॉमा सेंटर न होने की वजह से भी गंभीर मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता है, जिससे मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है।
घटना की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी अभिषेक गोयल, पुलिस अधीक्षक मृगांक शेखर पाठक, एसडीएम करनवीर सिंह, कोतवाल संतोष कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
बताते चलें कि, एक पखवाडे पहले भी ऐसा ही भीषण सडक हादसा हुआ था और बिना डिवाईडर के इस खूनी हाईवे में होने वाले हादसे आम बात हैं लेकिन किसी भी जनप्रतिनिधि को बेवजह जा रही निर्दाेषों की जान की कोई फिक्र नहीं है।
बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है दुर्घटनाअभिषेक गोयल जिलाधिकारी ने बताया कि यह बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना है। जैसे ही हमें छिरका गांव के पास कार और डंपर की भिड़ंत की सूचना मिली, तुरंत प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर सक्रिय की गईं।
सभी घायलों को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने चार लोगों को मृत घोषित कर दिया। एक महिला की हालत बेहद नाजुक होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए कानपुर रेफर किया गया है।
मृतकों के परिजनों से संपर्क स्थापित कर लिया गया है। प्रशासन की प्राथमिकता घायल महिला को सर्वाेत्तम चिकित्सा सुविधा दिलाने और पीड़ित परिवारों की हर संभव मदद करने की है। शवों के पंचनामे और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया नियमानुसार कराई जा रही है।
ओवरटेक करने के प्रयास में हुआ हादसामृगांक शेखर पाठक पुलिस अधीक्षक ने बताया कि शुरुआती जांच और चश्मदीदों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह भीषण हादसा एक वाहन को ओवरटेक करने के प्रयास में हुआ।
दोनों ही वाहनों की रफ्तार काफी तेज थी, जिसके कारण चालक नियंत्रण नहीं रख पाए और आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दुर्घटना को अंजाम देने वाले डंपर और उसके चालक को अपनी हिरासत में ले लिया है।
मामले की गहराई से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हाईवे से हटाकर यातायात को पूरी तरह सुचारू करा दिया गया है।











