श्रावस्ती के जमुनहा अंतर्गत ग्राम पंचायत बनगई के मजरा बॉसगढ़ी निवासी सकटू यादव (पुत्र मोहन) का शव लगभग चार महीने बाद नेपाल के जंगल में मिला है। शव की पहचान होने के बाद क्षेत्र में हत्या और आत्महत्या को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। जानकारी के अनुसार, सकटू यादव जनवरी माह के अंतिम सप्ताह में अचानक घर से लापता हो गए थे। परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद 2 फरवरी को उनकी पत्नी सावित्री देवी ने मल्हीपुर थाने में गुमशुदगी की तहरीर दी थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर तलाश शुरू की और जगह-जगह पोस्टर भी लगाए, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। बीते 13 मई को पड़ोसी देश नेपाल के जिला बांके अंतर्गत थाना भगवानपुर क्षेत्र की पुलिस को जंगल में एक पेड़ से लटका हुआ पुराना शव मिला। शव काफी समय पुराना होने के कारण लगभग कंकाल जैसी स्थिति में था। नेपाल पुलिस ने पहचान के लिए शव की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल की। तस्वीर देखने के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने हाथ पर बने टैटू और कपड़ों के आधार पर शव की पहचान सकटू यादव के रूप में की। नेपाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नेपालगंज जिला अस्पताल भेज दिया। शव मिलने के बाद गांव में हत्या और आत्महत्या दोनों पहलुओं पर चर्चा हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सकटू यादव सरल स्वभाव के व्यक्ति थे, जिससे उनके द्वारा ऐसा कदम उठाने की बात पर लोग संदेह व्यक्त कर रहे हैं। रविवार 17 मई को सकटू यादव का शव नेपाल से उनके पैतृक गांव बॉसगढ़ी लाया गया। फिलहाल, पूरे मामले की जांच नेपाल पुलिस द्वारा की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
चार-माह से लापता युवक का शव नेपाल जंगल में मिला:श्रावस्ती के सकटू यादव की पहचान, हत्या-आत्महत्या की जांच जारी
RELATED ARTICLES
Recent Comments
on Hello world!












