नई दिल्ली। औद्योगिक इस्तेमाल के लिए कैटेलिस्ट और सेरेमिक बॉल का उत्पादन करने वाली कंपनी देवसन कैटेलिस्ट का 42.34 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया।
इस आईपीओ में 13 जुलाई तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 14 जुलाई को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 15 जुलाई को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे।
कंपनी के शेयर 16 जुलाई को बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं। सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च होते ही इस आईपीओ को निवेशकों ने हाथों हाथ लिया है, जिसकी वजह से दोपहर 11 बजे के पहले ही ये फुली सब्सक्राइब हो गया था।
इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 112 रुपये से लेकर 118 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 1,200 शेयर का है।
इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 2,400 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,83,200 रुपये का निवेश करना होगा।
इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 35.88 लाख शेयर जारी हो रहे हैं। इनमें 2.5 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये जारी हो रहे हैं।
इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 47.21 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 33.38 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 14.31 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है।
इसके अलावा मार्केट मेकर के लिए 5.10 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इस इश्यू के लिए जेजे आईपीओ एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि एमयूजीएफ इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड रजिस्ट्रार बनाया गया है। वहीं एमएनएम स्टॉक ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का मार्केट मेकर है।
देवसन कैटेलिस्ट की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है।
वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 4.08 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 7.67 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ उछल कर 12.52 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 43.75 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 53.54 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में मामूली तेजी आई। इस साल कंपनी को 56.84 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में इस दौरान गिरावट आई, जिससे ये कंपनी फिलहाल कर्ज मुक्त हो गई है। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 4.17 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 2.78 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसके अगले साल यानी पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक कंपनी पूरी तरह से कर्ज के बोझ से मुक्त हो गई।
इस अवधि में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 13.06 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 20.73 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस उछल कर 23.25 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था।
इस दौरान कंपनी के नेटवर्थ में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 13.36 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 20.98 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में भी कंपनी के नेटवर्थ ने छलांग लगाई। इस वित्त वर्ष के अंत तक कंपनी का नेटवर्थ उछल कर 33.50 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह कंपनी की ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 6.69 करोड़ रुपये के स्तर पर थी, जो 2024-25 में बढ़ कर 10.93 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गई। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक कंपनी की ईबीआईटीडीए उछल कर 16.76 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई थी।











