व्यापारियों को विदेशी मुद्रा पर आये वैश्विक दबाव के विषय में विस्तार से समझाया गया
श्रावस्ती जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग एवं पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी की अध्यक्षता में जनपद के सर्राफा व्यापारियों के साथ कलेक्ट्रट सभागार में बैठक आयोजित की गयी। बैठक में जिलाधिकारी द्वारा उपस्थित व्यापारियों को विदेशी मुद्रा पर आये वैश्विक दबाव के विषय में विस्तार से समझाया गया और यह अपेक्षा की गयी कि सभी व्यापारी देशहित में स्वेच्छा से सोने की बुलियन (ईंट/बिस्किट) की खरीद बिक्री को हितोत्साहित करेगें। भारत प्रति वर्ष लगभग 240-245 मिलियन मिट्रिक टन कच्चे तेल का आयात करता है जिस पर औसतन 130-135 बिलियन डॉलर (लगभग 11.12 लाख करोड़ रूपये) खर्च होता है। देश में प्रतिदिन लगभग 10 करोड़ लीटर पेट्रोल तथा 35 करोड़ लीटर डीज़ल की खपत होती है। दिनांक 28-02-2026 से मध्य पूर्व के देशों में युद्ध की स्थिति होने के कारण पेट्रोल, डीजल एवं रसोई गैस की आवश्यकता पूरी करने के लिये इनके आयात में गम्भीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है तथा कच्चे तेल के मूल्य में वृद्धि होने के कारण अत्यधिक विदेशी मुद्रा खर्च करना पड़ रहा है, जिससे देश एक गम्भीर अर्थिक समस्या से जूझ रहा है। ऐसी स्थिति में हम सभी का दायित्व बनता है कि यथासम्भव विदेशी मुद्रा के व्यय पर नियन्त्रण किया जाय। इसलिए देशहित में ठोस सोना, सोने के सिक्के, बुलियन, गोल्ड बार आदि की बिक्री न करते हुये मात्र आभूषण की बिक्री की जाय।इस पर सर्राफा व्यापारी एसोसिएशन एवं स्थानीय व्यापारियों द्वारा अपनी पूर्ण सहमति व्यक्त की गई। व्यापारियों ने एकजुटता दिखाते हुए कहा कि युद्ध के कारण उपजी वैश्विक परिस्थितिओं को देखते हुए व देश की अर्थव्यवस्था को सम्बल देने के लिये सरकार का हर सम्भव सहयोग करेगें। उपायुक्त राज्य कर श्रावस्ती आनन्द कुमार राय द्वारा बताया गया कि देश में घरेलू स्तर पर 1-2 टन सोने का उत्पादन होता है। जबकि प्रति वर्ष लगभग 700-800 टन सोने का आयात देश के बाहर से होता है। जिसपर प्रति वर्ष लगभग 72 अरब डॉलर (लगभग 6 लाख करोड़ रूपये) का विदेशी मुद्रा खर्च होता है।
उक्त बैठक में सहायक आयुक्त, राज्य कर प्रदीप कुमार, जिलाध्यक्ष उद्योग व्यापार मण्डल श्रावस्ती दीनानाथ गुप्ता, अध्यक्ष सर्राफा व्यापारी संगठन राजा सोनी, जिला महामंत्री सर्राफा व्यापारी संगठन राजेश रस्तोगी, सुनील रस्तोगी, सुनील कुमार सोनी आदि सर्राफा व्यवसायीगण उपस्थित रहे।












