ताजा कद्दू: बाजार की केमिकल वाली सब्जियों को छोड़ें और अपने किचन गार्डन या गमले में बेहद आसान तरीके से एकदम ताजा, ऑर्गेनिक कद्दू उगाएं. जान लें आसान तरीका.
घर के बने खाने में जब अपनी खुद की उगाई हुई फ्रेश सब्जियों का तड़का लगता है. तो स्वाद का लेवल अलग ही लेवल पर पहुंच जाता है. अगर आप भी बाजार की केमिकल वाली सब्जियों से तंग आ चुके हैं. तो अपने घर के किचन गार्डन में कद्दू उगाना एक बेहद शानदार और आसान ऑप्शन साबित हो सकता है.
आजकल लोग अपने घरों की छतों, बालकनी या खाली पड़ी थोड़ी सी जमीन पर ही तरह-तरह की सब्जियां उगाने लगे हैं. कद्दू एक ऐसी ही लाजवाब और बेहद कम रखरखाव वाली फसल है. जिसे आप बहुत ही आसानी से एक बड़े गमले या ग्रो बैग में लगाकर कुछ ही महीनों के भीतर एकदम ताजा फल पा सकते हैं.
इस बेहतरीन सब्जी को उगाने के लिए आपको सबसे पहले मार्केट से या किसी अच्छी नर्सरी से बढ़िया क्वालिटी के कद्दू के बीज लाने होंगे. बीजों को लगाने के लिए थोड़ी उपजाऊ मिट्टी में गोबर की खाद या वर्मीकंपोस्ट मिलाकर एक बढ़िया और न्यूट्रिशन से भरपूर सॉइल मिक्स तैयार कर लेना चाहिए जो पौधों को ताकत दे.
मिट्टी तैयार होने के बाद बीजों को लगभग एक इंच की गहराई पर गमले में बो दें और हल्का सा पानी छिड़क दें. लगभग एक हफ्ते के भीतर ही कद्दू के छोटे-छोटे पौधे मिट्टी से बाहर मुस्कुराते हुए नजर आने लगेंगे. कद्दू की बेल बहुत तेजी से फैलती है इसलिए इसे सहारा देना जरूरी होता है.
जब बेल थोड़ी बड़ी होने लगे तो उसे ऊपर चढ़ाने के लिए किसी रस्सी या लकड़ी का सपोर्ट जरूर दें जिससे पौधे को फैलने के लिए पूरी जगह मिले. कद्दू के पौधे को रोजाना कम से कम पांच से छह घंटे की अच्छी धूप और जरूरत के हिसाब से सही मात्रा में पानी मिलना बेहद जरूरी है.
कीड़े-मकौड़ों से इस हरी-भरी बेल को बचाने के लिए आपको किसी केमिकल वाली दवा की जरूरत नहीं है. आप घर पर ही नीम के तेल या बेकिंग सोडा का हल्का स्प्रे करके अपनी बेल को पूरी तरह सुरक्षित रख सकते हैं. कुछ ही समय में बेल पर पीले रंग के खूबसूरत फूल आने लगेंगे.
एक बार फूल आने के बाद बहुत जल्द ही छोटे-छोटे कद्दू बड़े और रसीले फलों में बदलने लगते हैं. घर के ऑर्गेनिक कद्दू का इस्तेमाल आप सब्जी, रायता या हलवा बनाने के लिए कर सकते हैं. कम मेहनत में मिलने वाली यह ताजी सौगात सच में आपके पूरे परिवार का दिल खुश कर देगी.












