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तहसीलों में 5 और 3 वर्ष पुराने मामलों का जल्द निस्तारण करें अधिकारी-डीएम

प्रतापगढ़। जिलाधिकारी ने अभिषेक पाण्डेय ने सोमवार देर रात कैम्प कार्यालय सभागार में कर-करेत्तर, आईजीआरएस, जनगणना, स्थानान्तरण नीति तथा राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि शासन की प्राथमिकताओं वाले मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए समस्त उपजिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों को निर्देशित किया कि 5 वर्ष एवं 3 वर्ष से अधिक समय से लंबित वादों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कराया जाए। उन्होंने विशेष रूप से धारा-24 एवं धारा-116 के प्रकरणों की सुनवाई में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि अधिकारी अपनी टीम के साथ कार्ययोजना तैयार करें और नियमित मॉनिटरिंग करते हुए लंबित मामलों को समाप्त करें। उन्होंने अंश निर्धारण से संबंधित मामलों में भी तेजी लाने को कहा तथा निर्देशित किया कि जनता को न्याय दिलाने में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। जिलाधिकारी ने कहा कि तहसीलों व कार्यालयों में साफ-सफाई, अनुशासन और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। स्थानान्तरण नीति की समीक्षा करते हुए डीएम ने निर्देश दिए कि कलेक्ट्रेट एवं तहसीलों में पटल परिवर्तन तथा लेखपालों के स्थानान्तरण की प्रक्रिया 31 मई तक हर हाल में पूरी कर ली जाए। उन्होंने तहसीलों में आवश्यक उपकरणों की खरीद के लिए प्रस्ताव शीघ्र उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।
आईजीआरएस पोर्टल पर आने वाली शिकायतों को लेकर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि शिकायतों के निस्तारण में केवल औपचारिकता न निभाई जाए, बल्कि शिकायतकर्ता को संतुष्ट करना प्राथमिक उद्देश्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हो और शिकायतकर्ता से फीडबैक भी लिया जाए, ताकि बार-बार एक ही शिकायत दर्ज न करनी पड़े। डीएम ने कहा कि राजस्व से जुड़े मामलों का निस्तारण मौके पर जाकर किया जाना आवश्यक है, जबकि अन्य विभागों की शिकायतों का समाधान फोन पर संवाद स्थापित कर भी किया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ जनता की समस्याएं सुनने और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
नगरीय निकायों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि नगरीय निकायों की धनराशि केवल नगरीय क्षेत्रों के विकास कार्यों में ही खर्च की जाए। यदि किसी ग्रामसभा में नगरीय निकाय का धन खर्च किया गया तो संबंधित ईओ के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी विकास कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि कार्य पूर्ण होने के बाद उसका भौतिक सत्यापन कराया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि नगरीय निकायों में कराए जाने वाले सभी विकास कार्यों के शिलापट्टों पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों के नाम अनिवार्य रूप से अंकित किए जाएं। 
बैठक में जिला आबकारी अधिकारी को निर्देशित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद की सभी शराब दुकानों के सामने लगे होर्डिंग्स की मानक साइज की जांच कर पांच दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि दुकानों के सामने कोई व्यक्ति शराब का सेवन करते हुए न मिले तथा आसपास गंदगी न फैले। जनगणना कार्यों की समीक्षा के दौरान नोडल अधिकारी नैन्सी सिंह द्वारा विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जनगणना कार्य में लगाए गए कर्मचारी यदि लापरवाही बरतते हैं या ड्यूटी से अनुपस्थित रहते हैं तो उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी। बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) आदित्य प्रजापति, मुख्य राजस्व अधिकारी अजय कुमार तिवारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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