अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने बुधवार को ईरान के खिलाफ इस हफ्ते दूसरी बड़ी सैन्य कार्रवाई की। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह रक्षात्मक कार्रवाई थी, क्योंकि ईरानी सेना की गतिविधियां होर्मुज पोर्ट के आसपास लगातार आक्रामक होती जा रही थीं। अमेरिकी सेना ने चार ईरानी ड्रोन मार गिराए और एक ऐसे सैन्य बेस पर एयरस्ट्राइक की जहां से पांचवां ड्रोन लॉन्च किए जाने की तैयारी थी। इस हमले के बाद ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अभियान को तेज करने के संकेत भी दिए।
अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई ईरान के दक्षिणी शहर बंदर अब्बास के पास की गई। दावा किया गया कि ईरानी ड्रोन अमेरिकी सैन्य ठिकानों और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के लिए खतरा बन रहे थे। इसी वजह से अमेरिका ने तत्काल जवाबी कार्रवाई की। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच लगभग तीन महीने से जारी संघर्ष को खत्म करने के लिए बैकडोर बातचीत चल रही है। इस हमले के बाद बातचीत पर असर पड़ सकता है जिसका खतरा पूरी दुनिया को है।
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क्या बोले ट्रंप?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को व्हाइट हाउस में कैबिनेट बैठक के दौरान कहा कि ईरान अब बेहद कमजोर स्थिति में बातचीत कर रहा है। ट्रंप ने कहा कि ईरान यह सोच रहा था कि अमेरिका में नवंबर में होने वाले मिडटर्म चुनाव तक इंतजार किया जाए ताकि बाद में बेहतर शर्तों पर समझौता किया जा सके लेकिन ऐसा नहीं होने वाला।
ट्रंप ने साफ कहा कि उन्हें मिडटर्म चुनाव की कोई चिंता नहीं है और अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि ईरान समझौता करना चाहता है लेकिन अभी तक अमेरिका पूरी तरह संतुष्ट नहीं है। ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर बातचीत सफल नहीं हुई तो अमेरिका बाकी काम भी पूरा करेगा यानी ट्रंप सीधे ईरान को चेतावनी दे रहे हैं।
होर्मुज बना सबसे बड़ा मुद्दा
इस पूरे संघर्ष का सबसे बड़ा केंद्र होर्मुज पोर्ट बना हुआ है। इस पोर्ट से दुनियाभर में तेल सप्लाई का एक बड़ा हिस्सा जाता है। अमेरिका लगातार यह कोशिश कर रहा है कि होर्मुज पोर्ट को फिर से पूरी तरह खोला जाए ताकि वैश्विक व्यापार सामान्य हो सके। इसके लिए अमेरिका ने ऑपरेशन प्रोजेक्ट फ्रीडम नाम से समुद्री मिशन भी शुरू किया था, जिसके तहत अमेरिकी नौसेना व्यापारिक जहाजों को सुरक्षा देने की कोशिश कर रही है।
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सोमवार को भी हुई थी बड़ी कार्रवाई
इससे पहले सोमवार को अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में मिसाइल लॉन्च साइट और बारूदी सुरंग बिछाने वाले जहाजों पर हमला किया था। पेंटागन ने कहा था कि यह कार्रवाई अमेरिकी सैनिकों और अंतरराष्ट्रीय जहाजों की सुरक्षा के लिए जरूरी थी। ईरान ने अमेरिकी कार्रवाई को संघर्षविराम का उल्लंघन बताया और कहा कि अमेरिका बातचीत के साथ-साथ सैन्य दबाव बनाकर अपना असली चेहरा दिखा रहा है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि अमेरिका बातचीत की बात करते हुए सैन्य हमले कर रहा है, जिससे तनाव और बढ़ सकता है।











