Homeउत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh)मनोरमा नदी का प्रवाह थमा:सूखने से हजारों ग्रामीणों के जीवन पर संकट,...

मनोरमा नदी का प्रवाह थमा:सूखने से हजारों ग्रामीणों के जीवन पर संकट, विधायक-समाजसेवी ने उठाई आवाज

#बस्ती_न्यूज

बस्ती जिले के कप्तानगंज ब्लॉक से होकर बहने वाली मनोरमा नदी अपने अस्तित्व के संकट से जूझ रही है। नदी कई स्थानों पर सूख चुकी है और उसका प्रवाह पूरी तरह थम गया है। यह स्थिति पर्यावरण के साथ-साथ नदी किनारे बसे हजारों ग्रामीणों के जीवन के लिए भी गंभीर खतरा बन गई है। दैनिक भास्कर की टीम ने मौके पर पहुंचकर नदी का जायजा लिया। नदी की इस दुर्दशा को लेकर हरैया विधायक अजय सिंह कुछ दिन पहले विधानसभा में आवाज उठा चुके हैं। इसके अलावा, समाजसेवी चंद्रमणि पांडे सुदामा ने मनोरमा की स्थिति सुधारने की मांग को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पर लगातार धरना प्रदर्शन किया। हालांकि, इन प्रयासों के बावजूद नदी की स्थिति में कोई सुधार नहीं आया है। स्थानीय ग्रामीणों ने नदी को बचाने के लिए विभिन्न सुझाव दिए हैं। महुरैईमा निवासी राम आसरे निषाद ने कहा कि जब तक मनोरमा को सरजू नदी से नहीं जोड़ा जाएगा, तब तक इसकी स्थिति में सुधार संभव नहीं है। वहीं, निरहू निषाद का मानना है कि तेज बहाव ही मनोरमा को पुनर्जीवित कर सकता है। नदी की वर्तमान स्थिति पर बुजुर्ग ग्रामीणों ने गहरा दुख व्यक्त किया। बुजुर्ग वासू ने अपनी आंखों में आंसू लिए हुए बताया कि बचपन में मनोरमा का पानी इतना साफ था कि वे उसे पीते थे। पानी इतना निर्मल था कि गिरा हुआ सिक्का भी साफ दिखाई देता था। आज यह नदी नहाने लायक भी नहीं बची है। स्थानीय निवासी प्रेमचंद ने मनोरमा नदी को क्षेत्र के लोगों के अस्तित्व से जुड़ा बताया। उन्होंने कहा कि इसे बचाने के लिए आम जनता और सरकार दोनों को मिलकर प्रयास करने होंगे। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मनोरमा नदी को पुनर्जीवित करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि तत्काल कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाली पीढ़ियां मनोरमा को केवल इतिहास के पन्नों में ही जान पाएंगी।
#बस्ती न्यूज़ टुडे

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments