HomeHealth & Fitnessजेपी एसोसिएट्स विवाद के बीच वेदांता पर ईडी की कार्रवाई, सियासी बहस...

जेपी एसोसिएट्स विवाद के बीच वेदांता पर ईडी की कार्रवाई, सियासी बहस तेज

नई दिल्ली I वेदांता समूह और उसके चेयरमैन अनिल अग्रवाल से जुड़े ठिकानों पर मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी के बाद कॉरपोरेट और राजनीतिक गलियारों में नई बहस छिड़ गई है। ईडी की कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) से जुड़े कथित उल्लंघनों की जांच के तहत बताई जा रही है।

यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब वेदांता समूह जेपी एसोसिएट्स की परिसंपत्तियों के अधिग्रहण को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ रहा है। कंपनी का दावा है कि उसने करीब 16,726 करोड़ रुपये की सबसे ऊंची बोली लगाई थी, लेकिन बाद में प्रक्रिया बदलकर अदानी समूह की 14,535 करोड़ रुपये की बोली को मंजूरी दे दी गई।

वेदांता ने आरोप लगाया है कि पूरी बोली प्रक्रिया पारदर्शी नहीं थी और मूल्यांकन के मानदंड एक विशेष बोलीदाता के पक्ष में बनाए गए। कंपनी ने इसे “व्यावसायिक साजिश” बताते हुए पहले एनसीएलएटी और फिर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल अधिग्रहण प्रक्रिया पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है और मामला अभी भी न्यायिक विचाराधीन है।

इसी बीच कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने ईडी की कार्रवाई के समय पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि जेपी एसोसिएट्स मामले में अदालत जाने और अडानी समूह को चुनौती देने के कुछ ही दिनों बाद वेदांता पर छापेमारी होना कई सवाल खड़े करता है। 

वहीं सरकार या जांच एजेंसियों की ओर से अब तक ऐसा कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है जो ईडी की कार्रवाई को जेपी एसोसिएट्स विवाद से जोड़ता हो। ऐसे में फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों घटनाओं के बीच कोई संबंध है या यह महज समय का संयोग है।

अब सभी की नजर ईडी की जांच, एनसीएलएटी में चल रही सुनवाई और जेपी एसोसिएट्स अधिग्रहण विवाद के अगले कानूनी चरण पर टिकी है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments