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बरसात से पहले कटाव रोकने की कवायद तेज:सिद्धार्थनगर डीएम के निरीक्षण में खुली कार्यों की धीमी रफ्तार


सिद्धार्थनगर में बरसात का मौसम नजदीक आने के साथ ही कूड़ा नदी के किनारे बसे गांवों में कटान का खतरा बढ़ गया है। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने शुक्रवार को कूड़ा-घोघी तटबंध पर चल रहे कटाव निरोधक कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान कार्यों की धीमी गति पर चिंता व्यक्त की गई। जिलाधिकारी ने कूड़ा नदी के बांये तट पर स्थित तटबंध के किमी 14.940 से 15.190 के मध्य ग्राम इमिलिया और किलोमीटर 20.040 से 20.290 के मध्य ग्राम मस्जिदिया के पास चल रहे कार्यों का जायजा लिया। मौके पर लांचिंग एप्रन और स्टेप स्लोप पिचिंग का कार्य प्रगति पर मिला। क्षेत्रीय लोगों ने आशंका जताई कि यदि समय रहते कार्य पूरा नहीं हुआ, तो बरसात में नदी का तेज बहाव आसपास की आबादी और कृषि भूमि के लिए खतरा बन सकता है। अधिशासी अभियंता ने जिलाधिकारी को बताया कि परियोजना के तहत 250 मीटर एज क्रेटिंग, स्टेप स्लोप पिचिंग, स्लोप पिचिंग और तीन रो में परक्यूपाइन लगाने का कार्य प्रस्तावित है। विभागीय जानकारी के अनुसार, कार्य की शुरुआत 31 मार्च 2026 से हुई है और इसे 30 जून 2026 तक पूरा किया जाना है। हालांकि, मानसून नजदीक होने के कारण अब कार्य की गति पर सवाल उठने लगे हैं। वहीं निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी कार्यों को गुणवत्ता मानकों के अनुरूप तय समय सीमा के भीतर पूरा करने पर जोर दिया। जिलाधिकारी ने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और कार्य की प्रगति की भी समीक्षा की। कूड़ा नदी के कटान से हर वर्ष बरसात में तटवर्ती गांवों में दहशत का माहौल बन जाता है। कई बार किसानों की उपजाऊ जमीन नदी में समा चुकी है। ऐसे में इस बार प्रशासनिक दावे कितने जमीन पर उतरते हैं, यह आने वाले मानसून में साफ होगा। इस निरीक्षण के दौरान इं. कृपा शंकर भारती (अधिशासी अभियंता ड्रेनेज खंड), रवि रंजन कुमार (सहायक अभियंता), राधेश्याम भारती (जूनियर इंजीनियर), राकेश कुमार (जूनियर इंजीनियर) सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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