केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में गुरुवार को जनपद स्तरीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी, त्वरित मक्का गोष्ठी और प्राकृतिक खेती कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन सांसद जगदंबिका पाल, विधायक जय प्रताप सिंह, विधायक विनय वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष शीतल सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. और मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यशाला में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, प्राकृतिक खेती और उत्पादकता बढ़ाने के विभिन्न उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। सांसद जगदंबिका पाल ने इस अवसर पर कहा कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से भूमि की उर्वरा शक्ति प्रभावित हो रही है, इसलिए किसानों को प्राकृतिक खेती की ओर अग्रसर होना चाहिए। उन्होंने बताया कि केंद्र और प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं, जिसके परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश में कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और सिंचाई योजनाओं का लाभ लाखों किसानों तक पहुंच रहा है। सांसद पाल ने ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ योजना का जिक्र करते हुए बताया कि कालानमक चावल का क्षेत्रफल 2 हजार हेक्टेयर से बढ़कर 18 हजार हेक्टेयर हो गया है। इसके साथ ही, सोहना क्षेत्र में मखाना की खेती भी तेजी से बढ़ रही है, जिससे जिले के किसानों के लिए नए अवसर सृजित हो रहे हैं। उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने और कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया। विधायक जय प्रताप सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था का आधार किसान हैं। सरकार किसानों को नई तकनीकों, नवाचारों और आधुनिक कृषि पद्धतियों से जोड़कर सशक्त कर रही है। उन्होंने किसानों से मृदा परीक्षण कराने, नैनो उर्वरकों का उपयोग करने और प्राकृतिक खेती को अपनाने की अपील की। विधायक ने यह भी बताया कि किसान सम्मान निधि, स्वयं सहायता समूह और अन्य योजनाओं के माध्यम से किसानों और महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। विधायक विनय वर्मा ने कहा कि किसान कठिन परिस्थितियों में मेहनत कर देश का अन्न भंडार भरते हैं। सरकार किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, तकनीकी सहायता और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सहयोग प्रदान कर रही है। जिला पंचायत अध्यक्ष शीतल सिंह ने कृषि को देश की रीढ़ बताते हुए कहा कि प्राकृतिक और जैविक खेती समय की आवश्यकता है। कृषि वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन से किसान बेहतर उत्पादन और अधिक आय प्राप्त कर सकते हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य ने कहा कि सरकार किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज और उर्वरक उपलब्ध करा रही है। साथ ही स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य भी किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान प्राकृतिक एवं जैविक खेती करने वाले किसानों को सम्मानित किया गया। जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों और प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस अवसर पर गर्भवती महिलाओं की गोद भराई, नवजात बच्चों का अन्नप्राशन तथा टीबी मरीजों को पोषण पोटली भी वितरित की गई। मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह ने सभी अतिथियों, किसानों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में सांसद प्रतिनिधि एस.पी. अग्रवाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रजत कुमार चौरसिया, उप कृषि निदेशक राजेश कुमार, जिला कृषि अधिकारी रविशंकर पांडेय, कृषि वैज्ञानिकों सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
खरीफ उत्पादकता गोष्ठी में किसान सम्मानित:नवजात बच्चों का अन्नप्राशन, महिलाओं की गोदभराई, टीबी मरीजों को पोटली मिली
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