बहराइच में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को प्रभावी बनाने के लिए 9 से 17 जून तक नाइट ब्लड सर्वे (एनबीएस) चलाया जाएगा। इस सर्वे के तहत जिले के तीन विकास खंडों के नौ चयनित गांवों में रक्त के नमूने लिए जाएंगे। अभियान की तैयारियों के तहत मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. संजय कुमार की अध्यक्षता में अचल प्रशिक्षण केंद्र में ब्लॉक स्तरीय लैब टेक्नीशियनों (एलटी) का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इसमें नमूना संग्रहण, स्लाइड निर्माण, जांच प्रक्रिया और रिपोर्टिंग संबंधी तकनीकी जानकारी दी गई। सीएमओ डॉ. संजय कुमार ने बताया कि सर्वे के लिए नवाबगंज ब्लॉक से जमोघ, जमुनहा और गंगापुर; कैसरगंज ब्लॉक से कड़सर बिटौर, देवलखा और कुदौनी; तथा तेजवापुर ब्लॉक से मैगला, भिरवा और चंदनापुर गांवों का चयन किया गया है। प्रत्येक ब्लॉक में दो रैंडम और एक सेंटीनल गांव शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर लोगों की उंगली से रक्त की बूंद लेकर माइक्रोफाइलेरिया की जांच के लिए स्लाइड तैयार करेंगी। नोडल संचारी रोग डॉ. अनुराग वर्मा ने बताया कि रक्त के नमूने रात 10 बजे से तड़के 2 बजे के बीच ही लिए जाएंगे। डॉ. वर्मा ने स्पष्ट किया कि फाइलेरिया फैलाने वाले सूक्ष्म परजीवी (माइक्रोफाइलेरिया) दिन में शरीर की गहरी रक्त वाहिकाओं में रहते हैं, जबकि रात में वे सतही रक्त प्रवाह में सक्रिय हो जाते हैं। इसी कारण रात के समय नमूने एकत्र करना आवश्यक है। इस नाइट ब्लड सर्वे से किसी क्षेत्र में फाइलेरिया संक्रमण की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाएगा। सर्वे के परिणामों के आधार पर ही आगामी चरण में फाइलेरिया रोधी दवा वितरण और अन्य नियंत्रण गतिविधियों की प्राथमिकता तय की जाएगी।
बहराइच में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान:9 से 17 जून तक नाइट ब्लड सर्वे, 9 गांवों में लिए जाएंगे नमूने
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