श्रावस्ती के नासिरगंज कस्बे में पहली मोहर्रम की मजलिस हुसैनिया इमामबाड़े में अकीदत और एहतराम के साथ संपन्न हुई। इस मजलिस में बड़ी संख्या में अज़ादारों ने शिरकत कर हज़रत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की अज़ीम कुर्बानी को याद किया। मजलिस को संबोधित करते हुए ज़ाकिर ने कर्बला के वाकये पर प्रकाश डाला। उन्होंने इंसानियत, सब्र और हक़ की राह पर चलने का पैगाम दिया। इस दौरान नौहाख्वानी और मातम भी किया गया, जिसमें अज़ादार गम-ए-हुसैन में डूबे नज़र आए। पहली मोहर्रम के साथ ही नासिरगंज कस्बे में अज़ादारी का सिलसिला शुरू हो गया है। यह आगामी दिनों में मजलिस, नौहा और जुलूसों के रूप में जारी रहेगा। स्थानीय अंजुमनों और अज़ादारों के अनुसार, मोहर्रम का महीना इमाम हुसैन और उनके साथियों की कुर्बानी को याद करने तथा उनके बताए इंसानियत, न्याय और सच्चाई के संदेश को अपनाने का अवसर है।
नासिरगंज में पहली मोहर्रम की मजलिस संपन्न:हुसैनिया इमामबाड़े में अकीदतमंदों ने कर्बला के शहीदों को किया याद
RELATED ARTICLES
Recent Comments
on Hello world!












