खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले की गुड़ी रेंज के आमा खुजरी जंगल में रविवार दोपहर वन भूमि पर अवैध फसल बोने से रोकने पहुंची टीम पर लगभग 400 अतिक्रमणकारियों ने महिलाओं की आड़ लेकर लाठियों और गोफन से पत्थरों से हमला कर दिया, जिसमें फ्लाइंग स्क्वॉड के 8 वनरक्षक घायल हो गए।
जानकारी के अनुसार, यह हिंसक झड़प उस वक्त हुई जब बारिश का फायदा उठाकर वन भूमि पर अवैध रूप से फसल बोने की नीयत से आए अतिक्रमणकारियों को खदेड़ने के लिए वन विभाग के 40 कर्मचारियों की टीम मौके पर पहुंची थी।
घायल वनकर्मियों ने बताया कि कार्रवाई को रोकने के लिए सोची-समझी रणनीति के तहत भीड़ ने पहले महिलाओं को आगे कर दिया, जिससे वन विभाग की टीम तुरंत कोई कड़ा कदम नहीं उठा सकी।
इसी का फायदा उठाकर पीछे छिपे उपद्रवियों ने लाठियों और गोफन (पत्थर फेंकने का पारंपरिक हथियार) से बड़े-बड़े पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। अचानक हुए इस सुनियोजित हमले में जवानों को संभलने का मौका नहीं मिला और कई कर्मचारियों के सिर फूट गए, जबकि एक जवान का कान तक कट गया।
इस घटना में गंभीर रूप से घायल हुए सभी कर्मचारी जंगलों की सुरक्षा के लिए वर्ष 2025 में भर्ती किए गए विशेष फ्लाइंग स्क्वॉड का हिस्सा हैं। घायलों की पहचान वनरक्षक ज्वाला सिंह, रोमांक नायक, शैलेंद्र यादव, राजेंद्र सिंह सक्तावत, राजेंद्र बागड़ी, प्रदीप बघेल, चंद्रपाल तोमर और राहुल लोधी के रूप में हुई है, जिन्हें तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अस्पताल में इलाज करा रहे घायल जवानों ने विभाग और स्थानीय प्रशासन पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं। उनका कहना है कि घटना के बाद उन्हें करीब दो घंटे तक कोई मदद नहीं मिली और न ही पुलिस व एंबुलेंस समय पर मौके पर पहुंच सकी।
गुड़ी रेंज के रेंजर नरेंद्र पटेल ने बताया कि वन विभाग ने हमले में शामिल उपद्रवियों और अतिक्रमणकारियों की शिनाख्त का काम शुरू कर दिया है। जल्द ही सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
दूसरी तरफ, इस जानलेवा हमले से डरे और आक्रोशित वन कर्मचारियों ने जंगलों में अतिक्रमण विरोधी अभियानों के दौरान अपनी जान की सुरक्षा के लिए सरकार और प्रशासन से स्थायी पुलिस सुरक्षा बल तैनात करने की पुरजोर मांग उठाई है।












