Homeउत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh)श्रावस्ती में एक साल से खराब हैंडपंप:हर मंगलवार प्यासे रह जाते हैं...

श्रावस्ती में एक साल से खराब हैंडपंप:हर मंगलवार प्यासे रह जाते हैं सैकड़ों लोग; बाजार में बोतलबंद पानी खरीदने को मजबूर


चन्द्रखा ग्राम में लगने वाले साप्ताहिक बाजार में पेयजल की समस्या लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। बाजार परिसर में लगा इंडिया मार्क-II हैंडपंप पिछले करीब एक साल से खराब पड़ा है। मंगलवार को लगने वाले हाट में सैकड़ों दुकानदार और खरीदार पहुंचते हैं, लेकिन पानी की व्यवस्था न होने से उन्हें भीषण गर्मी में बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान होना पड़ता है। एक साल से शोपीस बना सरकारी हैंडपंप बाजार में लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लगाया गया सरकारी हैंडपंप लंबे समय से खराब है। स्थानीय लोगों के मुताबिक हैंडपंप का ऊपरी हिस्सा क्षतिग्रस्त है और उसके कई पुर्जे गायब हैं। इसके चलते हैंडपंप पूरी तरह बंद पड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार समस्या की जानकारी जिम्मेदारों को दी गई, लेकिन अब तक मरम्मत नहीं कराई गई। हर मंगलवार जुटती है सैकड़ों लोगों की भीड़ चन्द्रखा में प्रत्येक मंगलवार साप्ताहिक बाजार लगता है। इसमें आसपास के साथ-साथ दूर-दराज के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग सब्जियां और अन्य सामान बेचने पहुंचते हैं। खरीदारों की भी भीड़ रहती है। ऐसे में बाजार में पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं होने से दुकानदारों और ग्राहकों दोनों को परेशानी उठानी पड़ रही है। घरों से पानी मांगने की मजबूरी हैंडपंप खराब होने के कारण बाजार आने वाले लोगों को पानी के लिए आसपास के घरों का सहारा लेना पड़ता है। कई लोग दुकानदारों या ग्रामीणों से पानी मांगकर अपनी प्यास बुझाते हैं। वहीं, जिन्हें पानी नहीं मिल पाता, उन्हें मजबूरी में बाजार में महंगे दाम पर बोतलबंद पानी खरीदना पड़ता है। गर्मी में बढ़ी परेशानी, जिम्मेदार बेखबर भीषण गर्मी के बीच बाजार में पेयजल की व्यवस्था नहीं होना लोगों के लिए गंभीर समस्या बन गया है। लंबे समय से खराब पड़े सरकारी हैंडपंप की मरम्मत नहीं होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि सार्वजनिक स्थान पर लगे पेयजल स्रोत को जल्द दुरुस्त कराया जाना चाहिए, ताकि बाजार आने वाले लोगों को राहत मिल सके। पुर्जे गायब, मरम्मत का इंतजार स्थानीय लोगों के मुताबिक हैंडपंप के कई पुर्जे गायब हैं और ऊपरी हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि मामूली मरम्मत से समस्या दूर हो सकती है, लेकिन विभागीय उदासीनता के कारण एक साल से हैंडपंप बंद पड़ा है। इससे सरकारी सुविधा का उद्देश्य भी पूरा नहीं हो पा रहा है। दुकानदारों ने अधिकारियों से लगाई गुहार क्षेत्रीय निवासी रितेश और महेश तथा बाजार के दुकानदार इमरान, हलीम और बशीर ने संबंधित विभागीय अधिकारियों से हैंडपंप की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि बाजार में आने वाले सैकड़ों लोगों की जरूरत को देखते हुए पेयजल व्यवस्था बहाल करना बेहद जरूरी है। उन्होंने जल्द कार्रवाई कर पानी के संकट से राहत दिलाने की मांग की है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments