बहराइच जिले के मिहींपुरवा विकास खंड की ग्राम पंचायत गौड़ारिया में हैंडपंप घोटाले का मामला सामने आया है। आरोप है कि शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए आए सरकारी बजट में बड़ी अनियमितता हुई है, जिससे ग्रामीणों को चार महीने से शुद्ध पानी नहीं मिल पा रहा है। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, कई हैंडपंपों का रीबोर किया जा चुका है। हालांकि, मौके पर हुई जांच में पता चला कि केवल एक हैंडपंप का ही वास्तव में रीबोर हुआ है। शेष तीन हैंडपंप केवल कागजों में ही चालू दिखाए गए हैं। आरोप है कि घोटालेबाजों ने चालाकी से काम किया। उन्होंने एकमात्र रीबोर हुए हैंडपंप की लोकेशन डेटा और तस्वीरें अलग-अलग एंगल से ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड कर दीं। इस तरह उन्होंने तीनों कागजी रीबोर के लिए भी पूरी रकम का भुगतान करा लिया। इस फर्जीवाड़े के माध्यम से, तीन गैर-मौजूद हैंडपंपों के रीबोर का पूरा सरकारी पैसा कथित तौर पर हड़प लिया गया। यह घोटाला केवल रीबोर तक ही सीमित नहीं है। हैंडपंप की मरम्मत के नाम पर भी फर्जी बिल-वाउचर तैयार कर हजारों रुपये की अवैध निकासी का गंभीर आरोप है। इस बड़े घोटाले की जानकारी उच्च अधिकारियों तक पहुंचने पर प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए खंड विकास अधिकारी (BDO) ने संज्ञान लिया है। उन्होंने स्वयं मौके पर जाकर निष्पक्ष जांच करने का आश्वासन दिया है। विकासखंड अधिकारी मिहींपुरवा विजय कुमार सिंह से संपर्क करने पर उन्होंने इंडिया मार्का नल खराब होने की जानकारी की पुष्टि की और तुरंत मौके की जांच करवाने की बात कही। अब देखना होगा कि इस जांच में कितनी सच्चाई सामने आती है और क्या दोषी प्रधान-सचिव के खिलाफ कोई कार्रवाई होती है।
बहराइच में हैंडपंप घोटाला, 3 कागजी रीबोर:प्रधान-सचिव पर सरकारी पैसे हड़पने का आरोप, ग्रामीण शुद्ध पानी से वंचित
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