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हिमाचल पंचायत चुनाव : 742 नामांकन रद्द, 85 हजार से ज्यादा उम्मीदवार मैदान में

शिमला। हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव की तस्वीर अब काफी हद तक साफ हो गई है। नामांकन पत्रों की जांच के बाद बुधवार को प्रदेशभर में 742 उम्मीदवारों के नामांकन रद्द कर दिए गए हैं।

सबसे ज्यादा 254 नामांकन कांगड़ा जिले में खारिज हुए हैं। इसके बाद ऊना में 166 और मंडी में 54 उम्मीदवार चुनावी दौड़ से बाहर हो गए हैं। राज्य निर्वाचन आयोग की जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब प्रदेश में कुल 85,462 उम्मीदवार मैदान में रह गए हैं।

राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार प्रदेशभर में पंचायत चुनाव के लिए कुल 86,204 नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे। इनकी जांच 12 और 13 मई को संबंधित रिटर्निंग और सहायक रिटर्निंग अधिकारियों ने की। जांच में नियमों के अनुरूप दस्तावेज नहीं मिलने और अन्य तकनीकी कारणों से 742 नामांकन पत्र अस्वीकृत किए गए।

शिमला में 15 प्रधान पदों के उम्मीदवारों सहित 49 नामांकन रद्द
जिलावार आंकड़ों पर नजर डालें तो बिलासपुर में 15, चंबा में 36, हमीरपुर में 32, किन्नौर में 23, लाहौल-स्पीति में 3, कुल्लू में 26, शिमला में 49, सिरमौर में 46 और सोलन में 38 नामांकन रद्द किए गए हैं।

शिमला जिले में कुल 8,662 नामांकन दाखिल हुए थे, जिनमें से 49 रद्द होने के बाद अब 8,613 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। शिमला जिला में प्रधान पद के 15, उपप्रधान पद के 10, वार्ड सदस्य पद के 22 और बीडीसी पद के 2 उम्मीदवारों के नामांकन जांच में अमान्य पाए गए।

किस जिले में कितने उम्मीदवार मैदान में बचे
नामांकन जांच के बाद कांगड़ा में सबसे ज्यादा 19,428 उम्मीदवार चुनाव लड़ेंगे। मंडी में 14,565 उम्मीदवार मैदान में हैं। चंबा में 8,443, शिमला में 8,613 और सिरमौर में 5,924 उम्मीदवार वैध पाए गए हैं।

इसके अलावा बिलासपुर में 4,195, हमीरपुर में 5,343, किन्नौर में 1,405, लाहौल-स्पीति में 490, कुल्लू में 5,791, सोलन में 5,591 और ऊना में 5,674 उम्मीदवार चुनाव लड़ेंगे। अब उम्मीदवारों के पास 15 मई तक नाम वापस लेने का मौका रहेगा। इसके बाद चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे।

31 हजार से ज्यादा पदों के लिए होगा मुकाबला
हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव तीन चरणों में 26, 28 और 30 मई को होंगे। इस बार प्रदेश में कुल 31,182 पदों के लिए मतदान कराया जाएगा।

इनमें 3,754 प्रधान, 3,754 उपप्रधान, 21,654 वार्ड सदस्य, 1,769 बीडीसी सदस्य और 251 जिला परिषद सदस्य शामिल हैं प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्य पदों की मतगणना मतदान खत्म होने के तुरंत बाद की जाएगी।

वहीं जिला परिषद और बीडीसी सदस्य पदों की मतगणना 31 मई को होगी। पंचायत चुनाव को लेकर ग्रामीण इलाकों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और नामांकन जांच के बाद अब मुकाबले की तस्वीर भी साफ होने लगी है।

50 लाख मतदाता करेंगे फैसला, सबसे ऊंचा मतदान केंद्र लाहौल-स्पीति में
इस बार पंचायत चुनाव में 50 लाख से ज्यादा मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। करीब 52 हजार युवा पहली बार वोट डालेंगे, जिनमें लगभग 23 हजार महिलाएं शामिल हैं। प्रदेशभर में 21,678 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।

लाहौल-स्पीति के काजा क्षेत्र के लांगजा स्थित कामो पाठशाला में 4,587 मीटर की ऊंचाई पर प्रदेश का सबसे ऊंचा मतदान केंद्र बनाया गया है।

वहीं सिरमौर जिले के पांवटा साहिब क्षेत्र की एक पंचायत में सबसे ज्यादा मतदाता हैं। दूसरी ओर किन्नौर के पूह क्षेत्र के सुमरा गांव में सबसे कम 178 मतदाता दर्ज किए गए हैं।

 

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