राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) गोरक्ष प्रांत द्वारा सरस्वती विद्या मंदिर परिसर में आयोजित 15 दिवसीय संघ शिक्षा वर्ग और घोष वर्ग का समापन शुक्रवार शाम को हुआ। यह समारोह शाम 6 बजे से रात 8 बजे तक चला, जिसमें संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित रहे। समारोह के मुख्य वक्ता अखिल भारतीय सह प्रचारक प्रमुख अरुण जैन ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान में विश्व कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे समय में मानवता को भारत के जीवन-दर्शन, सांस्कृतिक मूल्यों और समग्र दृष्टिकोण की आवश्यकता है। संघ ने एक ऐसी कार्यपद्धति विकसित की है, जिससे विविधताओं से युक्त हिंदू समाज को संगठित और सशक्त बनाया जा सकता है। जैन ने जोर दिया कि संगठित समाज ही किसी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति होता है। उनके अनुसार, इसी के माध्यम से भारत का गौरवपूर्ण उत्थान संभव है। संघ ऐसे कार्यकर्ताओं का निर्माण करना चाहता है जो स्वार्थ, जाति, क्षेत्र और अन्य भेदभावों से ऊपर उठकर राष्ट्र एवं समाज के लिए कार्य करें। भारत का समय आ गया है और विश्व को नई दिशा देने की जिम्मेदारी भारत पर है। जैन ने यह भी उल्लेख किया कि विश्व के कई देश भारतीय चिंतन और जीवन मूल्यों को अपना रहे हैं। हालांकि, नेतृत्व उसी का स्वीकार किया जाता है जिसके पास शक्ति और संगठन हो। इसलिए, समाज को संगठित करने और राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया को गति देने की आवश्यकता है। जैन ने अपने संबोधन में ‘विश्व बंधुत्व’ और ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ को केवल नारे नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की मूल भावना बताया। उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा पूरी मानवता को एक परिवार मानने का संदेश दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में विश्व संघर्ष, स्वार्थ, पर्यावरणीय संकट और असंतुलित विकास जैसी चुनौतियों से घिरा है। इन समस्याओं का समाधान भारतीय जीवन मूल्यों में ही निहित है। उन्होंने वैश्विक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान, तकनीकी परिवर्तन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी नई चुनौतियां दुनिया के सामने खड़ी हैं। ऐसे समय में भारत को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार करना होगा। उन्होंने कहा कि संघ को केवल दूर से देखने या उसके बारे में सुनने के बजाय लोगों को संघ के कार्यों को निकट से समझना चाहिए और राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में सहभागी बनना चाहिए। समापन समारोह में शिक्षार्थियों ने अपने 15 दिवसीय प्रशिक्षण का प्रदर्शन भी किया। स्वयंसेवकों ने नियुद्ध, दंड प्रहार, घोष वादन, पद विन्यास, योग तथा विभिन्न शारीरिक कौशलों का अनुशासित और आकर्षक प्रदर्शन कर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। प्रदर्शन के दौरान स्वयंसेवकों के अनुशासन, दक्षता और समर्पण की झलक दिखाई दी। पूरे परिसर में राष्ट्रभक्ति और संगठनात्मक ऊर्जा का वातावरण बना रहा। वर्ग के दौरान शिक्षार्थियों को राष्ट्र सेवा, स्वजागरण, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता, नागरिक कर्तव्यों और चरित्र निर्माण से संबंधित विषयों का प्रशिक्षण दिया गया। संघ पदाधिकारियों ने बताया कि ऐसे प्रशिक्षण वर्गों का उद्देश्य समाज जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय, जागरूक और राष्ट्रनिष्ठ कार्यकर्ताओं का निर्माण करना है। इस अवसर पर संघ के प्रांत प्रचारक रमेश, डॉ. अवधेश, सह प्रांत प्रचारक सुरजीत, अरविंद सिंह, गोकुल गोयल, राजीव नयन, अजीत, विशाल एवं विनय सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। समारोह में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, क्षेत्रीय अध्यक्ष सहजानंद राय, डुमरियागंज सांसद जगदंबिका पाल, पूर्व मंत्री जयप्रताप सिंह, विधायक श्यामधनी राही, पूर्व मंत्री सतीश द्विवेदी, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य, आशीष शुक्ला, गोविंद माधव, कुंवर विक्रम सिंह, उपेंद्र सिंह, दिवाकर विक्रम, कन्हैया पासवान, सत्यप्रकाश राही, पूजा पाल, मातृ शक्ति प्रमुख डॉ. सीमा मिश्रा, सुषमा सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और स्वयंसेवक मौजूद रहे। कुछ और तस्वीरें देखें
संघ की कार्यपद्धति से हिंदू होगा संगठित:सिद्धार्थनगर में RSS का शिक्षा वर्ग शिविर, सह प्रचारक बोले- संगठित समाज राष्ट्र की वास्तविक शक्ति
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