जौनपुर। जिले में भाजपा मंडल प्रभारियों की सूची में प्रजापति समाज की उपेक्षा का मुद्दा उठाने के बाद प्रजापति महासभा के जिलाध्यक्ष एवं अधिवक्ता सुरेंद्र कुमार प्रजापति को कथित रूप से धमकी दिए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है।
शुक्रवार को सुरेंद्र कुमार प्रजापति ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत प्रजापति के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की। इस बीच कथित धमकी भरा ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
प्रजापति महासभा जौनपुर के जिलाध्यक्ष एवं सिविल कोर्ट के अधिवक्ता सुरेंद्र कुमार प्रजापति ने आरोप लगाया है कि भाजपा मंडल प्रभारियों की सूची में प्रजापति समाज के एक भी व्यक्ति को स्थान न दिए जाने पर उन्होंने समाज की उपेक्षा का मुद्दा उठाया था।
इसके बाद भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत प्रजापति ने फोन कर गाली-गलौज की तथा जान से मारने की धमकी दी।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कथित ऑडियो में “लात-घूसों से मारूंगा”, “ज्यादा मत उड़ो”, “ठीक कर दूंगा” जैसे शब्द सुनाई दे रहे हैं।
ऑडियो में कथित रूप से यह भी कहा गया कि “ठाकुर-ब्राह्मण के ऊपर चढ़कर जिला अध्यक्ष बना हूं, ऐसे ही यहां तक नहीं पहुंचा हूं।” इस ऑडियो के सामने आने के बाद मामला और गरमा गया है।
सुरेंद्र कुमार प्रजापति ने जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि 21 मई की सुबह करीब 8:15 बजे जब वह दीवानी न्यायालय जौनपुर में मौजूद थे, उसी दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष ने फोन कर अभद्र भाषा का प्रयोग किया और जान से मारने की धमकी दी।
उन्होंने कहा कि बातचीत की रिकॉर्डिंग उनके पास सुरक्षित है और उन्हें अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। सुरेंद्र कुमार प्रजापति ने कहा कि “हमने केवल अपने समाज की उपेक्षा का सवाल उठाया था। लोकतंत्र में अपनी बात कहना अपराध नहीं है।
लेकिन उसके बदले मुझे गालियां दी गईं और जान से मारने की धमकी दी गई। हमने एसपी और डीएम को ज्ञापन देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया है।”
उन्होंने यह भी कहा कि प्रजापति समाज लगातार भाजपा संगठन में उपेक्षित महसूस कर रहा है और समाज की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
मामले को लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत प्रजापति का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि “उसे जो गाली दिया था उसी का ऑडियो वायरल हो रहा है। गुस्सा लगता है। 5-7 साल से मेरे पीछे पड़ा था सुरेंद्र प्रजापति उसे जानबूझकर गुस्सा लगने पर गाली दिया।
उसे समझा दिया हूं।”ऑडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर भाजपा जिलाध्यक्ष की तीखी आलोचना हो रही है। कई लोग इसे सत्ता का अहंकार बता रहे हैं, जबकि प्रजापति समाज के लोग इसे समाज के सम्मान से जोड़कर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।













