उरई । उत्तर प्रदेश के जनपद जालाैन के नदीगांव क्षेत्र के ग्राम पंचायत रूरा सिरसा की प्रधान जानकी देवी ने 26 राशन कार्डधारकों के साथ सोमवार को जिलाधिकारी जालौन राजेश कुमार पांडेय को शिकायती पत्र सौंपकर गांव के कोटेदार शिववीर सिंह पर राशन वितरण में गंभीर अनियमितताओं और धांधली के आरोप लगाए हैं। प्रधान ने आरोप लगाया है कि कोटेदार पात्र लाभार्थियों को निर्धारित मात्रा से कम राशन वितरित कर रहा है, । जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेस ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
पीड़ितों के अनुसार, राशन कार्ड धारकों को प्रति चार यूनिट पर 20 किलोग्राम खाद्यान्न मिलने का प्रावधान है, लेकिन कोटेदार द्वारा केवल 18 किलोग्राम राशन ही दिया जा रहा है। आरोप है कि प्रत्येक राशन कार्ड धारक को लगभग दो किलोग्राम गेहूं और चावल कम तौलकर वितरित किया जाता है।
प्रधान जानकी देवी और ग्रामीणों का कहना है कि जब उन्होंने इस संबंध में कोटेदार से सवाल किया तो उसने बताया कि गोदाम से आने वाली 50 किलोग्राम की बोरी का वास्तविक वजन कम निकलता है, इसलिए वह राशन कम तौलकर बांटता है। हालांकि प्रधान ने इस तर्क को निराधार बताते हुए कहा कि कोटेदार लंबे समय से अनियमितता और धांधली करने का आदी है तथा सरकारी खाद्यान्न वितरण व्यवस्था को नुकसान पहुंचा रहा है।
प्रधान और राशन कार्डधारकों ने यह भी आरोप लगाया कि राशन वितरण में गड़बड़ियों की शिकायत करने पर कोटेदार ग्रामीणों और शिकायतकर्ताओं को धमकाने का प्रयास करता है। इससे गरीब और जरूरतमंद लाभार्थी खुलकर अपनी बात नहीं रख पा रहे हैं। मामले को गंभीर बताते हुए ग्राम प्रधान ने जिलाधिकारी से निष्पक्ष जांच कराने तथा आरोप सिद्ध होने पर कोटेदार शिववीर सिंह के खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए उसका उचित दर विक्रेता (कोटा) लाइसेंस निरस्त करने की मांग की है। वहीं जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडे ने पूरे मामले में जांच के आदेश दिए हैं।












