श्रावस्ती में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मल्हीपुर में बीते एक सप्ताह के दौरान 65 लोगों को एंटी रैबीज वैक्सीन (एआरवी) लगाई गई। यह कदम कुत्ता, बंदर और बिल्ली के काटने की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर उठाया गया है। वैक्सीन लेने वालों में पुरुष, महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, इन मामलों में सबसे अधिक घटनाएं आवारा कुत्तों के काटने की सामने आई हैं। इसके अतिरिक्त, बंदर और बिल्ली के काटने के कुछ मामले भी दर्ज किए गए हैं।घायल व्यक्तियों को प्राथमिक उपचार प्रदान करने के साथ ही चिकित्सकों द्वारा समय पर एंटी रैबीज वैक्सीन लगाई गई। इसका उद्देश्य संक्रमण के खतरे को कम करना है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. रविंद्र सोनकर ने बताया कि किसी भी जानवर के काटने या खरोंच लगने पर प्रभावित स्थान को तुरंत साबुन और साफ पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए। उन्होंने सलाह दी कि बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचकर चिकित्सकीय परामर्श लेना आवश्यक है। डॉ. सोनकर ने जोर दिया कि रैबीज एक गंभीर बीमारी है, इसलिए इसमें लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए और चिकित्सक द्वारा निर्धारित वैक्सीन की सभी खुराकें समय पर लगवानी चाहिए।स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से आवारा पशुओं से दूरी बनाए रखने और बच्चों पर विशेष निगरानी रखने की अपील की है। विभाग ने यह भी सलाह दी है कि किसी भी पशु के काटने की स्थिति में झाड़-फूंक या घरेलू उपचार पर निर्भर रहने के बजाय तत्काल अस्पताल पहुंचना चाहिए।
एक सप्ताह में 65 लोगों को लगा एंटी रैबीज वैक्सीन:श्रावस्ती के सीएचसी मल्हीपुर में कुत्ता, बंदर, बिल्ली के काटने के मामले सामने आए
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