सीवान । मानसून से पहले पुलों की सुरक्षा को लेकर पथ निर्माण विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। संभावित हादसों को रोकने और पुलों की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के उद्देश्य से विभाग ने जिले के प्रमुख पुलों की विशेष जांच शुरू कर दी है।
विभागीय निर्देश के बाद शुक्रवार को अधीक्षण अभियंता सीमा रानी और कार्यपालक अभियंता समलदेव कुमार ने शहर के दाहा नदी स्थित पुल, न्यू हसुआ पथ स्थित पुल समेत कई महत्वपूर्ण पुलों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान पुलों की संरचना, तकनीकी मजबूती और सुरक्षा मानकों की गहन जांच की गई। अधिकारियों ने फाउंडेशन, बेयरिंग, गडर, स्पैन स्लैब, पाइल, एक्सपेंशन ज्वाइंट, वायरिंग सिस्टम और अन्य तकनीकी हिस्सों का बारीकी से परीक्षण किया। इसके साथ ही अप्रोच रोड की स्थिति, ड्रेनेज सिस्टम की सफाई तथा पुल के दोनों छोर की वर्तमान स्थिति का भी आकलन किया गया।
जहां-जहां तकनीकी कमियां मिलीं, उन्हें चिह्नित कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की गई है, जिसे मुख्यालय भेजा जाएगा। इसी रिपोर्ट के आधार पर पुलों की मरम्मत और रखरखाव की आगे की कार्ययोजना तय की जाएगी।
अधीक्षण अभियंता सीमा रानी ने कहा कि पुलों की सुरक्षा और गुणवत्ता के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों और अभियंताओं को नियमित निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए कहा कि बारिश के मौसम में पुलों पर दबाव बढ़ जाता है, इसलिए पहले से सतर्कता बेहद जरूरी है।
कार्यपालक अभियंता समलदेव कुमार ने बताया कि जिले के सभी महत्वपूर्ण पुलों की जांच शुरू कर दी गई है और निरीक्षण रिपोर्ट लगातार मुख्यालय भेजी जा रही है। जिन पुलों की स्थिति कमजोर या जर्जर पाई जाएगी, उनकी मरम्मत की कार्ययोजना पर तत्काल काम शुरू कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभाग का उद्देश्य केवल औपचारिक जांच करना नहीं, बल्कि समय रहते वास्तविक स्थिति का आकलन कर जरूरी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
जांच के दौरान अभियंताओं ने पुलों के नीचे जल बहाव और निकासी व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों का मानना है कि कई बार ड्रेनेज जाम होने और समय पर सफाई नहीं होने से पुलों की संरचना प्रभावित होती है। ऐसे में मानसून से पहले सभी तकनीकी बिंदुओं की जांच और आवश्यक मरम्मत बेहद जरूरी है।
विभाग की इस कार्रवाई को हाल के दिनों में विभिन्न जिलों में सामने आए पुल हादसों और लगातार मिल रही शिकायतों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। सरकार ने सभी जिलों से पुलों की स्थिति संबंधी रिपोर्ट मांगी है, जिसके बाद विभागीय टीमें लगातार फील्ड में उतरकर निरीक्षण कर रही हैं।
अधीक्षण अभियंता ने मानसून अवधि में विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश देते हुए कहा कि नियमित मॉनिटरिंग, तकनीकी जांच और समय पर मरम्मत से ही बड़े हादसों को रोका जा सकता है। विभाग की कोशिश है कि बारिश के दौरान आम लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिलती रहे।












