नानपारा के नील कोठी-तायपुर टेड़िया संपर्क मार्ग के निर्माण में अनियमितता की शिकायतें सामने आई हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सड़क 6 इंच की निर्धारित मोटाई के बजाय केवल 4 इंच बनाई जा रही है और मोरंग की जगह पत्थर की धूल का इस्तेमाल किया जा रहा है। इन शिकायतों के बाद अवर अभियंता ने निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से रुकवा दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि गिट्टी-तारकोल की जगह आरसी सड़क का निर्माण हो रहा है, जिसमें गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है। निर्माण की खराब गुणवत्ता को लेकर नील कोठी के निवासी दिवाकर मिश्रा, शिव कुमार पासवान, रुपेश कुमार, दीपक जायसवाल, अमरेंद्र सिंह, वेद प्रकाश, अमरीश सिंह, सुधांशु जायसवाल, मोनू यादव और पंकज जायसवाल सहित दर्जनों ग्रामीणों ने मीडिया के सामने आकर विरोध प्रदर्शन किया और काम रुकवा दिया। यह मार्ग कई वर्षों से ग्रामीणों की मांग थी, जिसे नानपारा विधायक राम निवास वर्मा के प्रयासों से स्वीकृत किया गया था। विधायक ने ही इस सड़क का शिलान्यास किया था। अब घटिया निर्माण को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। सड़क निर्माण कर रहे ठेकेदार ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सड़क का निर्माण मानक के अनुरूप ही किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि किसी को संदेह है, तो वे सड़क खोदकर जांच करवा सकते हैं। वहीं, अवर अभियंता इलियास हसन ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत मिलते ही निर्माण कार्य रोक दिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सड़क का निर्माण शासन की गाइडलाइन के अनुसार ही कराया जाएगा। मोटाई और सामग्री की गुणवत्ता की जांच की जाएगी और मानकों से कोई समझौता नहीं होगा। कई सालों की प्रतीक्षा के बाद शुरू हुए इस सड़क निर्माण में गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों के बाद अब जांच का इंतजार है। यह देखना होगा कि जांच के बाद सड़क का निर्माण कब तक निर्धारित मानकों के अनुसार पूरा होता है।
सड़क निर्माण में अनियमितता: ग्रामीणों ने काम रोका:6 इंच की जगह 4 इंच सड़क, मोरंग की जगह पत्थर की धूल
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