लखनऊ। राजधानी में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने और अवैध रूप से संचालित ई-रिक्शाओं पर अंकुश लगाने के लिए लखनऊ पुलिस ने विशेष सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान शहर के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 2201 ई-रिक्शाओं की जांच की गई। जांच के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 434 ई-रिक्शाओं का चालान किया गया, जबकि गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर 117 ई-रिक्शाओं को सीज कर दिया गया।
पुलिस आयुक्त अमरेंद्र कुमार सेंगर के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान में सभी जोनों के पुलिस उपायुक्तों, सहायक पुलिस आयुक्तों और थाना प्रभारियों की टीमों ने भाग लिया। अभियान का उद्देश्य शहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना, सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना और अवैध रूप से संचालित वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करना था।
पुलिस द्वारा बिना वैध दस्तावेजों के चल रहे ई-रिक्शाओं, क्षमता से अधिक सवारी बैठाने वाले चालकों तथा प्रतिबंधित और अव्यवस्थित स्थानों पर वाहन खड़ा कर यातायात बाधित करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। इसके साथ ही ई-रिक्शा चालकों को यातायात नियमों का पालन करने और निर्धारित मानकों के अनुरूप वाहन संचालन करने के लिए जागरूक भी किया गया।
अभियान के तहत चारबाग रेलवे स्टेशन, आलमबाग बस स्टेशन, कैसरबाग बस अड्डा, हजरतगंज, परिवर्तन चौक, निशातगंज, इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहा, मुंशी पुलिया, पॉलिटेक्निक चौराहा, कमता, चिनहट, गोमतीनगर रेलवे स्टेशन, आशियाना, पीजीआई, चौक, अमीनाबाद, राजाजीपुरम, दुबग्गा और अन्य भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष चेकिंग की गई।
जोनवार कार्रवाई में पश्चिमी जोन में सबसे अधिक 778 ई-रिक्शाओं की जांच की गई, जहां 190 चालान और 44 वाहनों को सीज किया गया। वहीं मध्य जोन में 553 ई-रिक्शाओं की जांच के दौरान 100 चालान और 26 सीज की कार्रवाई हुई। दक्षिणी जोन में 379 वाहनों की जांच कर 78 चालान और 28 सीज किए गए। पूर्वी जोन में 279 ई-रिक्शाओं की जांच के दौरान 44 चालान और 5 सीज की कार्रवाई हुई, जबकि उत्तरी जोन में 212 वाहनों की जांच कर 22 चालान और 14 वाहन सीज किए गए।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर में सुरक्षित और सुगम यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस प्रकार के अभियान आगे भी जारी रहेंगे। पुलिस ने सभी ई-रिक्शा चालकों से अपील की है कि वे वैध दस्तावेजों के साथ वाहन चलाएं, निर्धारित क्षमता से अधिक सवारी न बैठाएं और यातायात नियमों का पूरी तरह पालन करें, ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।












