रिपोर्ट:हेमन्त कुमार दुबे।
महराजगंज।मिठौरा ब्लॉक क्षेत्र के मदनपुरा गांव स्थित गोसदन में शनिवार को उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब दो गोवंशीय पशुओं की मौत के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। कार्यकर्ताओं ने गोसदन के कर्मचारियों और जिम्मेदार अधिकारियों पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिसर में जमकर हंगामा किया। हालात बिगड़ते देख भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभालना पड़ा।
*बार-बार हो रही मौतों से आक्रोश, कार्रवाई पर अड़े कार्यकर्ता।*
जानकारी के मुताबिक, गोसदन में गोवंशों की मौत की सूचना मिलते ही बजरंग दल के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में वहां पहुंच गए। उन्होंने आरोप लगाया कि गोसदन में पशुओं की देखभाल और चारे-पानी की सही व्यवस्था नहीं की जा रही है, जिसके चलते लगातार गोवंश दम तोड़ रहे हैं। कार्यकर्ताओं का कहना था कि कुछ महीने पहले भी यहां कई पशुओं की मौत हुई थी, लेकिन तब भी प्रशासन ने जिम्मेदारों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। कार्यकर्ताओं ने दोटूक कहा कि इस बार दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए।
*जेसीबी देखते ही बढ़ा विवाद, पुलिस से तीखी नोकझोंक।*
हंगामे की सूचना मिलते ही तहसीलदार अमित कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और आक्रोशित कार्यकर्ताओं को शांत कराने का प्रयास किया। लेकिन कार्यकर्ता मृत पशुओं को तत्काल हटाने और दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।
इसी बीच प्रशासन ने मृत गोवंशों को हटाने के लिए जेसीबी मशीन मंगवाई। जेसीबी को देखते ही कार्यकर्ताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने मृत पशुओं को मशीन से उठाए जाने का कड़ा विरोध किया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी हुई। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कुछ कार्यकर्ताओं को गेट की तरफ खदेड़ा और जेसीबी की मदद से मृत पशुओं को वाहन पर लादकर गोसदन से बाहर भिजवाया।
*डॉक्टर की सफाई: स्थानांतरण की प्रक्रिया के दौरान हुई मौतें।*
मृत पशुओं को हटाए जाने के बाद भी कार्यकर्ता गोसदन स्टाफ की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग पर डटे रहे। वहीं, मामले पर सफाई देते हुए गोसदन में तैनात पशु चिकित्सक डॉ. एस.एन. भट्ट ने बताया कि दो गोवंशीय पशुओं की मौत हुई है, जबकि एक अन्य पशु बीमार है जिसका उपचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गोसदन में कुल 15 गोवंश थे, जिन्हें अन्यत्र स्थानांतरित करने की तैयारी चल रही थी और इसी प्रक्रिया के दौरान दो पशुओं की मौत हो गई।
फिलहाल, प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल मौके पर मुस्तैद है और स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है। गोसदन में हुई इस घटना को लेकर पूरे क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है।












