HomeHealth & Fitnessपरीक्षा नहीं, छात्रों की मानसिक परीक्षा ले रही है एनटीए: राहुल गांधी

परीक्षा नहीं, छात्रों की मानसिक परीक्षा ले रही है एनटीए: राहुल गांधी

नई दिल्ली। नीट यूजी री-एग्जाम से पहले नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की बड़ी प्रशासनिक चूक सामने आई है। नागपुर के एक छात्र के एडमिट कार्ड में परीक्षा केंद्र भारत के बजाय संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी में आवंटित कर दिया गया। घटना सामने आने के बाद परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार, छात्र अब्दुल्ला मोहम्मद तालिब ने जब 21 जून को होने वाली री-एग्जाम का एडमिट कार्ड डाउनलोड किया तो उसमें परीक्षा केंद्र अबू धाबी दर्ज था। छात्र और उसके परिवार के पास न तो पासपोर्ट है और न ही विदेश जाकर परीक्षा देने की कोई व्यवस्था। इससे परिवार गहरे तनाव में आ गया।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर इस मामले को उठाते हुए एनटीए की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि एक छात्र, जिसने महीनों तैयारी की, उसे अंतिम समय में विदेश का परीक्षा केंद्र मिलना बेहद गंभीर लापरवाही है। राहुल ने कहा कि ऐसी व्यवस्था छात्रों और उनके अभिभावकों की मानसिक परीक्षा ले रही है तथा बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद होना चाहिए।
पंजाब कांग्रेस के सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि इसे महज तकनीकी गड़बड़ी कहकर जिम्मेदारी से बचा नहीं जा सकता। छात्रों को पेशेवर और जवाबदेह परीक्षा प्रणाली मिलनी चाहिए।

वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने नागपुर के एक अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र के रूप में अबू धाबी आवंटित किए जाने को लेकर शनिवार को स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि परीक्षा शहर में बदलाव उम्मीदवार के स्वयं के पंजीकृत लॉगिन के माध्यम से किया गया था और एजेंसी के रिकॉर्ड में एक ही उपयोगकर्ता द्वारा लगातार एक्सेस किए जाने का पैटर्न दर्ज है। 

एनटीए ने कहा कि 21 जून को निर्धारित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) 2026 की परीक्षा के पुनर्निर्धारण के बाद अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए परीक्षा शहर संशोधन (सिटी करेक्शन) विंडो दोबारा खोली गई थी। इस दौरान लगभग 3.2 लाख अभ्यर्थियों ने अपने परीक्षा शहर में संशोधन किया और उनमें से 99.5 प्रतिशत से अधिक को उनकी पसंद का परीक्षा शहर आवंटित किया गया।

एजेंसी के अनुसार संबंधित मामले में ‘अबू धाबी’ परीक्षा केंद्र का चयन अभ्यर्थी के पंजीकृत लॉगिन से ही किया गया था। वेब गतिविधि रिकॉर्ड से यह भी स्पष्ट होता है कि संशोधन प्रक्रिया के दौरान एक ही उपयोगकर्ता द्वारा लगातार लॉगिन और एक्सेस किया गया। 

एजेंसी को 19 जून की शाम परीक्षा से केवल 48 घंटे पहले केंद्र को नागपुर में बदलने का एक अनौपचारिक अनुरोध प्राप्त हुआ। एनटीए ने कहा कि अनुरोध मिलते ही उसके अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और उसी शाम अभ्यर्थी के पिता से संपर्क कर औपचारिक प्रक्रिया पूरी कराने में सहायता प्रदान की।

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