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विक्रमजोत विकासखंड की ग्राम पंचायत पकड़ी संग्राम में सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ कटान तेज हो गया है। नदी की धारा खेतों और बागों को तेजी से काट रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई सप्ताह में सैकड़ों बीघा कृषि भूमि नदी में समा चुकी है, जिससे किसानों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का आरोप है कि कटान की मुख्य वजह कंहईपुर सरयू नहर के डिस्चार्ज चैनल की सफाई के नाम पर किया गया अवैध बालू खनन है। उनके मुताबिक मार्च-अप्रैल में शुरू हुए खनन का टेंडर जून में समाप्त हो गया था, लेकिन इसके बाद भी 20 जुलाई 2026 तक बालू का अवैध खनन जारी रहा। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार खनन से नदी का बहाव बदल गया और अब धारा सीधे किसानों के खेतों व गांव की ओर मुड़ गई है। इससे कटान की रफ्तार और तेज हो गई है। पिछले सप्ताह पड़ेरिया गांव में अवैध बालू से लदा एक ट्रक बंधे के किनारे स्थित मकान पर पलट गया था। हादसे में मकान की छत और दीवारें क्षतिग्रस्त हो गई थीं। ग्रामीणों ने इसका विरोध भी किया, लेकिन उनके अनुसार खनन पर रोक नहीं लगाई गई। ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानीय पुलिस और खनन विभाग ने अवैध खनन के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की। अब जलस्तर बढ़ने के बाद भले ही खदानें बंद हो गई हों, लेकिन तब तक नदी का बहाव गांव की ओर मुड़ चुका था। ग्रामीणों ने प्रशासन से कटान रोकने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने और प्रभावित किसानों को राहत उपलब्ध कराने की मांग की है।
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सरयू की कटान से सैकड़ों बीघा खेती नदी में समाई:पकड़ी संग्राम के ग्रामीणों ने अवैध बालू खनन को बताया वजह, कार्रवाई की मांग
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