लखनऊ। पुलिस महानिदेशक, अपर पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था, अपर पुलिस महानिदेशक अपराध के मार्गदर्शन एवं पुलिस महानिरीक्षक एएनटीएफ के निर्देशन में मादक पदार्थों का गोरखधंधा करने वालों की धरपकड़ व उनकी नकेल कसने के लिए चलाए जा रहे अभियान के सीओ ऑपरेशन एएनटीएफ की देखरेख में एएनटीएफ यूनिट कानपुर व एएनटीएफ बाराबंकी की संयुक्त टीम ने शनिवार को मुखबिर की सूचना पर राजधानी लखनऊ के बीबीडी थाना क्षेत्र के बबुरिहा पावर हाउस के सामने नहर पुलिया तिराहे के पास कार में लादकर अवैध गांजा की तस्करी करने वालों को दबोचने में कामयाबी हासिल की है।
एएनटीएफ टीम को इनके पास से दो चार पहिया वाहन, आधा दर्जन महंगे दामों वाले मोबाइल फोन व 3,140 रुपए की नकदी बरामद हुई है। इनके पास बरामद गांजा की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत साठ लाख रुपए के करीब बताई जा रही है।
एएनटीएफ के प्रभारी निरीक्षक अयनुद्दीन के मुताबिक शनिवार को मुखबिर द्वारा सूचना मिली कि कुछ लोग कार में अवैध गांजा लादकर बीबीडी थाना क्षेत्र से होते हुए कहीं सप्लाई करने जा रहे हैं। इस सूचना पर प्रभावी निरीक्षक अयनुद्दीन टीम में शामिल उपनिरीक्षक अमन सिंह, कांस्टेबल श्याम सुंदर, कांस्टेबल प्रिंस भार्गव के अलावा बाराबंकी एएनटीएफ टीम उपनिरीक्षक मनीष कुमार दुबे, हेड कांस्टेबल आदिल हाशमी, हेड कांस्टेबल आलोक सिंह, हेड कांस्टेबल वेद प्रकाश दुबे, कांस्टेबल मोहम्मद सहबान व कांस्टेबल अमरपाल के साथ मौके पर पहुंचे और नाकेबंदी कर दो कार में सवार चार लोगों को दबोच लिया। एएनटीएफ की संयुक्त टीम ने दोनों कार की तलाशी ली तो दंग रह गए। देखा कि इन चार पहिया वाहनों में अवैध गांजा रखा हुआ है।
एएनटीएफ के मुताबिक पकड़े गए तस्करों ने पूछताछ में अपना नाम चिनहट क्षेत्र के कंचनपुर मटियारी स्थित गनपति अपार्टमेंट फ्लैट नंबर 203 निवासी विशाल पांडेय पुत्र अशोक पाण्डेय, बाराबंकी जिले के कोतवाली नगर क्षेत्र स्थित दशहरा बाग निवासी सौरभ कुमार जायसवाल पुत्र अनिल कुमार जायसवाल, नगराम थाना क्षेत्र स्थित शाह मोहम्मदपुर अपैया निवासी जितेंद्र कुमार पुत्र नरेंद्र कुमार व उन्नाव जिले के बेहटा मुजावर थाना क्षेत्र स्थित कबीरपुर निवासी अखिलेश कुमार बताया।
एएनटीएफ टीम प्रभारी निरीक्षक अयनुद्दीन के मुताबिक आरोपी जितेन्द्र कुमार ने पूछताछ में बताया कि उसने यह अवैध गांजा बिहार राज्य से मंगवाया है और अलग-अलग जिलों या फिर स्थानों पर बेचने की बात स्वीकार किया है। आरोपियों ने बताया कि इनका एक संगठित गिरोह है जो एक साथ मिलकर इस गोरखधंधे को अंजाम देते हैं। इनके पास से बरामद अवैध गांजा की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत साठ लाख रुपए के करीब बताई जा रही।











