सिद्धार्थनगर के खेसरहा विकास क्षेत्र की ग्राम पंचायत कठमोरवा में 15 लाख रुपये की लागत से बना एक विवाह घर आठ वर्षों से बदहाल है। वर्ष 2010-11 में निर्मित यह भवन अब मरम्मत के अभाव में खंडहर में तब्दील हो गया है और इसका उपयोग भूसा तथा लकड़ियां रखने के लिए किया जा रहा है। कभी यह विवाह घर गांव की बेटियों की विदाई और शादी-विवाह समेत अन्य मांगलिक कार्यक्रमों का केंद्र था। ग्रामीणों के अनुसार, भवन की खिड़कियां, दरवाजे और हैंडपंप गायब हो चुके हैं, जबकि चारदीवारी भी कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई है। लगभग 2200 की आबादी वाले इस गांव को बसपा शासनकाल में अंबेडकर गांव के रूप में चयनित किया गया था। विशेष बजट के तहत ग्राम पंचायत निधि से इस विवाह घर का निर्माण कराया गया था। लगभग आठ वर्षों तक गांव और आसपास के लोग इसका उपयोग करते रहे। हालांकि, देखरेख और मरम्मत के अभाव में भवन की स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई। वर्ष 2018 के बाद से यहां कोई बारात नहीं ठहरी और न ही कोई सामाजिक कार्यक्रम आयोजित हुआ। अब इसके कमरों में भूसा और लकड़ियां रखी जा रही हैं। गांव निवासी रामवृक्ष वर्मा ने बताया कि गांव में हर वर्ष करीब आठ से दस मांगलिक कार्यक्रम होते हैं। पहले लोग विवाह घर का उपयोग करते थे, जिससे कम खर्च में कार्यक्रम संपन्न हो जाते थे। ग्राम प्रधान ने जानकारी दी कि पिछले पांच वर्षों में उन्होंने चार बार खंड विकास अधिकारी को पत्र भेजकर विवाह घर की मरम्मत के लिए बजट उपलब्ध कराने की मांग की है, लेकिन अभी तक अतिरिक्त धनराशि स्वीकृत नहीं हो सकी है। वहीं, एडीओ पंचायत विकास चौधरी ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत के सचिव से भवन की स्थिति का निरीक्षण कराने के बाद ग्राम पंचायत निधि से चरणबद्ध तरीके से मरम्मत कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने विवाह घर को फिर से उपयोग योग्य बनाने के लिए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
खेसरहा में 15 लाख का विवाह घर 8-साल से बदहाल:मरम्मत के अभाव में बना खंडहर, अब रखा जा रहा भूसा
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