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शाजापुर: एसी बस में लगी भीषण आग, चार साल के मासूम की जलकर मौत

शाजापुर। मध्य प्रदेश के शाजापुर जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर नेशनल हाईवे पर शुक्रवार रात एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है।

इंदौर से ग्वालियर जा रही बस एक होटल के सामने रुकी, कुछ यात्री नाश्ता करने उतरे, कुछ बस में बैठे थे। तभी बस में अचानक आग लग गई। आग लगते ही भगदड़ मच गई। इस दौरान बस में फंसे एक 4 वर्षीय मासूम की जलकर मौत हो गई।

जानकारी के अनुसार, यह घटना रात करीब 12 बजे की है। जब इंदौर से ग्वालियर जा रही इन्टरसिटी एक्सप्रेस एयरकंडीशन बस (एमपी-07 जेडएल 9090) में शॉर्ट सर्किट होने की वजह से अचानक भीषण आग लग गई।

बताया जा रहा है कि सफर के दौरान बस में सवार महिला यात्री मालती शर्मा समेत कई लोगों ने लगातार आ रही वायरिंग जलने की बदबू की शिकायत ड्राइवर से की थी, लेकिन उसने इसे नजरअंदाज कर दिया।

तभी बस हाईवे पर स्थित ‘होटल जैन पथ’ पर रुकी, तो कुछ यात्री नीचे नाश्ता करने उतरे जबकि कई अंदर ही बैठे थे। इसी बीच महज 5 मिनट के भीतर बस ने आग का विकराल रूप ले लिया और मची चीख-पुकार व भगदड़ के दौरान शिवपुरी निवासी अभिषेक जैन के 4 वर्षीय बेटा अनय भीड़ में फंसकर बाहर नहीं निकल सका। जिसकी बस के भीतर ही जिंदा जलने से मौत हो गई।

सुरक्षा मानकों के लिहाज से इस बस में भयानक लापरवाही देखने को मिली, क्योंकि 50 से अधिक यात्रियों से भरी इस गाड़ी में न तो कोई इमरजेंसी गेट था और न ही आग बुझाने का कोई यंत्र मौजूद था।

यहां तक कि आग लगने पर बस का मुख्य दरवाजा भी लॉक हो गया, जिसके बाद स्थानीय लोगों की मदद से कांच और खिड़कियां तोड़कर जैसे-तैसे यात्रियों को बाहर निकाला गया।

इस अफरा-तफरी के बीच मौका पाकर ड्राइवर और क्लीनर मौके से फरार हो गए। आग इतनी तेज थी कि यात्रियों का सारा सामान जलकर राख हो गया और मासूम को ढूंढने के लिए प्रशासन को जेसीबी मशीन और वेल्डिंग मिस्त्री बुलाकर दो घंटे तक बस के गेट और सीटें कटवानी पड़ीं, जिसके बाद एक सीट के नीचे से बच्चे का कंकाल बरामद हुआ। मक्सी, तराना और शाजापुर से आईं 5 दमकल गाड़ियों ने आग पर काबू पाया।

इस बेहद दुखद और सब कुछ उजाड़ देने वाली घड़ी में भी मासूम के पिता अभिषेक जैन ने इंसानियत की एक ऐसी मिसाल पेश की जिसे देखकर हर कोई हैरान है।

आग लगने के तुरंत बाद अभिषेक ने अपनी जान दांव पर लगाकर कई यात्रियों को सुरक्षित बस से बाहर निकाला, लेकिन अपने बेटे को नहीं बचा पाए।

मामले को लेकर तराना टीआई रामचरण भदौरिया ने बताया कि बच्चे के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है और हादसे के लिए जिम्मेदार दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 

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