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कस्तूरबा गांधी विद्यालय में पुलिस ने चलाया जागरूकता अभियान:महिला सुरक्षा, साइबर अपराध और सामाजिक कुरीतियों पर दी जानकारी


बलरामपुर। मिशन शक्ति पंचम चरण के द्वितीय चरण के तहत बलरामपुर पुलिस ने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, शिवपुरा ललिया में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पांडेय व क्षेत्राधिकारी देवेंद्र कुमार श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण में थाना ललिया प्रभारी निरीक्षक संतोष मिश्रा के नेतृत्व में संपन्न हुआ। इस दौरान एंटी रोमियो टीम/मिशन शक्ति टीम प्रभारी उपनिरीक्षक राम शरण यादव, महिला मुख्य आरक्षी गीता वर्मा और महिला आरक्षी आरती मिश्रा ने छात्राओं को विभिन्न गतिविधियों में शामिल किया। बच्चियों ने ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ विषय पर आधारित एक लघु नाटक प्रस्तुत किया। इसके अतिरिक्त, खो-खो और दौड़ प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं, जिनमें सभी छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चियों ने अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर ‘सशक्त नारी समृद्ध प्रदेश’ के उद्देश्य को चरितार्थ किया। कार्यक्रम में छात्राओं को महिला अपराध, महिला हिंसा, लैंगिक उत्पीड़न जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें साइबर अपराधों जैसे ओटीपी शेयरिंग, लकी ड्रा फ्रॉड कॉल, स्मार्ट एडिटिंग वीडियो कॉल, बैंकिंग फ्रॉड और पेंशन धोखाधड़ी से बचाव के तरीके भी बताए गए। पुलिस टीम ने छात्राओं को विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों जैसे 1090 (महिला हेल्पलाइन), 112 (यूपी आपातकालीन), 102/108 (एम्बुलेंस), 181 (महिला हेल्पलाइन), 1930/155260 (साइबर हेल्पलाइन) और 1076 (मुख्यमंत्री हेल्पलाइन) के बारे में भी अवगत कराया। साथ ही, मादक पदार्थों के सेवन के दुष्परिणामों, यातायात नियमों, बाल विवाह और दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों के प्रति भी जागरूक किया गया। इस अवसर पर विद्यालय की वार्डन सुनीता मौर्य ने बच्चियों का हौसला बढ़ाया। दौड़ प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया, जिससे उनका उत्साहवर्धन हुआ। कार्यक्रम में विद्यालय के सभी स्टाफ सदस्य भी मौजूद रहे।

बसूली माता मंदिर में भक्तों की भारी भीड़:चैत्र रामनवमी के समापन पर उमड़े श्रद्धालु, मेले का भी आयोजन


चैत्र रामनवमी के समापन के बाद बसूली माता मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। शुक्रवार सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं। सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु माता रानी के दर्शन के लिए पहुंचे। भक्तों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मंदिर के मुख्य पुजारी राम धनी ने बताया कि सुबह से ही मंदिर में दर्शनार्थियों की भीड़ लगी हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि यहां सैकड़ों वर्षों से चैत्र रामनवमी पर मेले का आयोजन किया जाता है। दर्जनों गांवों से सैकड़ों भक्त दर्शन करने आते हैं और यह सिलसिला शाम तक चलता रहता है। मेले में हजारों की भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी सुरक्षा व्यवस्था में मौजूद रहा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। सबया, कटहरी, दुर्गवालिया, संडा, लोढ़िया, बढ़या भोथीयाही, बिसोखोर, मदरहरा, बड़हरा चरगहा, बसूली, कोल्हुआ, बलहखोर, सोहट कमता, घोडनर, नछोरी और श्रीनगर जैसे ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं ने भी माता मंदिर में कढ़ाई चढ़ाई।

मिशन शक्ति टीम एवं एंटी रोमियो टीम थाना ललिया द्वारा कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय शिवपुरा ललिया बच्चियों द्वारा बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ शीर्षक पर आधारित लघु नाटक किया गया तथा खो -खो की खेल प्रतियोगिता का आयोजन कराकर जागरुक किया गया

*पुलिस अधीक्षक बलरामपुर श्री विकास कुमार* के निर्देशन में, *अपर पुलिस अधीक्षक श्री विशाल पाण्डेय एवं क्षेत्राधिकारी महोदय श्री देवेंद्र कुमार श्रीवास्तव* के पर्यवेक्षण तथा *थाना प्रभारी निरीक्षक श्री संतोष मिश्रा थाना ललिया के नेतृत्व में मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, शिवपुरा ललिया में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं द्वारा *“बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ”* विषय पर लघु नाटक प्रस्तुत किया गया तथा दौड़ एवं खो-खो प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी प्रतिभा एवं आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया।

मिशन शक्ति/एंटी रोमियो टीम प्रभारी उ0 नि0 राम शरण यादव , महिला मुख्य आरक्षी गीता वर्मा, महिला आरक्षी आरती मिश्रा द्वारा छात्राओं को महिला सुरक्षा, महिला हिंसा, लैंगिक उत्पीड़न एवं साइबर अपराधों (OTP शेयरिंग, फ्रॉड कॉल, बैंकिंग धोखाधड़ी आदि) से बचाव के संबंध में जागरूक किया गया। साथ ही विभिन्न हेल्पलाइन नंबर—1090, 112, 102/108, 181, 1930/155260 एवं 1076—की जानकारी दी गई।

इस अवसर पर विद्यालय की वार्डन सुनीता मौर्य सहित समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। साथ ही बाल विवाह, दहेज प्रथा, मादक पदार्थों के दुष्प्रभाव एवं यातायात नियमों के प्रति भी जागरूक किया गया।

*बलरामपुर पुलिस द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा एवं सशक्तिकरण हेतु इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम निरंतर संचालित किए जा रहे हैं।*

ईरान के लोग चाहते हैं मैं उनका सुप्रीम लीडर बन जाऊं और हंस दिए ट्रंप

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वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को एक कार्यक्रम में कहा कि वे ईरान के साथ बातचीत कर रहे हैं। उनका दावा है कि जंग जल्दी खत्म करने के लिए दोनों तरफ से बातचीत जारी है। हालांकि ट्रंप के दावों को ईरान ने खारिज कर दिया। इन सब के बीच ट्रंप ने एक बात और कही जिसने सबका ध्यान खींचा। उन्होंने कहा कि ईरान के कुछ लोग उनसे अनौपचारिक रूप से कह रहे थे कि आप हमारे अगले सुप्रीम लीडर बन जाओ। ट्रंप ने हंसते हुए कहा कि मैंने मना कर दिया। दुनिया में किसी देश का नेता ईरान का सुप्रीम लीडर बनना नहीं चाहता होगा।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने ये भी कहा कि अमेरिका ने ईरान को बहुत बुरी तरह हरा दिया है। उन्होंने कहा कि हम इतनी बड़ी जीत हासिल कर रहे हैं कि किसी ने पहले कभी नहीं देखा। ईरान अब बहुत जल्दी समझौता करना चाहता है, लेकिन डर रहा है। डर इसलिए कि अगर उसने समझौता किया तो उसके अपने लोग उसे मार सकते हैं और हमें भी डर है। ट्रंप का कहना है कि अमेरिका ने ईरान को 15 सूत्र वाला प्रस्ताव भेजा है। इसमें कहा गया है कि ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम बंद करे, हिजबुल्लाह जैसे गुटों को सपोर्ट न करे और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोल दे।
रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने अमेरिका के प्रस्ताव को मानने से साफ इनकार कर दिया। ईरान के एक अधिकारी ने कहा कि ट्रंप अपने आप से बात कर रहे हैं क्या? हम उनके साथ कोई डील कभी नहीं करेंगे। न अब, न भविष्य में। ईरान ने अपना खुद का 5 सूत्र वाला जवाब दिया और कहा है कि जंग उसी की शर्तों पर खत्म होगी।

चपरासी की नौकरी के नाम पर 8.60 लाख की ठगी:बस्ती में प्रिंसिपल बनकर व्यक्ति ने ठगे, पुलिस ने केस दर्ज किया


बस्ती जनपद के गौर थाना क्षेत्र में चपरासी की नौकरी दिलाने के नाम पर 8.60 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थानाक्षेत्र के कोठवा गांव निवासी अश्वनी सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 17 मई 2025 को उनकी मुलाकात गोंडा जिले के मनकापुर कोतवाली थाना क्षेत्र के ऐलनपुर ग्रंट निवासी अरुण भारती से हुई थी। अरुण ने खुद को सरकारी स्कूल का प्रिंसिपल बताया और अश्वनी को चपरासी पद पर नौकरी लगवाने का झांसा दिया। अश्वनी सिंह ने कई किस्तों में अरुण भारती को कुल 8 लाख 60 हजार रुपये दिए। हालांकि, लंबे समय तक नौकरी नहीं मिली। जब अश्वनी ने अपने पैसे वापस मांगे, तो अरुण भारती और उसके परिजनों ने कथित तौर पर गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। गौर थानाध्यक्ष अतुल कुमार अंजान ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की विवेचना चौकी प्रभारी बभनान अजय नाथ कनौजिया को सौंपी गई है। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित अश्वनी सिंह ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।
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पीएम मोदी 28 मार्च को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का करेंगे उद्घाटन, एसपीजी ने कसी सुरक्षा

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल यानी 28 मार्च को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे। उनके दौरे से पहले ही स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) ने जेवर में सुरक्षा की कमान संभाल ली है, जिससे पता चलता है कि यह सिर्फ एक एयरपोर्ट का लोकार्पण नहीं, बल्कि एक बड़ा राष्ट्रीय कार्यक्रम है। यह प्रोजेक्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास और रोजगार के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन को लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां युद्धस्तर पर तैयारियां कर रही हैं। प्रधानमंत्री 28 मार्च को इस महत्वाकांक्षी परियोजना को राष्ट्र को समर्पित करने के लिए जेवर पहुंचेंगे। उनके दौरे का मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है, जिसमें सुरक्षा, ट्रैफिक व्यवस्था और जनसभा से जुड़े हर पहलू पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

पीएम के दौरे का पूरा कार्यक्रम
कार्यक्रम के अनुसार, प्रधानमंत्री सुबह करीब 11:30 बजे एयरपोर्ट के टर्मिनल भवन का निरीक्षण करेंगे। यह निरीक्षण नए एयरपोर्ट की सुविधाओं और क्षमताओं को समझने के लिए होगा। इसके बाद, दोपहर लगभग 12 बजे वे एयरपोर्ट के पहले चरण का औपचारिक लोकार्पण करेंगे। इस लोकार्पण के साथ ही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश के हवाई मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त कर लेगा। लोकार्पण के बाद प्रधानमंत्री एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। प्रशासन का अनुमान है कि इस जनसभा में भारी संख्या में, करीब डेढ़ लाख लोगों के शामिल होने की संभावना है, जिससे कार्यक्रम का महत्व और भी बढ़ जाता है।

सुरक्षा व्यवस्था एसपीजी के हाथ में
प्रधानमंत्री के दौरे से पहले स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) ने पूरे कार्यक्रम की सुरक्षा अपने हाथों में ले ली है। एसपीजी का मोर्चा संभालना इस बात का संकेत है कि सुरक्षा के उच्चतम मानकों का पालन किया जा रहा है। एयरपोर्ट और उसके आसपास के पूरे क्षेत्र को सुरक्षा के लिहाज से पूरी तरह से कवर किया गया है। एयरपोर्ट परिसर को ‘नो-फ्लाइंग जोन’ घोषित कर दिया गया है, जिसका मतलब है कि जमीन से लेकर आसमान तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। आईजी स्तर के अधिकारियों की निगरानी में एसपीजी और स्थानीय पुलिस मिलकर सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप दे रही है। हर एंट्री पॉइंट और एग्जिट पॉइंट पर चेकिंग बढ़ा दी गई है और बिना अनुमति किसी भी व्यक्ति को परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है। सुरक्षाकर्मी हर छोटी से छोटी गतिविधि पर पैनी नजर रख रहे हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

खुफिया एजेंसियों की संदिग्धों पर कड़ी नजर
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए खुफिया एजेंसियां अब पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। एयरपोर्ट के आसपास के गांव, होटल और ढाबों में सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। जेवर, दनकौर और रबूपुरा क्षेत्र की पुलिस बाहरी लोगों की जानकारी जुटा रही है और होटल संचालकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे हर आने-जाने वाले लोगों की सूचना प्रशासन को दें। सुरक्षा एजेंसियां हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके। प्रधानमंत्री की जनसभा को लेकर भी तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अलग-अलग सेक्टर बनाए गए हैं और पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई गई है। इसके साथ ही, ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष प्लान तैयार किए गए हैं, ताकि आम जनता और गणमान्य व्यक्तियों को आवागमन में कोई परेशानी न हो।

सड़कों की मरम्मत और साफ-सफाई का काम तेज
कार्यक्रम से पहले एयरपोर्ट तक पहुंचने वाले सभी प्रमुख मार्गों को दुरुस्त किया जा रहा है। सड़कों की मरम्मत, सफाई और सौंदर्यीकरण का काम तेजी से चल रहा है, ताकि आने वाले अतिथियों को बेहतर अनुभव मिल सके। यमुना एक्सप्रेसवे और आसपास के क्षेत्र में पेड़ों की छंटाई और सफाई अभियान भी चलाया जा रहा है। एसपीजी और प्रशासन प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर किसी भी तरह की चूक नहीं चाहते हैं, इसलिए हेलीपैड से लेकर जनसभा स्थल तक हर मूवमेंट की बारीकी से निगरानी की जा रही है। वहीं, कार्यक्रम से पहले सुरक्षा एजेंसियां रिहर्सल भी करेंगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां पूरी रहें और अंतिम समय में कोई दिक्कत न आए।

क्षेत्र के विकास के लिए मील का पत्थर
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन न सिर्फ एक बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है, बल्कि यह पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास के लिए एक अहम कदम माना जा रहा है। इस एयरपोर्ट के शुरू होने से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र की कनेक्टिविटी में भी बड़ा सुधार होगा। व्यापार और पर्यटन को भी इससे नई गति मिलने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। यह एयरपोर्ट क्षेत्र को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाएगा। बस अब लोगों को बेसब्री से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन का इंतजार है, जो उनके भविष्य को एक नई उड़ान देने वाला है।

नवमी पर सांत्वना समय माता मंदिर में उमड़ी भीड़:भक्तों ने हवन-पूजन कर मांगी सुख-समृद्धि, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम


जनपद बहराइच के मटेरा बाजार स्थित श्री सांत्वना समय माता मंदिर में नवमी के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही मंदिर परिसर में हवन और पूजा-अर्चना के लिए भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं। दूर-दराज के गांवों और कस्बों से आए श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धा भाव के साथ माता रानी के दर्शन किए। उन्होंने हवन में आहुति देकर परिवार की सुख-समृद्धि और मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना की। मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया गया था, जहां भक्ति गीतों और जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। पुरोहितों द्वारा विधि-विधान से पूजा कराई गई। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। मटेरा पुलिस की टीम मौके पर मुस्तैद रही और श्रद्धालुओं की सुविधा व सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा। पुलिसकर्मी लगातार भीड़ को नियंत्रित करते हुए लाइन व्यवस्था बनाए रखने में जुटे रहे, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो। स्थानीय प्रशासन द्वारा साफ-सफाई, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी व्यवस्था की गई थी, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। मंदिर समिति के सदस्यों ने भी इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अयोध्या में श्रीराम जन्मोत्सव की धूम, दोपहर में रामलला का सूर्य तिलक

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आज रामनवमी है और देश भर में श्री राम का जन्मोत्सव धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। राम जन्मभूमि अयोध्या भी श्री राम का तीसरा जन्मोत्सव मनाने के लिए उल्लास में डूबी हुई नजर आ रही है। इस उत्सव को अपनी आंखों से निहारने के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से राम भक्त अयोध्या पहुंच चुके हैं। हर कोई भक्ति में डूबा दिखाई दे रहा है। राम मंदिर सहित राम जन्मभूमि परिसर बहुत ही खूबसूरत नजर आ रहा है। आज मध्याह्न 12 बजे रघुकुल में रामलला का जन्म होते ही, यहां उल्लास देखने को मिलेगा। जन्मोत्सव को लेकर सारी तैयारी कर रही है।

रामलला का सूर्य तिलक
आज जन्मोत्सव पर 12 बजे सूर्य की रोशनी 4 से 5 मिनट तक रामलला के ललाट का अभिषेक करेगी। सूर्य तिलक का परीक्षण कर लिया गया है और सभी भक्त इस क्षण को देखने के लिए आतुर हैं। भीड़ को देखते हुए दर्शन की अवधि भी बढ़ा दी गई है।

श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था
चैत्र शुक्ल नवमी 27 मार्च को है और राम मंदिर में भव्य जन्मोत्सव आयोजन किया जाने वाला है। इसके लिए समिति द्वारा बेहतरीन प्रबंध किए गए। आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी ना हो इसके लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। धाम को खूबसूरत तरीके से सजाया गया है और उत्सव में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं के लिए हर तरह की व्यवस्था की गई है।

यहां परिसर और दर्शन मार्ग पर कालीन बिछाई गई है ताकि धूप और गर्मी से बचा जा सके। रामपथ, भक्तिपथ और धर्मपथ पर भी मैटिंग की गई है। शौचालय, चिकित्सा एवं पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था है। कनक भवन, राम की पौड़ी, हनुमानगढ़ और सरयू के घाटों पर बेरीकेडिंग कर दी गई है।

कब से कब तक होंगे दर्शन
श्रद्धालुओं को सुबह 5 बजे से मंदिर में प्रवेश मिलना और 5:20 से दर्शन का सिलसिला शुरू हो चुका है। मंदिर रात 11 बजे तक खुला रहेगा। श्रद्धालु की भीड़ को देखते हुए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सुबह शाम मिलाकर लगभग 3 घंटे के दर्शन अवधि बढ़ाई है।

सुबह 9 बजे से उत्सव
राम मंदिर में जन्मोत्सव की प्रक्रिया सुबह 9 बजे से शुरू होने वाली है। सबसे पहले रामलला का पंचामृत महाअभिषेक किया जाएगा जो 11 बजे तक चलेगा। सुबह में मंगल और श्रृंगार आरती निश्चित समय पर की जाएगी। इसके बाद भव्य श्रृंगार किया जाएगा। सुबह 10.30 से दोपहर 12 बजे तक गर्भगृह में आवरण रहेगा। इसके बाद दर्शन करते श्रृंगार का दर्शन कर सकेंगे। फिर पूजन और आरती होगी और रामलला के ललाट पर तिलक किया जाएगा। इन सारे आयोजनों का टीवी पर सीधा प्रसारण होगा।

अबू धाबी में गिरा मिसाइल का मलबा, दो की मौत, तीन घायल

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अबू धाबी। संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी में मिसाइल का मलबा गिरने से दो लोगों की मौत हो गई जबकि तीन घायल हो गए। गुरुवार को मीडिया कार्यालय ने अपने आधिकारिक एक्स पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने पोस्ट में बताया कि एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा बैलिस्टिक मिसाइल को सफलतापूर्वक रोकने के बाद, स्वेइहान स्ट्रीट में मलबा गिरा। इस घटना में दो लोगों की मौत हो गई जबकि तीन घायल हो गए और कई वाहनों क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके साथ ही लोगों को सलाह दी गई कि वे केवल आधिकारिक सोर्स से ही जानकारी लें, अफवाहें फैलाने से बचें और अपडेट का इंतजार करें।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इससे पहले यूएई के रक्षा मंत्रालय की ओर से एक बयान जारी कर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई। एक्स पोस्ट में बताया गया कि यूएई का एयर डिफेंस सिस्टम ईरान से होने वाले मिसाइल और ड्रोन हमलों का जवाब दे रहा है और देश के अलग-अलग हिस्सों में सुनाई देने वाली आवाजें एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा बैलिस्टिक मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने, साथ ही फाइटर जेट द्वारा ड्रोन और घूमते हुए हथियारों को इंटरसेप्ट करने का नतीजा है।
जब से ईरान के साथ अमेरिका-इजराइल संघर्ष शुरू हुआ है, तब से यूएई में ईरानी स्ट्राइक में करीब 10 लोगों की मौत हो चुकी है। 21 मार्च को यूएई के रक्षा मंत्रालय ने बताया था कि आठ लोग मारे गए हैं, जिनमें सेना के दो सदस्य और पाकिस्तानी, नेपाली, बांग्लादेशी और फिलिस्तीनी देशों के छह आम नागरिक शामिल हैं।

उत्तराखंड चारधाम यात्रा 2026: केदारनाथ धाम में प्रशासन ने लिया तैयारियों का जायजा, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य

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चारधाम यात्रा 2026 के लिए उत्तराखंड में तीर्थयात्रियों का उत्साह चरम पर है। 6 मार्च से शुरू हुए ऑनलाइन पंजीकरण में महज 20 दिनों के भीतर 9.37 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने अपनी सीट पक्की कर ली है। आगामी 19 अप्रैल 2026 से धामों के कपाट खुलने शुरू हो जाएंगे, जिसके साथ ही यह यात्रा औपचारिक रूप से प्रारंभ हो जाएगी। प्रदेश सरकार देश-दुनिया से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए सुगम और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए पुख्ता इंतजामों में जुटी है।

रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा अब तक 9.37 लाख से अधिक
पर्यटन विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, यात्रा के लिए अब तक कुल 9.37 लाख से अधिक रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। यह आंकड़े तीर्थयात्रियों के उत्साह और आस्था की गवाही देते हैं। इसमें केदारनाथ धाम के लिए 3.15 लाख, बदरीनाथ धाम के लिए 2.77 लाख, गंगोत्री के लिए 1.73 लाख और यमुनोत्री के लिए 1.69 लाख पंजीकरण शामिल हैं। धामों के कपाट खुलने की तिथियां भी तय हो चुकी हैं। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम 19 अप्रैल 2026 को खुलेंगे, जबकि केदारनाथ धाम 22 अप्रैल 2026 को और बदरीनाथ धाम 23 अप्रैल 2026 को खुल जाएगा।

यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य
सरकार ने स्पष्ट किया है कि बिना ऑनलाइन पंजीकरण के यात्रा करना संभव नहीं होगा। श्रद्धालुओं को पर्यटन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप के माध्यम से अपना पंजीकरण कराना होगा। इस प्रक्रिया में पहचान पत्र और यात्रा की योजना संबंधी विवरण देने होते हैं। पंजीकरण के बाद एक QR कोड जारी किया जाता है, जिसे यात्रा के दौरान विभिन्न चेकपॉइंट्स पर दिखाना अनिवार्य होगा। यह व्यवस्था भीड़ को नियंत्रित करने और प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है।

व्यवस्थाओं को दिया जा रहा अंतिम रूप
यात्रा की शुरुआत में अब कुछ ही दिन बाकी हैं। ऐसे में पर्यटन, स्वास्थ्य, बिजली, लोक निर्माण, पेयजल, परिवहन, पुलिस व प्रशासन, पशुपालन सहित कई अन्य सरकारी विभाग व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में लगे हैं। केदारनाथ धाम में अभी भी तीन से चार फीट बर्फ जमी हुई है। गुरुवार को जिला प्रशासन और पुलिस की एक टीम ने केदारनाथ धाम पहुंच कर जमीनी हकीकत का जायजा लिया। पहाड़ी इलाकों में बर्फ हटाना एक श्रमसाध्य कार्य है। केदारनाथ धाम की ऊंचाई और दुर्गम भौगोलिक स्थिति के कारण, बड़ी लिनचोली और छोटी लिनचोली से मंदिर तक के लगभग 18 किलोमीटर के पैदल मार्ग से बर्फ हटाना एक बड़ी चुनौती है। जिला प्रशासन ने इस काम के लिए विशेष टीमें लगाई हैं, जो भारी मशीनरी और मैन्युअल तरीके से बर्फ हटाने का काम कर रही हैं। रास्ते को जल्द से जल्द सुरक्षित और चलने लायक बनाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है, ताकि यात्रा शुरू होते ही श्रद्धालु बिना किसी बाधा के दर्शन कर सकें।

श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाओं का इंतजाम
पर्यटन विभाग यात्रा के प्रचार-प्रसार और पंजीकरण का काम संभाल रहा है, तो स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल पोस्ट और अस्पतालों की व्यवस्था संभाली है। लोक निर्माण विभाग सड़कों की मरम्मत और रखरखाव का जिम्मा देख रहा है, जबकि पेयजल और बिजली विभाग आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे। परिवहन विभाग पर्याप्त बसों और टैक्सी सेवाओं की उपलब्धता पर काम कर रहा है। पुलिस और प्रशासन की भूमिका सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन सेवाओं में महत्वपूर्ण रहेगी। श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ मिलें, इसके लिए भी खास तैयारी की गई है। इस बार केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में नवनिर्मित अस्पतालों को पूरी क्षमता से संचालित किया जाएगा। नवनिर्मित अस्पताल न केवल प्राथमिक उपचार बल्कि आपातकालीन सर्जरी और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के लिए भी तैयार किए गए हैं। इनमें विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम, पैरामेडिकल स्टाफ और आधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध रहेंगे। इसके अलावा, यात्रा मार्ग पर भी कई स्थानों पर अस्थायी मेडिकल कैंप स्थापित किए जाएंगे, जहाँ ऑक्सीजन सिलेंडर और फर्स्ट एड की सुविधा उपलब्ध होगी।

ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए पुलिस ने एक विस्तृत प्लान तैयार किया है। अक्सर यात्रा मार्गों पर ट्रैफिक जाम की समस्या आती है। इससे निपटने के लिए पुलिस ने धामों की ओर जाने वाले मार्गों पर वाहनों के लिए अलग-अलग स्लॉट और पार्किंग व्यवस्था निर्धारित की है। कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में भारी वाहनों के प्रवेश पर समय-समय पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है, और हल्के वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग भी सुझाए जाएंगे। यह सभी कदम यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए उठाए जा रहे हैं।

यात्रा की राह में चुनौतियां भी कम नहीं
उत्तराखंड राज्य आपदा के लिहाज़ से संवेदनशील माना जाता है। चारधाम यात्रा मार्गों पर कई ऐसे भूस्खलन क्षेत्र हैं, जहाँ पहाड़ी से मलबा और पत्थर गिरने का खतरा हमेशा बना रहता है। लोक निर्माण विभाग को उन सभी संवेदनशील बिंदुओं की पहचान कर उन्हें मजबूत करना होगा, जहाँ से मलबा और पत्थर गिरने का खतरा रहता है। कई स्थानों पर पुरानी सड़कों की स्थिति अभी भी संतोषजनक नहीं है, जिनकी मरम्मत यात्रा शुरू होने से पहले अनिवार्य है। इसके साथ ही, इस बार यात्रा पर वैश्विक भू-राजनीतिक स्थिति का साया भी मंडरा रहा है। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहा तनाव वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतर्राष्ट्रीय यात्रा पर गहरा असर डाल सकता है। यदि यह संघर्ष जारी रहता है, तो हवाई किराए में वृद्धि, यात्रा बीमा की लागत में बढ़ोतरी और सामान्य सुरक्षा चिंताओं के कारण विदेशी पर्यटकों के साथ-साथ घरेलू यात्रियों के लिए भी यात्रा करना महंगा और जटिल हो सकता है। यह स्थिति सीधे तौर पर चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या और उनके यात्रा अनुभव को प्रभावित कर सकती है। राज्य सरकार इन अनिश्चितताओं के बीच भी यात्रा को सफलतापूर्वक संचालित करने की रणनीति बना रही है।

प्रदेश सरकार का दावा है कि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। पंजीकरण के शुरुआती आंकड़े यह बताते हैं कि चुनौतियां कितनी भी हों, आस्था की राह में श्रद्धालु पीछे हटने वाले नहीं हैं। उम्मीद है कि बेहतर व्यवस्थाओं और प्रशासनिक मुस्तैदी के साथ यह यात्रा भी हर साल की तरह सफल और यादगार रहेगी।

नेपाल में पेट्रोल, केरोसीन और डीजल की कीमतों में 15 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी

News Desk

काठमांडू। दुनिया की अर्थव्यवस्था पर ईरान और अमेरिका-इजराइल हमले का असर दिख रहा है। तेल की कीमतों में लगातार उछाल आ रहा है। कई देशों में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और पेट्रोल स्टेशन पर राशनिंग शुरू कर दी गई है। नेपाल ऑयल कॉर्पोरेशन (एनओसी) ने पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान किया है।
मीडिया रिपोर्ट में एनओसी के हवाले से कहा गया है कि नेपाल में पेट्रोल, केरोसीन और डीजल की कीमतों में 15 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है, जो आज आधी रात से लागू हो जाएगी। पिछली बार कीमतों में बदलाव 15 मार्च को किया गया था। नए बदलाव के बाद पेट्रोल की कीमतें अब पहली कैटेगरी में 184.50 रुपए प्रति लीटर, दूसरी कैटेगरी में 186 रुपए और तीसरी कैटेगरी में 187 रुपए प्रति लीटर हो गई हैं। इसी तरह डीजल और केरोसिन पहली श्रेणी में 164.50 रुपए प्रति लीटर, दूसरी श्रेणी में 166 रुपए प्रति लीटर और तीसरी श्रेणी में 167 रुपए प्रति लीटर बेचा जाएगा।
एनओसी ने साफ कहा है कि घरेलू पेट्रोलियम कीमतों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हाल की वृद्धि के साथ संरेखित करने के लिए मूल्य वृद्धि जरुरी थी। इसी तरह डीजल और केरोसिन पहली श्रेणी में 164.50 रुपए प्रति लीटर, दूसरी श्रेणी में 166 रुपए प्रति लीटर और तीसरी श्रेणी में 167 रुपए प्रति लीटर बेचा जाएगा। सुरखेत और डांग दूसरी कैटेगरी में आते हैं, जबकि काठमांडू, पोखरा और दीपायल तीसरी कैटेगरी में शामिल हैं। एनओसी के मुताबिक इंटरनेशनल मार्केट में हाल की बढ़ोतरी के साथ घरेलू पेट्रोलियम कीमतों को अलाइन करने के लिए कीमतों में बढ़ोतरी जरूरी थी।
मीडिया के मुताबिक बांग्लादेश एनर्जी रेगुलेटरी कमीशन ने ईरान पर अमेरिका-इजराइल युद्ध से जुड़े वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव का हवाला देते हुए कंज्यूमर लेवल पर जेट फ्यूल की कीमतों में 80 फीसदी की भारी बढ़ोतरी कर दी गई है। बांग्लादेश में डोमेस्टिक फ्लाइट्स के लिए जेट फ्यूल की कीमत 112.41 टका से बढ़कर 202.29 टका प्रति लीटर तय की गई है। वहीं, इंटरनेशनल विमान के लिए जेट फ्यूल की कीमत 0.738 डॉलर प्रति लीटर से बढ़कर 1.3216 डॉलर प्रति लीटर होगी। अमेरिका में भी तेल की कीमतों में उछाल देखने को मिला।
वहीं पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 20-25 फीसदी तक उछाल आया। इसके अलावा, यूरोपीय देशों, खासकर जर्मनी में गैस और पेट्रोल के दाम 10-15 फीसदी तक बढ़ गए और थाईलैंड में पेट्रोल स्टेशनों पर राशनिंग शुरू कर दी गई है। पेट्रोल स्टेशन पर राशनिंग का मतलब है कि ईंधन की बिक्री पर सीमा तय करना। जब किसी देश में तेल की भारी कमी हो जाती है या कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ जाती हैं, तो सरकार या पेट्रोल पंप मालिक यह नियम लागू करते हैं कि एक व्यक्ति एक बार में कितना तेल खरीद सकता है।

इकौना में दुर्गा अष्टमी पर स्वच्छता अभियान:विधायक राम फेरन पाण्डेय ने मंदिर परिसर में की सफाई


दुर्गा अष्टमी के अवसर पर श्रावस्ती जिले के इकौना विकासखंड स्थित टंडवा के महंत सीता द्वार मंदिर परिसर में एक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस अभियान में श्रावस्ती के विधायक पंडित राम फेरन पाण्डेय ने सक्रिय रूप से भाग लिया। अभियान के तहत मंदिर परिसर और आसपास की झीलों से जलकुंभी हटाई गई। इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र में स्वच्छता को बढ़ावा देना और पर्यावरण का संरक्षण करना था। इस अवसर पर जिलाधिकारी श्रावस्ती अश्विनी पांडेय, मुख्य विकास अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे। सभी ने मिलकर इस अभियान को सफल बनाने में सहयोग दिया। विधायक पंडित राम फेरन पाण्डेय ने इस दौरान कहा कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर दिया कि ऐसे अभियान न केवल क्षेत्र की सुंदरता बढ़ाते हैं, बल्कि श्रद्धालुओं को भी बेहतर सुविधाएं प्रदान करते हैं। स्थानीय निवासियों ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से चलाए जा रहे ऐसे अभियान क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

बड़ी राहत: सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10 रुपये प्रति लीटर घटाई

News Desk

नई दिल्ली: ईरान युद्ध के कारण ईंधन की बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटा दी है. पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 13 रुपये से घटाकर 3 रुपये और डीजल पर 10 रुपये से घटाकर शून्य रुपये कर दी है. अब पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 3 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर शून्य हो गई है. यह कटौती ईरान युद्ध के बीच तेहरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट पर लगाए गए ब्लॉकेड के कारण ग्लोबल एनर्जी संकट के बीच की गई है, जिसके जरिये दुनिया के क्रूड ऑयल और गैस सप्लाई का पांचवां हिस्सा – हर दिन 20 से 25 मिलियन बैरल – भेजा जाता है.

देर रात जारी नोटिफिकेशन में, वित्त मंत्रालय ने कहा कि ये फैसला, तुरंत लागू होगा.

पश्चिम एशिया में संघर्ष के बीच देश में ईंधन को लेकर मारा-मारी देखने को मिल रही है. देश के कुछ हिस्सों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं. कई पेट्रोल पंपों पर नो स्टॉक का बोर्ड देखा गया. हालांकि, सरकार का कहना है कि भारत में कच्चे तेल का प्रर्याप्त भंडार है. देश भर में किसी भी पेट्रोल पंप पर पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है.इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने ग्राहकों को भरोसा दिलाया है कि उसके पेट्रोल पंप पूरी तरह से भरे हुए हैं और सुचारू रूप से काम कर रहे हैं. हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने भी ग्राहकों को भरोसा दिलाया कि देश में पेट्रोल, डीजल या LPG की कोई कमी नहीं है. फवाहों से आगाह करते हुए सरकार ने लोगों से अपील की है कि घबारएं नहीं, जमाखोरी के मामलों की रिपोर्ट करें और सिर्फ आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें.

चैत्र नवरात्रि समाप्त, सिद्धिदात्री मंदिर में उमड़ी भक्तों की भीड़:घोसियारी बाजार में हवन-पूजन के लिए पहुंचे श्रद्धालु


चैत्र नवरात्रि का समापन घोसियारी बाजार स्थित सिद्धिदात्री दुर्गा मंदिर में हर्षोल्लास के साथ हुआ। इस अवसर पर भक्तों ने मां दुर्गा के नौवें स्वरूप सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना की और हवन-पूजन किया। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। श्रद्धालुओं ने दुर्गा सप्तशती के मंत्रों का जाप करते हुए हवनकुंड में आहुतियां अर्पित कीं। नौ दिनों की साधना के बाद नवमी के दिन विशेष पूर्णाहुति का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने भाग लिया। नवरात्रि के समापन पर देवी के नौ रूपों को प्रसन्न करने के उद्देश्य से कन्या पूजन भी किया गया। इस दौरान कन्याओं के चरण धोकर उन्हें भोजन कराया गया और उपहार व दक्षिणा देकर आशीर्वाद लिया गया। मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं। माता के जयकारों और भजनों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया, जिससे श्रद्धालुओं में उत्साह का संचार हुआ। यह हवन-पूजन घर में सुख-समृद्धि, सकारात्मकता लाने और नकारात्मकता को दूर करने के उद्देश्य से किया जाता है। नवमी तिथि को माता सिद्धिदात्री की पूजा के बाद व्रत का पारण किया जाता है, जिसे विशेष रूप से शुभ माना जाता है।

नोट पर डोनाल्ड ट्रंप के दस्तखत क्यों छपने वाले हैं? असली कारण समझिए

अमेरिका में इस साल वह होने जा रहा है जो अब तक के इतिहास में नहीं हुआ है। इस साल के आखिर तक अमेरिकी डॉलर पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सिग्नेचर होंगे। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने इसकी आधिकारिक घोषणा कर दी है। यह अमेरिकी इतिहास में पहली बार होगा जब किसी मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति का सिग्नेचर डॉलर नोटों पर होगा। ट्रंप के सिग्नेचर वाले नोट अमेरिका की 250वीं वीं वर्षगांठ के मौके पर जारी किया जाएगा।

डॉलर के नोट 1861 में शुरू हउए थे और तब से अब तक किसी भी नोट पर मौजूदा राष्ट्रपति के सिग्नेचर नहीं पाए गए हैं। नोटों पर आमतौर पर अमेरिका के कोषाध्यक्ष और ट्रेजरी सचिव के सिग्नेचर होते हैं लेकिन आने वाले नए नोटों पर डोनाल्ड ट्रंप और ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट के सिग्नेचर होंगे। इस फैसले की चर्चा अब पूरी दुनिया में है।

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क्यों लिया यह फैसला?

इस फैसले की जानकारी देते हुए ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका आर्थिक विकास, डॉलर के लंबे समय तक इंटरनेशनल दबदबे और मजबूत वित्तीय स्थित की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, ‘हमारे महान देश और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ऐतिहासिक उपलब्धियों को पहचान देने का इससे ज्यादा शक्तिशाली तरीका कोई नहीं है कि अमेरिकी डॉलर के नोटों पर उनका नाम हो और यह बिल्कुल उचित है कि यह ऐतिहासिक करेंसी देश की 250वीं वर्षगांठ के मौके पर जारी की जाएं।’

सिक्के पर ट्रंप की तस्वीर

अमेरिकी डॉलर पर अब तक किसी मौजूदा राष्ट्रपति के सिग्नेचर नहीं हुए हैं लेकिन अब ट्रंप इस परंपरा को तोड़ने वाले हैं। ट्रंप हर जगह अपनी छाप छोड़ने की कोशिश में लगे हुए हैं। इससे पहले पिछले सप्ताह भी उन्होंने कुछ इसी तरह का फैसला लिया था। उनके ही एक सलाहकार आयोग ने सोने के सिक्के के डिजाइन को मंजूरी दी, जिस पर डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीर होगी। यह सिक्का भी 4 जुलाई को जारी होगा। 4 जुलाई 1776 को अमेरिका की स्थापना हुई थी और अमेरिका की 250वीं सालगिराह पर ट्रंप की तस्वीर वाला यह सिक्का जारी होगा।

सिक्के के जिस डिजाइन को मंजूरी दी गई है उसकी एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप खड़े हुए दिखाया गया है, जबकि दूसरी तरफ पंख फैलाकर बैठे हुए एक ईगल को दिखाया गया है। वह किसी घंटी जैसी चीज पर बैठा हुआ है। इस सिक्के की कोई करेंसी वैल्यू नहीं है और ना ही इसकी कीमत अभी जारी की गई हैष। हालांकि, माना जा रहा है कि इस सिक्के की कीमत 1,000 डॉलर से ज्यादा हो सकती है।

विरोधी कर रहे आलोचना

ट्रंप के इन फैसलों की उनके विरोधी आलोचना कर रहे हैं। ट्रंप के विरोधी इसे गैरकानूनी कह रहे हैं। उनका तर्क है कि ट्रंप के यह फैसले संघीय कानून के खिलाफ जाते हैं जिसमें कहा गया है कि कोई भी जीवित राष्ट्रपति अमेरिकी करेंसी पर नहीं दिखाया जा सकता। हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने सिक्के के बाद अब डॉलर नोट पर भी ट्रंप के सिग्नेचर होने की घोषणा कर दी है।

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क्या कहता है कानून?

सीएनएन की एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप का यह फैसला अमेरिकी कानून के कारण सवालों के घेरे में है। अमेरिकी कानून के अनुसार, मौजूदा राष्ट्रपति की तस्वीर नहीं हो सकती है। इसके अलावा पूर्व राष्ट्रपति की तस्वीर भी करेंसी पर नहीं हो सकती है। हालांकि, कानून में यह प्रावधान है कि राष्ट्रपति की मौत के बाद उनकी तस्वीर करेंसी पर लगाई जा सकती है लेकिन उसके लिए भी मौत को कम से कम दो साल का समय पूरा होना चाहिए। अमेरिका के 30वें राष्ट्रपति के बाद से ऐसा किसी भी राष्ट्रपति के लिए नहीं किया गया है।