विक्रमजोत, हर्रैया, बस्ती में तेल न मिलने की अफवाहों के कारण पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। विक्रमजोत विकास क्षेत्र के शंकरपुर गांव स्थित एचपी पेट्रोल पंप और कवलपुर के बजरंग बली फीलिंग स्टेशन पर सुबह से ही डीजल व पेट्रोल खरीदने वालों की लंबी कतारें देखी गईं। पंप कर्मचारियों के अनुसार, लोगों में यह अफवाह फैल गई है कि अगले दो दिनों में तेल मिलना बंद हो जाएगा। इसी डर से लोग अपनी मोटरसाइकिलों, गाड़ियों और ट्रैक्टरों की टंकी फुल करवा रहे हैं। कई लोग अपने साथ डिब्बे लेकर भी आए हैं, जिनमें वे अतिरिक्त डीजल भरवा रहे हैं। क्षेत्र के पचवस, छावनी, हलवइया चक और धुसैनियां स्थित पेट्रोल पंपों पर भी ऐसी ही स्थिति देखने को मिली, जहां ग्राहकों की भारी भीड़ जमा रही। इससे पंप कर्मचारियों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस संबंध में आपूर्ति निरीक्षक विक्रमजोत मधू सिंह ने बताया कि अयोध्या की ओर से तेल की कमी की अफवाह फैलने की सूचना मिली है। इसी अफवाह का असर विक्रमजोत सहित अन्य क्षेत्रों में भी देखा जा रहा है, जहां लोग अपनी गाड़ियों के साथ-साथ डिब्बों में भी तेल भरकर स्टॉक कर रहे हैं। मधू सिंह ने स्पष्ट किया कि तेल की कोई कमी नहीं है। सभी पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त मात्रा में तेल उपलब्ध है और आगे भी रहेगा। पंप कर्मचारियों द्वारा ग्राहकों को यह जानकारी दी जा रही है कि ऐसी कोई समस्या नहीं है, लेकिन अफवाहों के चलते लोग बड़ी संख्या में तेल खरीदने पहुंच रहे हैं।
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तेल न मिलने की अफवाह पर पेट्रोल पंपों पर भीड़:अयोध्या से उड़ी अफवाह, आपूर्ति निरीक्षक ने कहा- तेल की कमी नहीं
होर्मुज तनाव के बीच सरकार का भरोसा: पेट्रोल-डीजल और LPG की कोई कमी नहीं
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने गुरुवार को साफ तौर पर कहा कि देश में पेट्रोलियम और एलपीजी (एलपीजी) की आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित और नियंत्रण में है। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे ‘भ्रामक और दुष्प्रचार’ पर ध्यान न दें, जिसका उद्देश्य बेवजह घबराहट पैदा करना है।
60 दिनों का स्टॉक उपलब्ध
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, भारत के पास कुल मिलाकर 74 दिनों की भंडारण क्षमता है, जिसमें से वर्तमान में लगभग 60 दिनों का स्टॉक उपलब्ध है। इसमें कच्चा तेल, पेट्रोलियम उत्पाद और भूमिगत रणनीतिक भंडारण (कवर्न) शामिल हैं। मंत्रालय ने बताया कि मध्य पूर्व संकट के 27वें दिन भी देश में कहीं भी पेट्रोल, डीजल या एलपीजी की कोई कमी नहीं है।
सरकार ने कहा, हर भारतीय के लिए लगभग दो महीने की निरंतर आपूर्ति उपलब्ध है, चाहे वैश्विक परिस्थितियां कैसी भी हों। साथ ही अगले दो महीनों के लिए कच्चे तेल की खरीद भी पहले ही सुनिश्चित कर ली गई है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि कुछ देशों में जहां ईंधन की कीमतों में भारी वृद्धि, राशनिंग, ऑड-ईवन नियम और पेट्रोल पंप बंद होने जैसी स्थिति है, वहीं भारत में ऐसी किसी भी आपातकालीन उपाय की जरूरत नहीं है।
पेट्रोल पंप मालिकों को राहत
सरकार की ओर से कहा गया है कि कुछ जगहों पर घबराहट में ईंधन खरीदने की घटनाएं सामने आईं, लेकिन सरकार ने इसे सोशल मीडिया पर फैलाए गए भ्रामक वीडियो का परिणाम बताया। इसके बावजूद सभी उपभोक्ताओं को ईंधन उपलब्ध कराया गया और तेल कंपनियों ने रातभर डिपो चलाकर सप्लाई बढ़ाई। सरकार ने पेट्रोल पंप मालिकों को राहत देते हुए क्रेडिट सीमा 1 दिन से बढ़ाकर 3 दिन कर दी है, ताकि कार्यशील पूंजी की कमी के कारण किसी भी पंप पर ईंधन की कमी न हो।मंत्रालय ने बताया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की मौजूदा स्थिति के बावजूद भारत को अपने 41 से अधिक वैश्विक आपूर्तिकर्ताओं से पहले की तुलना में अधिक कच्चा तेल मिल रहा है। देश की सभी रिफाइनरियां 100% से अधिक क्षमता पर चल रही हैं और अगले 60 दिनों के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति पहले से तय है।
एलपीजी आपूर्ति भी पूरी तरह सुरक्षित
एलपीजी को लेकर भी सरकार ने किसी तरह की कमी से इनकार किया है। मंत्रालय के अनुसार, घरेलू उत्पादन में 40% की वृद्धि की गई है, जिससे रोजाना उत्पादन 50 हजार मीट्रिक टन(टीएमटी) तक पहुंच गया है, जो कुल आवश्यकता का 60% से अधिक है। अब आयात की दैनिक जरूरत घटकर 30 टीएमटी रह गई है। इसके अलावा, अमेरिका, रूस और ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों से 800 टीएमटी एलपीजी की खेप पहले से रास्ते में है, जो देश के 22 आयात टर्मिनलों पर पहुंचेगी।
सरकार ने कहा, लगभग एक महीने की एलपीजी आपूर्ति पूरी तरह सुनिश्चित है और अतिरिक्त खरीद लगातार जारी है। तेल कंपनियां रोजाना 50 लाख से अधिक सिलिंडर की आपूर्ति कर रही हैं। कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए व्यावसायिक सिलिंडरों का आवंटन 50% तक बढ़ाया गया है।
पीएनजी को बढ़ावा, लेकिन एलपीजी पर कोई असर नहीं
सरकार पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) को भी बढ़ावा दे रही है, क्योंकि यह सस्ता, सुरक्षित और पर्यावरण के लिए बेहतर है। भारत रोजाना 92 मिलियन क्यूबिक मीटर प्रति माह (एमएमएससीएमडी) गैस खुद पैदा करता है, जबकि कुल जरूरत 191 मिलियन क्यूबिक मीटर प्रति माह है, जिससे भारत एलपीजी की तुलना में गैस पर आयात के मामले में काफी कम निर्भर है। सिटी गैस नेटवर्क 2014 के 57 क्षेत्रों से बढ़कर 300 से अधिक क्षेत्रों तक पहुंच चुका है और घरेलू PNG कनेक्शन 25 लाख से बढ़कर 1.5 करोड़ से ज्यादा हो गए हैं। मंत्रालय ने साफ किया कि पीएनजी को बढ़ावा देने का मतलब यह नहीं है कि एलपीजी खत्म हो रही है। एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है।
आंध्र प्रदेश बस हादसा: रेवंत रेड्डी ने जताया शोक, PMO का मुआवजा एलान
हैदराबाद। आंध्र प्रदेश के मार्कापुरम जिले में गुरुवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। एक निजी बस की एक ट्रक से टक्कर होने के बाद उसमें आग लग जाने से कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई। वहीं, 23 अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। बस दुर्घटना में मौतों पर तेलांगना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने दुख जताया है। इसके साथ ही उन्होंने हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया है।
मृतकों के परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं- रेवंत रेड्डी
रेवंत रेड्डी ने एक्स पर लिखा है, “मार्कपुरम में हुई बस दुर्घटना से गहरा सदमा लगा है। इस घटना में कई लोगों की मौत की खबर से गहरा दुख हुआ है। मृतकों के परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। घायलों को बेहतर चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने के लिए हम आंध्र प्रदेश सरकार के अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहे हैं। मैंने मुख्य सचिव रामकृष्ण राव को निर्देश दिया है कि वे तेलंगाना राज्य के निर्मल से आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जा रही इस बस दुर्घटना में मृतकों और घायलों का विवरण प्राप्त करें और युद्धस्तर पर राहत कार्य शुरू करने के लिए आंध्र प्रदेश के अधिकारियों के साथ समन्वय करें।”
मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका
दरअसल, आंध्र प्रदेश के मार्कपुरम जिले में रायवरम के पास गुरुवार सुबह 6:30 बजे एक निजी ट्रैवल बस की टिपर ट्रक से टक्कर हो गई, जिसमें 13 लोग जलकर मर गए और 15 अन्य घायल हो गए। आग लगने से दोनों वाहन पूरी तरह जल गए। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है क्योंकि कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। मृतकों और घायलों में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। बस हैदराबाद से प्रकाशम जिले के पामुरु आ रही थी। मृतक कनिगिरी और पामुरु के निवासी थे। टिपर कंक्रीट से लदा हुआ चिमाकुर्थी से मार्कपुरम जा रहा था। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल कर्मी मौके पर पहुंचे और बचाव व राहत कार्य शुरू किया। आग बुझाने के लिए दमकल की तीन गाड़ियां लगाई गईं।
होटल वाले नहीं मांग सकते गैस चार्ज, शिकायत करने का तरीका जान लीजिए
सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने देशभर के होटल और रेस्टोरेंट्स को सख्त चेतावनी दी है। अब खाने के बिल में ‘LPG चार्ज’, ‘गैस सरचार्ज’ या ‘फ्यूल कॉस्ट रिकवरी’ जैसे पैसे जोड़ना पूरी तरह गैर-कानूनी घोषित कर दिया गया है। अथॉरिटी ने साफ किया है कि ऐसा करना ग्राहकों के साथ धोखा है और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर अब भारी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
CCPA ने नया आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि गैस, बिजली या दुकान चलाने का कोई भी दूसरा खर्च होटल के अपने बिजनेस का हिस्सा होता है। रेस्टोरेंट्स को इन निजी खर्चों को अलग से बिल में जोड़ने का कोई कानूनी हक नहीं है। नियम के अनुसार, मेन्यू कार्ड पर जो कीमत लिखी है, ग्राहक को सिर्फ वही और उस पर लगने वाला सरकारी टैक्स (GST) ही देना होगा। इसके अलावा किसी भी तरह का गुप्त चार्ज वसूलना अब मुमकिन नहीं होगा।
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सर्विस चार्ज के बदले निकाला था नया रास्ता
जांच में यह बात सामने आई है कि जब से सर्विस चार्ज वसूलने पर पाबंदी लगी है, कई रेस्टोरेंट्स ने ग्राहकों की जेब काटने के लिए ‘LPG चार्ज’ जैसे नए नाम खोज लिए थे। नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन पर ऐसी शिकायतों की बाढ़ आ गई थी कि लोग खाने के दाम के अलावा भी कई तरह के अतिरिक्त चार्ज दे रहे हैं। CCPA ने इसे ‘अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस’ माना है और कहा है कि ग्राहकों को गुमराह करना अब बंद करना होगा।
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ग्राहक अब अपनी शिकायत यहां दर्ज कराएं
अथॉरिटी ने साफ कर दिया है कि इन नियमों को नजरअंदाज करने वाले संस्थानों पर उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत कड़ा एक्शन लिया जाएगा। अगर कोई रेस्टोरेंट बिल में जबरदस्ती अतिरिक्त चार्ज जोड़ता है, तो ग्राहक तुरंत उसे हटाने की मांग कर सकते हैं। इसके बाद भी अगर रेस्टोरेंट मालिक नहीं मानता है तो आप हेल्पलाइन नंबर 1915 पर कॉल करके या ‘ई-जाग्रति’ पोर्टल के जरिए अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं।
श्रावस्ती में चैत्र नवरात्रि पर श्रीमद्भागवत कथा:रास लीला में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
श्रावस्ती जनपद के गिलौला क्षेत्र स्थित समय माता मंदिर माजरे में चैत्र नवरात्रि के अवसर पर श्रीमद्भागवत कथा एवं रास लीला का आयोजन किया गया। देर रात तक चले इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। भक्तिमय भजनों और कथा प्रवचन से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष दद्दन मिश्रा और पूर्व ब्लॉक प्रमुख मिथिलेश सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने कथा स्थल पर पहुंचकर भगवान की आराधना की और कथा का श्रवण किया। आयोजकों तथा क्षेत्रवासियों ने अतिथियों का स्वागत किया। कथा वाचक ने श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से धर्म, भक्ति और नैतिक मूल्यों का महत्व समझाया। रास लीला के मनोहारी मंचन ने उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर क्षेत्र के कई गणमान्य व्यक्ति और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में आपसी भाईचारा, राष्ट्रीय एकता और राष्ट्रधर्म की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि ये कार्यक्रम युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का अवसर प्रदान करते हैं। कार्यक्रम देर रात तक चला, जिसमें श्रद्धालु भक्ति में लीन रहे। आयोजकों ने जानकारी दी कि कथा का आयोजन आगामी दिनों में भी जारी रहेगा।
‘…तो पीछे हटने का कोई रास्ता नहीं’, ईरान को ट्रंप ने अब कौन सी धमकी दी?
अमेरिका और ईरान के बीच पर्दे के पीछे बातचीत चल रही है। डोनाल्ड ट्रंप की तमाम कोशिशों के बावजूद ईरान झुकने को तैयार नहीं है। वहीं ट्रंप का दावा है कि ईरान समझौता करने की भीख मांग रहा है। धमकी भरे लहजे में अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान को गंभीर हो जाना चाहिए। नहीं तो पीछे हटना का कोई रास्ता नहीं बचेगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने जोर देकर कहा कि ईरान उनके प्रशासन के साथ बातचीत कर रहा है और एक समझौते को “बेहद” चाहता है, उनके प्रेस सचिव द्वारा यह कहने के कुछ घंटों बाद कि अमेरिका बमबारी अभियान में अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने के “बहुत करीब” है।
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अपने ट्रूथ सोशल पर डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा, ‘बातचीत करने वाले ईरानी बहुत अलग और अजीब हैं। वह हमसे डील करने की भीख मांग रहे हैं। उन्हें इसे करना भी चाहिए, क्योंकि वे सैन्य तौर पर पूरी तरह खत्म हो चुके हैं। उनके वापस आने का कोई मौका नहीं है। फिर भी वे सबके सामने कहते हैं कि वे सिर्फ हमारे प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं। यह गलत है। उन्हें जल्द ही गंभीर हो जाना चाहिए, इससे पहले कि बहुत देर हो जाए, क्योंकि एक बार ऐसा हो गया तो फिर पीछे हटने का कोई रास्ता नहीं होगा। यह बिल्कुल भी अच्छा नहीं होगा।’
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भारत भारी में 4 माह में ही टूटा नाला:ट्रेलर फंसने से मोतीगंज-रीवा मार्ग पर आवागमन हुआ बाधित
सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज तहसील क्षेत्र अंतर्गत आदर्श नगर पंचायत भारतभारी में मोतीगंज-रीवा मार्ग पर बना एक नाला चार माह में ही क्षतिग्रस्त हो गया। गुरुवार को इस टूटे नाले में एक ट्रेलर का पहिया धंस गया, जिससे मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। स्थानीय लोगों में अब्दुल वहीद, सलमान, अनिल, राहुल ने बताया कि यह नाला भारी लागत से बनाया गया था, लेकिन शुरुआती बारिश और वाहनों का दबाव भी नहीं झेल सका। नाले के एक हिस्से के धंसने से सड़क भी कमजोर हो गई है, जिससे बड़े वाहनों का गुजरना जोखिम भरा हो गया है। ट्रेलर फंसने के बाद सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और कई घंटों तक जाम की स्थिति बनी रही, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों और राहगीरों ने आरोप लगाया है कि नाले के निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी की गई, जिसके कारण यह इतनी जल्दी टूट गया। नगर पंचायत के अधिशाषी अधिकारी राजन गुप्ता ने इस संबंध में बताया कि उक्त नाले के क्षतिग्रस्त हिस्से की जल्द मरम्मत कराई जाएगी और निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच भी होगी। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
लग्जरी कार की डिग्गी पर बिठाए बच्चे, भारतीय मूल के शख्स पर सिंगापुर में केस
सिंगापुर में रहने वाले भारतीय मूल के एक शख्स ने अपनी लग्जरी स्पोर्ट्स कार चलाते समय भारी लापरवाही दिखाई, जिसके बाद उन पर अदालत में मामला दर्ज किया गया है। प्रेम अनन सुगुनाकुमार नाम के इस व्यक्ति पर आरोप है कि उन्होंने पिछले साल अपनी चलती कार की पिछली डिग्गी (रियर बूट) पर अपने दो छोटे बच्चों को बिठाया था। अधिकारियों का कहना है कि यह हरकत बच्चों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ थी और इससे उनकी जान को गंभीर खतरा हो सकता था।
यह हैरान करने वाली घटना पिछले साल 20 अक्टूबर को डेयरी फार्म के एक रिहायशी इलाके में हुई थी। जांच में सामने आया है कि जब कार सड़क पर चल रही थी, तब इस शख्स के 7 और 8 साल के दो बच्चे गाड़ी के अंदर बैठने के बजाय बाहर डिग्गी के ऊपर बैठे हुए थे। पुलिस ने इस व्यवहार को बहुत खतरनाक बताते हुए कहा कि यह ट्रैफिक नियमों का सीधा उल्लंघन है।
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सुरक्षा के सख्त नियम
सिंगापुर पुलिस ने साफ किया है कि बच्चों को हमेशा कार के अंदर सुरक्षित सीटों पर ही बिठाना चाहिए। छोटे बच्चों के लिए कार में ‘चाइल्ड सीट’ का इस्तेमाल करना जरूरी है। पुलिस का कहना है कि बच्चों को कार की डिग्गी जैसी असुरक्षित जगहों पर बिठाना कानूनन अपराध है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी क्योंकि इससे मासूमों की जान जोखिम में पड़ सकती है।
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जेल भी जाना पड़ सकता है
प्रेम अनन सुगुनाकुमार पर 14 साल के कम उम्र के बच्चों की जान खतरे में डालने और लापरवाही से गाड़ी चलाने का आरोप लगा है। अगर अदालत में यह आरोप साबित हो जाते हैं, तो उन्हें6 महीने तक की जेल की सजा काटनी पड़ सकती है। इसके अलावा उन पर 2,500 सिंगापुर डॉलर (लगभग 1.5 लाख रुपये से ज्यादा) का जुर्माना भी लगाया जा सकता है या फिर सजा और जुर्माना दोनों को भुगताना पड़ सकता हैं।
निचलौल रेंज के गांवों में बंदरों का आतंक:फसलों और पेड़-पौधों को कर रहे है नुकसान, स्थानीय परेशान
निचलौल रेंज के दर्जनों गांवों में इन दिनों बंदरों का आतंक बढ़ गया है। रमपुरवा, मदरहा, संडा, लोढ़िया बलहखोर, जहदा, कटहरी, बढ़या भोथीयाही, कमता, श्रीनगर दुर्गवालिया, कोल्हुआ, बड़हरा चरगहा और पकड़ी भारत खंड सहित कई गांवों के ग्रामीण बंदरों के झुंड से परेशान हैं, जो फसलों और पेड़-पौधों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। बंदरों के झुंड खेतों में लगी सब्जियों को बर्बाद कर रहे हैं। इसके अलावा, वे अमरूद के फल, फूल और पेड़ों की डालियों को भी तोड़कर नुकसान पहुंचा रहे हैं। इस समस्या से परेशान ग्रामीण दिनभर लाठी, डंडे और गुलेल लेकर अपनी फसलों की रखवाली करने को मजबूर हैं। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें छतों पर जाने से भी रोका जा रहा है। ग्राम सभा निवासी सागीर अली, दीपक, धनराज यादव, विजय, चन्दन सिंह सौरभ, कौशल चौधरी, भोला, श्रवण, पप्पू मद्देशिया, राजकुमार कुशवाहा, राजकुमार राय, कोमल भारती, शरीफ अली, विजय साहनी, अखिलेश मधेशिया, आशीष और मोहन जैसे कई ग्रामीणों ने बताया कि वे बंदरों के इस आतंक से बेहद परेशान हैं। उनका कहना है कि बंदरों ने इन दिनों जंगल छोड़कर गांवों में अपना बसेरा बना लिया है, जिससे उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं।
मिशन शक्ति के तहत कन्या पूजन:बस्ती में बेटियों के सम्मान का संदेश, पूजन किया
बस्ती में महिला कल्याण विभाग के मिशन शक्ति कार्यक्रम के तहत कन्या पूजन का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महिला अस्पताल परिसर स्थित सखी वन स्टॉप सेंटर पर हुआ, जिसकी अध्यक्षता नगर पालिका अध्यक्ष नेहा वर्मा ने की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं के सम्मान, सुरक्षा और समाज में उनके प्रति सकारात्मक संदेश प्रसारित करना था। इस अवसर पर नेहा वर्मा ने विधि-विधान से कन्या पूजन किया और उपस्थित बालिकाओं को चुनरी ओढ़ाकर सम्मानित किया। उन्हें टिफिन, पानी की बोतल, बैग और ज्योमेट्री बॉक्स जैसे उपयोगी उपहार भी दिए गए। अपने संबोधन में नेहा वर्मा ने बताया कि मिशन शक्ति कार्यक्रम के जरिए महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, स्वावलंबन और सशक्तिकरण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से बेटियों के सम्मान और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की अपील की। इस कार्यक्रम में बाल संरक्षण अधिकारी बीना सिंह, वरिष्ठ सहायक अशोक सिंह और सखी वन स्टॉप सेंटर के कर्मचारी सहित कई अन्य लोग उपस्थित थे।
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अपर पुलिस अधीक्षक बलरामपुर द्वारा आदिशक्ति माँ पाटेश्वरी देवी मंदिर, तुलसीपुर में लगे चैत्र नवरात्रि मेले का श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत किया गया निरीक्षण*
*अपर पुलिस अधीक्षक बलरामपुर श्री विशाल पाण्डेय* द्वारा चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर थाना तुलसीपुर क्षेत्रांतर्गत स्थित आदिशक्ति माँ पाटेश्वरी देवी मंदिर परिसर व मेला परिसर का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया।

निरीक्षण के दौरान मंदिर परिसर, प्रवेश एवं निकास मार्गों, पार्किंग व्यवस्था, बैरिकेडिंग, सीसीटीवी कैमरों तथा ड्यूटी में तैनात पुलिस बल की सतर्कता का अवलोकन किया गया। अपर पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा ड्यूटी में लगे समस्त अधिकारी/कर्मचारीगण को श्रद्धालुओं की सुविधा, सुगम दर्शन, भीड़ नियंत्रण एवं सुरक्षा के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

*अपर पुलिस अधीक्षक महोदय* द्वारा मंदिर प्रवेश एवं निकास मार्ग निरीक्षण के दौरान देखा कि एक महिला श्रद्धालु को, जो बहुत थकी हुई और व्याकुल लग रही थीं, धैर्य बंधाया और मिशन शक्ति टीम/ कर्मचारियों की मदद से उनका सुगम (आसान) दर्शन सुनिश्चित कराया गया।
महोदय द्वारा निर्देशित किया गया कि भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर विशेष सतर्कता बरती जाए, संदिग्ध व्यक्तियों/वस्तुओं पर कड़ी निगरानी रखी जाए तथा महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के दृष्टिगत मिशन शक्ति टीम सक्रिय रूप से कार्य करे। साथ ही यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने हेतु संबंधित को आवश्यक निर्देश दिए गए।
जनपद पुलिस द्वारा चैत्र नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।
इस दौरान प्रभारी निरीक्षक तुलसीपुर श्री सुधीर कुमार सिंह , मेला प्रभारी मय टीम व अन्य अधिकारी/ कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
पान मसाला विज्ञापन केस में Salman Khan पर शिकंजा, कोर्ट ने पुलिस को दिए निर्देश
सलमान खान क्या होंगे गिरफ्तार? अदालत ने पान मसाला विज्ञापन मामले में पुलिस को दिया निर्देश
बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान पान मसाला के कथित भ्रामक विज्ञापन मामले में कानूनी घेराबंदी में फंसते नजर आ रहे हैं. जयपुर के जिला उपभोक्ता आयोग ने उनके खिलाफ जारी जमानती वारंट की तामील सुनिश्चित कराने के लिए पुलिस की विशेष टास्क फोर्स गठित करने के आदेश दिए हैं. आयोग ने निर्देश दिया है कि यह टीम मुंबई जाकर सलमान खान को वारंट तामील कराए. आयोग ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि यदि वारंट की तामील में बाधा उत्पन्न होती है या फिर 6 अप्रैल को सलमान खान के साथ पान मसाला कंपनी के निदेशक राकेश कुमार चौरसिया और दिनेश कुमार चौरसिया आयोग के समक्ष पेश नहीं होते हैं तो उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया जाएगा।
‘सेलिब्रिटी कानून से ऊपर नहीं’
आयोग के अध्यक्ष जीएल मीणा और सदस्य सुप्रिया अग्रवाल व अजय कुमार की पीठ ने पुलिस महानिदेशक के माध्यम से जयपुर पुलिस आयुक्त और उपायुक्त को यह आदेश जारी किए हैं. यह आदेश परिवादी योगेन्द्र सिंह की ओर से दायर शिकायत पर पारित किया गया है. आयोग ने अपने आदेश में कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा है कि सेलिब्रिटी स्टेटस किसी भी व्यक्ति को कानून से ऊपर होने का अधिकार नहीं देता है. वारंट की तामील नहीं होना कानून का मखौल है और इससे उपभोक्ताओं का आयोगों पर विश्वास भी कमजोर होता है।
केसर होने के दावे पर किया मुकदमा
मामले की शुरुआत योगेंद्र सिंह के दायर परिवाद से हुई, जिसमें राजश्री पान मसाला के विज्ञापन पर पाबंदी लगाने की मांग की गई. शिकायत में कहा गया कि उत्पाद को केसर युक्त बताया जा रहा है, जबकि उसकी कीमत के आधार पर उसमें वास्तविक केसर होना संभव नहीं है, जिससे उपभोक्ताओं को गुमराह किया जा रहा है. इससे पहले भी इस मामले में सलमान खान और पान मसाला कंपनी को राहत नहीं मिली है. राज्य उपभोक्ता आयोग ने उनकी निगरानी याचिकाओं को खारिज करते हुए भ्रामक विज्ञापन के मामलों में सख्ती के संकेत दिए थे. साथ ही केंद्र और राज्य सरकार को यह सिफारिश भी की गई थी कि ऐसे मामलों को केवल केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण तक सीमित न रखकर राज्य उपभोक्ता आयोगों के दायरे में भी लाया जाए।
श्रावस्ती में नव निर्माण के नौ वर्ष प्रदर्शनी संपन्न:अपर जिलाधिकारी ने कहा- योजनाओं से गरीबों का सशक्तिकरण हुआ
श्रावस्ती में उत्तर प्रदेश सरकार के ‘नव निर्माण के नौ वर्ष’ पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित नौ दिवसीय प्रदर्शनी एवं मेले का गुरुवार को समापन हो गया। कलेक्ट्रेट स्थित तथागत हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम का समापन जिलाधिकारी अश्विनी कुमार पाण्डेय के निर्देशानुसार अपर जिलाधिकारी अमरेन्द्र कुमार वर्मा और उपजिलाधिकारियों ने दीप प्रज्वलन कर किया। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी अमरेन्द्र कुमार वर्मा ने कहा कि बीते नौ वर्षों में प्रदेश सरकार ने गरीब, वंचित और पात्र लोगों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर मुख्यधारा में लाने का कार्य किया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सम्मान निधि, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना जैसी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंच रहा है। अपर जिलाधिकारी ने आगे कहा कि बैंकिंग और स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान कृषि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दी गई। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने किसानों को फसलों की सुरक्षा के प्रति जागरूक किया।
प्रदेश सरकार के नौ वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित एक लघु फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया, जिसे उपस्थित अधिकारियों और आमजन ने सराहा। प्रदर्शनी में ग्राम विकास, पंचायती राज, पूर्ति, शिक्षा, समाज कल्याण, पुलिस, दिव्यांगजन सशक्तीकरण, नगर पंचायत और स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए थे। अपर जिलाधिकारी सहित आमजन ने इन स्टॉलों का भ्रमण कर योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इस नौ दिवसीय प्रदर्शनी एवं मेले का सफल आयोजन संपन्न हुआ। इन नौ दिनों के दौरान विभिन्न योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को सीधे लाभान्वित किया गया, जिससे उनके सशक्तिकरण में मदद मिली।
























