*जिलाधिकारी ने राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों के साथ ई0वी0एम0 वेयरहाउस का किया निरीक्षण*
श्रावस्ती, 25 मार्च, 2026। सू0वि0। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जनपद में चल रहे विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण(SIR) कार्य की प्रगति समीक्षा बैठक जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी अश्विनी कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद के मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों एवं पुनरीक्षण कार्य में लगे अधिकारियों के साथ सम्पन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने सभी राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों से अपील किया कि विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान में अपना सहयोग प्रदान करें, ताकि भारत निर्वाचन आयोग के मंशानुरूप जिले में त्रुटि रहित मतदाता सूची तैयार की जा सके।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने निर्देशित किया कि यह अवश्य सुनिश्चित कर लें की कोई भी पात्र मतदाता छूटने न पाये, जिसका नाम मतदाता सूची में अंकित न हो। उन्होने सभी राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों से अपेक्षा किया कि बूथ लेवल एजेण्ट को भी विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्य में सक्रीय रूप से भूमिका निभाते हुए सहयोग प्रदान करने हेतु अपने स्तर से निर्देशित करें।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी(वि0/रा0) अमरेन्द्र कुमार वर्मा, उपजिलाधिकारी प्रवीण यादव, समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष सर्वजीत यादव, भाजपा से अरूण पाण्डेय, बसपा से दिनेश गौतम, कांग्रेस से यशोदानन्दन शर्मा, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी उमेश चरण आर्य सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी तथा पार्टी पदाधिकारी उपस्थित रहे।
तदोपरान्त जिला निर्वाचन अधिकारी ने राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों के साथ कलेक्ट्रेट में स्थित ई0वी0एम0/वी0वी0पैट वेयर हाउस का निरीक्षण कर जायजा लिया। उन्होने वेयर हाउस में रखे बैलेट यूनिट, कन्ट्रोल यूनिट तथा वी0वी0पैट की सतत् निगरानी एवं सुरक्षा व्यवस्था को बनाये रखने तथा सीसीटीवी कवरेज के डी0वी0आर0 के सतत् संचालन/रिकार्डिंग के भी निर्देश दिये है।
श्री अमरेन्द्र कुमार वरुण, कमांडेंट 62वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, भिनगा के दिशा निर्देशन में सीमा चौकी ककरदरी के अंतर्गत ग्राम अशरफ नगर में एक पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया।
इस शिविर का संचालन पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. इमरान खान (राजकीय पशु चिकित्सालय, सोनवा) एवं वाहिनी के वेटनरी स्टाफ मुख्य आरक्षी (पशु चिकित्सा) हंसराज चौधरी तथा आरक्षी (पशु चिकित्सा) सिद्धांत अहिरवार द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
शिविर के दौरान कुल 38 ग्रामीणों के 145 पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा उन्हें निःशुल्क परामर्श प्रदान किया गया। साथ ही पशुओं के उपचार हेतु आवश्यक दवाओं का भी निःशुल्क वितरण किया गया।
इस अवसर पर ग्रामीणों को पशुओं के स्वास्थ्य, देखभाल, टीकाकरण एवं रोगों की रोकथाम के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। शिविर के आयोजन से क्षेत्र के पशुपालकों में जागरूकता बढ़ी तथा उन्होंने एसएसबी एवं चिकित्सा टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।
62वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल द्वारा समय-समय पर इस प्रकार के जनकल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित कर सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को लाभान्वित किया जा रहा है।
चंद्रमा 7 मार्च शनिवार के दिन संतुलन और न्याय की राशि ‘तुला’ में गोचर कर रहे हैं, जिसका सीधा असर हमारे आपसी रिश्तों और फैसलों पर पड़ेगा। साथ ही आज का मूलांक 7 है, जिसके स्वामी खुद केतु हैं। केतु और शनिवार का यह मेल इंसान के भीतर आध्यात्मिक ऊर्जा और गहरी सोच को जगाने का काम करेगा।
ज्योतिषियों के अनुसार, यह दिन उन लोगों के लिए बहुत शुभ है जो अपनी लाइफ में बैलेंस बनाना चाहते हैं। चाहे वह नौकरी हो या घर-परिवार, आज लिया गया एक संतुलित फैसला आपको बड़ी सफलता दिला सकता है। भाग्य आज लगभग हर राशि पर मेहरबान रहने वाला है, बस जरूरत है सही दिशा में कदम उठाने की।
12 राशियों का राशिफल
मेष राशि
आज भाग्य आपके कदम चूमेगा और नए काम शुरू करने के लिए दिन बढ़िया है।
क्या करें: परिवार के साथ समय बिताएं और क्रिएटिव कामों में निवेश करें।
क्या न करें: किसी भी तरह के विवाद में न पड़ें और जल्दबाजी से बचें।
वृषभ राशि
पैसों के मामले में आज का दिन मजबूती लेकर आएगा।
क्या करें: पुराने दोस्तों से मिलें और योग-ध्यान पर फोकस करें।
क्या न करें: फालतू के खर्चे और गुस्से पर लगाम रखें।
मिथुन राशि
करियर में तरक्की के योग हैं, आपकी लीडरशिप की तारीफ होगी।
क्या करें: नई जिम्मेदारियों को स्वीकार करें और अच्छी किताबें पढ़ें।
क्या न करें: अपनी सेहत को नजरअंदाज न करें और अफवाहों से दूर रहें।
कर्क राशि
परिवार में सुख-शांति का माहौल रहेगा और मन प्रसन्न रहेगा।
क्या करें: माता-पिता की सेवा करें और घर के कामों में हाथ बटाएं।
क्या न करें: पुरानी कड़वी बातों को याद करके परेशान न हों।
सिंह राशि
आत्मविश्वास आसमान पर होगा और समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा।
क्या करें: दोस्तों के साथ मिलकर नए प्रोजेक्ट्स की प्लानिंग करें।
क्या न करें: अपने व्यवहार में अहंकार को न आने दें।
कन्या राशि
काम करने की क्षमता बढ़ेगी और धन लाभ के भी संकेत हैं।
क्या करें: वर्कआउट करें और ऑफिस के पेंडिंग काम निपटा लें।
क्या न करें: आज आलस्य को अपने पास न फटकने दें।
तुला राशि
आज चंद्रमा आपकी ही राशि में है, इसलिए दिन आपके लिए सबसे शानदार है।
क्या करें: पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम बिताएं और बैलेंस बनाकर चलें।
क्या न करें: अकेले बैठकर उदास न हों, लोगों से मिलें।
वृश्चिक राशि
आज आपको कुछ गुप्त स्रोतों से लाभ या कोई खुशखबरी मिल सकती है।
क्या करें: रिसर्च से जुड़े काम करें और दान-पुण्य में हिस्सा लें।
क्या न करें: किसी से उधार न लें और गुस्से पर काबू रखें।
धनु राशि
यात्रा के योग बन रहे हैं और किस्मत का पूरा साथ मिलेगा।
क्या करें: धार्मिक कार्यों में रुचि लें और पॉजिटिव लोगों के साथ रहें।
क्या न करें: जोखिम वाले कामों से आज दूर रहना ही बेहतर है।
मकर राशि
मेहनत का मीठा फल मिलेगा और करियर में स्थिरता आएगी।
क्या करें: अपने सीनियर अधिकारियों के साथ भविष्य की प्लानिंग करें।
क्या न करें: काम के चक्कर में अपने परिवार की अनदेखी न करें।
कुंभ राशि
मेल-जोल बढ़ेगा और नए संपर्कों से फायदा होने की उम्मीद है।
क्या करें: ग्रुप एक्टिविटी में हिस्सा लें और कुछ नया सीखने की कोशिश करें।
क्या न करें: अकेले कोई बड़ा फैसला न लें, दूसरों की सलाह भी सुनें।
मीन राशि
मन में शांति रहेगी और आध्यात्मिक विकास का अनुभव करेंगे।
क्या करें: संगीत या कला में समय बिताएं और जरूरतमंदों की मदद करें।
क्या न करें: मन में नकारात्मक विचार न लाएं और फिजूलखर्ची से बचें।
डिस्क्लेमर: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। व्यक्तिगत जानकारी के लिए ज्योतिषि से संपर्क करें।
हरियाणा के गुरुग्राम में तीन साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा पुलिस को कड़ी फटकार लगाई और उसके व्यवहार को शर्मनाक करार दिया। शीर्ष अदालत ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। महिला आईपीएस अधिकारी मामले की निष्पक्ष जांच करेंगी। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायाधीश जॉयमाल्य बागची और न्यायाधीश विपुल एम पंचोली की पीठ ने बुधवार को मामले की सुनवाई की।
पीठ ने हरियाणा सरकार को एसआईटी बनाने की अधिसूचना तुरंत जारी करने और गुरुग्राम पुलिस को मामले से जुड़े सभी रिकॉर्ड जांच टीम को सौंपने का निर्देश दिया है। शीर्ष अदालत ने गुरुग्राम पुलिस को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया और पूछा कि उनके खिलाफ एक्शन क्यों न लिया जाए? सुप्रीम कोर्ट ने मामले को किसी वरिष्ठ महिला न्यायिक अधिकारी को सौंपने का निर्देश गुरुग्राम जिला जज को दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुग्राम पुलिस के रवैये को शर्मनाक बताया और कहा, ‘पुलिस पीड़ित बच्ची के घर क्यों नहीं जा सकती? क्या वे कोई राजा-महाराजा हैं? जो पुलिसकर्मी वहां गया था, उसे तो भ्रष्टाचार के आरोपों में गिरफ्तार कर लिया गया।’ शीर्ष अदालत ने पोक्सो अधिनियम के तहत दर्ज मामले में सख्त धारा को हल्की धारा में बदलने पर भी फटकार लगाई और पूछा कि पुलिस के खिलाफ एक्शन क्यों न लिया जाए?
पद से क्यों न हटा दिया जाए: पीठ
पीठ ने गुरुग्राम बाल कल्याण समिति (CWC) को भी ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया। अदालत ने पूछा कि उन्हें उनके पद से क्यों न हटा दिया जाए? पीठ ने कहा, ‘5 फरवरी की रिपोर्ट से साफ पता चलता है कि सीडब्ल्यूसी सदस्यों के रवैये ने पीड़ित बच्ची की मुश्किलें और बढ़ा दीं। पूरा पुलिस बल, कमिश्नर से सब-इंस्पेक्टर तक ने यह साबित करने की हर मुमकिन प्रयास किया कि बच्ची के पास कोई सबूत नहीं है। उसके माता-पिता का केस भी कमजोर है। इसमें कोई शक नहीं है कि पोक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत एक गंभीर अपराध हुआ है।’
पुलिस के मुताबिक पूरा मामला गुरुग्राम के सेक्टर 54 का है। यहां तीन साल की एक बच्ची का करीब दो महीने तक यौन शोषण किया गया। पुलिस के मुताबिक घटना दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच है। बच्ची ने अपनी मां को घटना की जानकारी दी। इसके बाद 4 फरवरी को माता-पिता की शिकायत पर सेक्टर 53 पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता और पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। यौन शोषण का आरोप दो घरेलू सहायिकाओं और उनके एक पुरुष मित्र पर लगा है।
प्रेग्नेंसी की शुरुआत में आमतौर पर यूरिक एसिड का स्तर कम हो जाता है, क्योंकि किडनी अधिक तेजी से काम करता है। हालांकि, दूसरे या तीसरे ट्राइमेस्टर में यदि इसका स्तर असामान्य रूप से बढ़ता है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। बढ़ा हुआ यूरिक एसिड अक्सर शरीर में सूजन और ब्लड वेसेल्स में दबाव पैदा करता है जो सीधे तौर पर प्लेसेंटा पर असर डालता है।
इस दौरान शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं लेकिन यूरिक एसिड का स्तर बढ़ना मां और शिशु दोनों के लिए चिंता का विषय हो सकता है। इससे शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ता है। यदि इसे सही समय पर कंट्रोल न किया जाए, तो यह मां के लिवर और किडनी को प्रभावित करने के साथ-साथ प्लेसेंटा को मिलने वाले न्यूट्रीशन और ऑक्सीजन की आपूर्ति में भी रुकावट डाल सकता है।
आज चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि है। ज्योतिष शास्त्र में चैत्र मास को नववर्ष के आगमन और नई ऊर्जा के संचार का समय माना जाता है। कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि मुख्य रूप से देवी लक्ष्मी और नाग देवता की पूजा के लिए शुभ मानी जाती है। यह तिथि मन की शांति और संचित धन के प्रबंधन के लिए विशेष है। आज का दिन यह समझने का है कि हमें अपनी ऊर्जा को कहाँ केंद्रित करना है और किन पुरानी आदतों को पीछे छोड़ना है।
ग्रहों की स्थिति के अनुसार, आज का दिन सभी 12 राशियों के लिए मिश्रित परिणाम लेकर आया है। चंद्रमा की स्थिति आज मानसिक संवेदनशीलता बढ़ा सकती है, इसलिए निर्णय लेते समय भावुकता के बजाय तर्क का सहारा लेना बेहतर होगा। यह समय आध्यात्मिक शुद्धि और आने वाले नए संकल्पों की नींव रखने के लिए उत्तम है।
मेष: आज आपको कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। उत्साह बना रहेगा, लेकिन जल्दबाजी में काम बिगाड़ सकते हैं। आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। क्या करें: बड़ों का आशीर्वाद लेकर दिन की शुरुआत करें। क्या न करें: किसी भी अनजान व्यक्ति पर तुरंत भरोसा न करें।
वृषभ: सुख-सुविधाओं पर खर्च बढ़ सकता है। परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा। व्यापार में लाभ के योग हैं, लेकिन वाणी पर संयम रखना अनिवार्य है। क्या करें: सफेद वस्तुओं का दान करें। क्या न करें: निवेश के मामलों में रिस्क लेने से बचें।
मिथुन: आज का दिन रचनात्मक कार्यों के लिए बेहतरीन है। अटके हुए काम पूरे होंगे। मित्रों के सहयोग से कोई बड़ा प्रोजेक्ट हाथ लग सकता है। क्या करें: अपनी कार्ययोजना को डायरी में लिखें। क्या न करें: स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न बरतें।
कर्क: आज मन थोड़ा अशांत रह सकता है। नकारात्मक विचारों को खुद पर हावी न होने दें। कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों से विवाद होने की संभावना है। क्या करें: ॐ नमः शिवाय का जाप करें। क्या न करें: आज बड़े निवेश या प्रॉपर्टी के सौदे टाल दें।
सिंह: आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी। विद्यार्थी वर्ग को सफलता मिलेगी। क्या करें: सूर्य देव को जल अर्पित करें। क्या न करें: अहंकार में आकर किसी का अपमान न करें।
कन्या: आर्थिक दृष्टि से दिन लाभदायक है। पुरानी उधारी वापस मिल सकती है। कानूनी मामलों में पक्ष मजबूत होगा। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। क्या करें: गणेश जी को दूर्वा चढ़ाएं। क्या न करें: ऑफिस की बातें घर पर साझा न करें।
तुला: आज का दिन भागदौड़ भरा रहेगा। मेहनत का फल देर से मिलेगा लेकिन सकारात्मक रहेगा। धार्मिक यात्रा के योग बन रहे हैं। क्या करें: जरूरतमंदों को अन्न का दान करें। क्या न करें: दिखावे के चक्कर में ज्यादा खर्च न करें।
वृश्चिक: आज गुप्त शत्रुओं से सावधान रहने की जरूरत है। कार्यक्षेत्र में बदलाव की योजना बन सकती है। खान-पान का विशेष ध्यान रखें। क्या करें: हनुमान चालीसा का पाठ करें। क्या न करें: अपनी गुप्त बातें किसी से साझा न करें।
धनु: भाग्य का साथ मिलेगा। नौकरी में प्रमोशन के अवसर बन सकते हैं। वैवाहिक जीवन में प्रेम और तालमेल बढ़ेगा। क्या करें: पीली वस्तुओं का प्रयोग करें। क्या न करें: आज किसी को उधार न दें।
मकर: मेहनत का पूरा फल मिलेगा। प्रॉपर्टी से जुड़े विवाद सुलझ सकते हैं। नए व्यापार की शुरुआत के लिए समय अनुकूल है। क्या करें: शनि देव के सामने तेल का दीपक जलाएं। क्या न करें: आलस्य को अपने काम के बीच न आने दें।
कुंभ: विचारों में नवीनता आएगी। संतान पक्ष से शुभ समाचार मिल सकता है। अचानक धन लाभ की संभावना है। क्या करें: पक्षियों को दाना डालें। क्या न करें: अजनबियों से बहस करने से बचें।
मीन: आज मानसिक शांति का अनुभव करेंगे। पुराने विवाद सुलझ सकते हैं। करियर में अच्छे बदलाव की उम्मीद है। क्या करें: भगवान विष्णु की आराधना करें। क्या न करें: भावनाओं में बहकर कोई बड़ा फैसला न लें।
पाकिस्तान के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज, फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के एक बयान ने सोशल मीडिया पर हंगामा मचा दिया है। 19 मार्च को आसिम मुनीर ने शिया धर्मगुरुओं के साथ एक बैठक की थी। बैठक में उन्होंने ईरान और इजराइल युद्ध के बारे में बातचीत की। इसी दौरान आसिम मुनीर ने शिया समुदाय के लोगों को हिदायत दी कि ईरान का समर्थन न करें। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग ईरान का समर्थन करते हैं, उन्हें पाकिस्तान छोड़ देना चाहिए। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बवाल मच गया है।
आसिम मुनीर के बयान के बाद सोशल मीडिया पर एक शिया नेता का वीडियो सामने आया है। शिया नेता ने उनके बयानों का जमकर विरोध किया और उन्हें याद दिलाया कि शिया समुदाय ने भी पाकिस्तान के निर्माण में अहम भूमिका निभाई है, क्योंकि मोहम्मद अली जिन्ना शिया समुदाय से थे। इसके अलावा शिया नेता ने साफ कहा कि हम पाकिस्तानी थे, हैं और हमेशा रहेंगे। शिया और सुन्नी मुसलमान हमेशा से पाकिस्तान में भाईचारे के साथ रहे हैं और आगे भी ऐसे ही रहेंगे। शिया नेता की इस प्रतिक्रिया को सोशल मीडिया पर कई लोगों का समर्थन मिला है।
बैठक को लेकर शिया धर्मगुरु अल्लामा आगा शिफा ने बताया कि इस दौरान आसिम मुनीर ने इस्लामाबाद के लोगों पर नाराजगी जताई थी, क्योंकि वहां के लोगों ने अली खामेनेई की मौत की अफवाह के बाद प्रदर्शन किया था। इसके बाद आसिम मुनीर ने कहा, ‘अगर आपको ईरान के प्रति ज्यादा हमदर्दी है तो आप ईरान ही चले जाएं।’ इस बयान ने न सिर्फ हंगामा खड़ा कर दिया, बल्कि शिया समुदाय के लोगों की देशभक्ति पर भी सवाल खड़े कर दिए। कई लोग उनके विचारों का विरोध कर रहे हैं।
शिया नेताओं ने क्या कहा?
शिया नेता ने कहा, ‘हम पाकिस्तानी थे, हैं और हमेशा पाकिस्तानी रहेंगे। हमें आपके सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है। आपको याद होना चाहिए कि पाकिस्तान बनाने वाले एक शिया थे, यानी जिन्ना शिया समुदाय से थे।’
उन्होंने कहा, ‘हमारा मजहबी रिश्ता ईरान के साथ है, इसलिए आपको यह समझना चाहिए कि धर्मगुरुओं को बुलाकर जो आपने धमकी दी है, उससे शिया समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंची है। यह ठीक नहीं है। आप पाकिस्तान के मुलाजिम हैं, क्योंकि आपने पाकिस्तान की वर्दी पहनी है, इसलिए कुछ भी कहने से पहले अपनी भाषा का ध्यान रखें। साथ ही पाकिस्तान के शिया समुदाय को डराने की कोशिश न करें।’ इसके बाद शिया नेता ने आसिम मुनीर को ताना मारते हुए कहा, ‘आप अमेरिका और इजराइल के करीब जा रहे हैं। अगर आपको उनसे हमदर्दी है, तो आप इस मुल्क से चले जाएं।’
जम्मू केंद्रीय विश्वविद्यालय ने एमए पॉलिटिकल साइंस के सिलेबस की समीक्षा करने के लिए एक कमेटी बनाई थी। सिलेबस की समीक्षा करने के बाद कमेटी ने पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना, सर सैयद अहमद खान और मोहम्मद इकबाल से जुड़े विषयों को सिलेबस से हटाने की सिफारिश की है।
दरअसल, बीजेपी के छात्र संगठन यह फैसला अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने एमए के सिलेबस में तीनों लोगों को पढ़ाए जाने का विरोध किया था। ABVP ने पिछले हफ्ते शुक्रवार को पाकिस्तान के संस्थापक पर एक चैप्टर हटाने की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन भी किया था। बता दें कि यह चैप्टर नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 के तहत रिवाइज्ड पोस्टग्रेजुएट सिलेबस में शामिल किया गया था।
विश्वविद्यालय के पॉलिटिकल साइंस विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर बलजीत सिंह मान ने कहा कि फैकल्टी और डिपार्टमेंटल अफेयर्स कमेटी की एक मीटिंग 22 मार्च को हुई थी। उन्होंने एक साल के पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम और दो साल के पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम के कोर्स चैप्टर से जिन्ना, सर सैयद अहमद खान और मोहम्मद इकबाल से जुड़े विषय को हटाने की सिफारिश करने का एकमत से फैसला किया है।
विभाग ने सिलेबस से तीनों के टॉपिक पर विचार करने के लिए बोर्ड ऑफ स्टडीज को भेज दी गई है। HoD मान ने कहा कि इस मामले पर आगे विचार-विमर्श करने के लिए बोर्ड ऑफ स्टडीज की 24 मार्च को मीटिंग होनी है। इससे पहले विश्वविद्यालय ने सिलेबस का बचाव करते हुए कहा था कि जिन्ना और दूसरे विचारकों को शामिल करना पूरी तरह से एकेडमिक फैसला था और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की गाइडलाइंस के मुताबिक था।
प्रोफेसर मान ने कहा कि ‘मॉडर्न इंडियन पॉलिटिकल थॉट’ पर मॉड्यूल में अलग-अलग विचारधारा वाले विचारकों की एक बड़ी रेंज शामिल है। इसमें सर सैयद अहमद खान, मोहम्मद इकबाल, विनायक दामोदर सावरकर, एम एस गोलवलकर, महात्मा गांधी, बी आर अंबेडकर, जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल शामिल हैं।
उन्होंने साफ किया कि सिलेबस को छात्रों को कई नजरिए पढ़ने और समझने के लिए डिजाइन किया गया था। उन्होंने कहा कि इन विचारकों में से कई लोगों ने अपनी जिंदगी के अलग-अलग दौर में राष्ट्रवादी रुख अपनाया, जिससे ऐतिहासिक समझ के लिए उनकी पढ़ाई जरूरी हो जाती है।
जेनरेशन जेड यानी वे लोग जिनका जन्म 1997 से 2012 के बीच हुआ है। माना जाता है कि इस जेनरेशन की सोच-विचार बेबी बूमर जेनरेशन के विचारों से बिल्कुल विपरीत और प्रगतिशील होती है। एक सर्वे ने इस धारणा को एक सर्वे ने खारिज कर दिया है। सर्वे के अनुसार, जेनरेशन जेड के विचार बेबी बूमर पीढ़ी से भी पीछे हैं। बेबी बूमर जेनरेशन वह होती है जिनका जन्म 1946 से 1964 के बीच हुआ था। एक चौंकाने वाला सर्वे सामने आया है। सर्वे के मुताबिक, आज के जेनरेशन जेड के पुरुषों की सोच पुरानी पीढ़ी के से भी पीछे है। इस स्टडी में यह भी पता चला है कि जेनरेशन जेड के पुरुष इस जेनरेशन की महिलाओं से ज्यादा पुरानी सोच रखते हैं। जेनरेशन जेड के पुरुषों का महिलाओं की स्वतंत्रता लेकर, समानता और यौन संबंध को लेकर कई बड़ी बातें सामने आई हैं।
यह सर्वे 5 मार्च को सामने आया है। किंग्स कॉलेज लंदन और ग्लोबल इंस्टीट्यूट फॉर वीमेन लीडरशिप ने मिलकर एक स्टडी पेश की है। इस सर्वे में कुल 29 देशों के जेनरेशन जेड और बेबी बूमर जेनरेशन से सवाल पूछे गए हैं। सर्वे में 23,000 लोगों ने हिस्सा लिया है। इस सर्वे में भारत, ग्रेट ब्रिटेन, अमेरिका, ब्राजील और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश भी शामिल हैं। सर्वे में यह भी पता चला है कि जेनरेशन जेड के पुरुषों का एक तरफ मानना है कि पुरुषों की हर बात महिलाएं मानें, वहीं दूसरी तरफ जेनरेशन जेड के पुरुष यह भी सोच रखते हैं कि नौकरी करने वाली महिला ज्यादा आकर्षक होती हैं। अब सवाल उठता है कि किन-किन विषयों में जेनरेशन जेड के विचार बेबी बूमर के विचारों से पुराने हैं।
इस सर्वे में पता चला है कि जेनरेशन जेड के 31 फीसदी पुरुषों का मानना है कि पत्नियों को अपने पति के हर फैसले को बिना सवाल उठाए मानना चाहिए। इसके बजाय बेबी बूमर्स जेनरेशन के सिर्फ 13 फीसदी पुरुषों का मानना है कि महिलाओं को पति की हर बात माननी चाहिए। इन आंकड़ों से साफ होता है कि जेनरेशन जेड के लोग पुरानी पीढ़ी वाली सोच आज भी रखते हैं। इसके अलावा कई मामलों में जेनरेशन जेड के विचार बेबी बूमर जेनरेशन के विचारों से ज्यादा पुराने हैं।
इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि जेनरेशन जेड की महिलाओं और पुरुषों के विचारों में कितना अंतर है। आज के दौर में पति-पत्नी के रिश्ते अक्सर टूट जाते हैं, उसकी एक वजह यह भी हो सकती है कि पुरुषों और महिलाओं के विचारों में मतभेद है। जैसे ज्यादातर जेनरेशन जेड के पुरुषों का मानना है कि महिलाओं को पति की बात माननी चाहिए।
सर्वे के अनुसार 24 प्रतिशत जेनरेशन जेड के पुरुषों का मानना है कि महिलाओं को आत्मनिर्भर और स्वतंत्र नहीं होना चाहिए जबकि बेबी बूमर जेनरेशन के 12 प्रतिशत पुरुष इस बात से सहमत हैं। 15 फीसदी जेनरेशन जेड की महिलाओं को लगता है कि महिलाओं को स्वतंत्र नहीं होना चाहिए, वहीं बेबी बूमर जेनरेशन की 7 फीसदी महिलाएं इस बात से सहमत हैं।
पहले पहल किसे करना चाहिए
जेनरेशन जेड के 21 प्रतिशत पुरुषों को लगता है कि महिलाओं को यौन संबंध बनाने की पहल नहीं करनी चाहिए। वहीं बेबी बूमर जेनरेशन के 7 प्रतिशत पुरुष इस बात से सहमत हैं। जेनरेशन जेड की 12 प्रतिशत महिलाओं को लगता है कि महिलाओं को संबंध बनाने में पहल नहीं करनी चाहिए, जबकि बेबी बूमर जेनरेशन की 7 प्रतिशत महिलाएं इस बात से सहमत हैं।
इस सर्वे में जेनरेशन जेड के विचारों में विरोधाभास देखने को मिला है। जहां एक तरफ जेनरेशन जेड के पुरुषों का कहना है कि महिलाओं को समानता मिलनी चाहिए, वहीं दूसरी तरफ उनका यह भी कहना है कि महिलाओं को अपने पतियों की बात माननी चाहिए और ज्यादा आत्मनिर्भर नहीं होना चाहिए।
जेनरेशन जेड के कई पुरुषों का मानना है कि महिलाएं ज्यादा आत्मनिर्भर नहीं होनी चाहिए, वहीं जेनरेशन जेड के 41 प्रतिशत पुरुषों का यह भी मानना है कि सफल करियर वाली महिला ज्यादा आकर्षक लगती है।
समानता के अधिकार में जेनरेशन जेड आगे
इस सर्वे के अनुसार 50 प्रतिशत जेनरेशन जेड के युवा ऐसे हैं जो मानते हैं कि महिलाओं को समानता मिलनी चाहिए। बेबी बूमर जेनरेशन के 45 प्रतिशत लोग इस बात से सहमत नजर आते हैं।
मर्द बनने का दबाव
इस सर्वे से पता चला है कि आज के जेनरेशन जेड के युवा न सिर्फ महिलाओं से उम्मीद रखते हैं बल्कि पुरुष समाज के लिए भी कुछ उम्मीदें रखते हैं। उनका मानना है कि एक पुरुष को मर्द बनकर रहना चाहिए। कुल 30 प्रतिशत पुरुषों का मानना है कि पुरुषों को अपने दोस्तों को ‘आई लव यू’ नहीं बोलना चाहिए। अब सवाल उठता है कि ऐसी क्या वजह है कि जेनरेशन जेड के पुरुषों की सोच बूमर जेनरेशन से भी पीछे है।
जेनरेशन जेड की सोच पीछे क्यों है?
कई जानकारों का मानना है कि जेनरेशन जेड ने बचपन से अपने घर में बड़े फैसले पुरुषों को लेते देखा है। इसलिए उन्हें सही लगता है कि घर में बड़े फैसले पुरुष ही लें। दूसरी वजह यह मानी जा रही है कि सोशल मीडिया से जेनरेशन जेड बेहद प्रभावित होते हैं। सोशल मीडिया पर टॉक्सिक मिसोजिनी को भी कुछ लोग सामान्य मानने लगे हैं। यही विचार जेनरेशन जेड अपना रहे हैं। इस वजह से उनकी सोच कई मामलों में पुरानी होती जा रही है।
ज्योतिषीय दृष्टि से 9 मार्च यानी की सोमवार का दिन बहुत खास है। आज चंद्रमा वृश्चिक राशि में गोचर कर रहे हैं, जो हमें मानसिक गहराई और आंतरिक शक्ति का अहसास कराएगा। साथ ही आज का मूलांक 9 है, जिसका सीधा संबंध मंगल ग्रह से है। मंगल की यह ऊर्जा हमें कठिन निर्णय लेने और अपने लक्ष्यों की ओर निडर होकर बढ़ने की प्रेरणा देगी।
यह दिन उन लोगों के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद साबित होने वाला है जो किसी बड़े बदलाव की तलाश में हैं। अगर आप अपनी रणनीतियों पर काम करना चाहते हैं या कोई साहसी कदम उठाना चाहते हैं, तो ग्रहों की स्थिति आपके पक्ष में है। आइए जानते हैं आपकी राशि के लिए आज के सितारे क्या कहते हैं।
मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच ईरान ने शनिवार को इजरायल पर अब तक का सबसे घातक हमला किया है। इस हमले में 100 से ज्यादा इजरायली घायल हो गए हैं। ईरान ने इजरायल के दक्षिणी शहर डिमोना में मिसाइलों की बारिश करदी। ईरान ने जिस जगह पर हमला किया इसी जगह पर इजरायल की परमाणु साइट मौजूद हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि ईरान का यह हमला सीधे इजरायल की मुख्य परमाणु फैसिलिटी पर हमला है।
ईरान के सरकारी टीवी ने इजरायल पर किए गए हमले को ईरान के नतांज न्यूक्लियर एनरिचमेंट कॉम्प्लेक्स पर दिन में हुए हमले का जवाब बताया। इजरायल की इमरजेंसी सेवाओं के मुताबिक, देश के अराद इलाके में कम से कम 88 लोग घायल हुए, जिनमें 10 की हालत गंभीर है। साथ ही शहर के बीच में बहुत ज्यादा नुकसान होने की खबर है।
वहीं, डिमोना में 39 लोग घायल हुए हैं। यहां कई रिहायशी इमारतें तबाह हो गईं। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमलों पर बात करते हुए इसे इजरायल के लिए एक बड़ा हमला बताया। उन्होंने ईरान पर हमला जारी रखने की कसम खाई।
एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिवेट, कोई फायदा नहीं
इजरायली सेना के मुताबिक हमलों के दौरान इजरायल के एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिवेट हो गए थे, लेकिन कुछ मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने में नाकाम रहे। उन्होंने कहा, ‘डिमोना और अराद दोनों शहरों में इंटरसेप्टर लॉन्च किए गए जो खतरों को हिट करने में नाकाम रहे, जिसके परिणामस्वरूप सैकड़ों किलोग्राम वजन वाले वॉरहेड वाली बैलिस्टिक मिसाइलों ने सीधे हिट किया।’
इस बीच इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) ने कहा कि उसे डिमोना में शिमोन पेरेस नेगेव न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर को नुकसान का कोई संकेत नहीं मिला है। साथ ही इलाके में कोई असामान्य रेडिएशन स्तर नहीं मिला है। IAEA ने कहा कि वह स्थिति पर करीब से नजर रख रहा है। एजेंसी ने दोनों देशों से आग्रह किया कि न्यूक्लियर फैसिलिटीज के आस-पास ज्यादा से ज्यादा मिलिट्री कंट्रोल रखा जाना चाहिए।
ईरानी सरकारी मीडिया के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 28 फरवरी से अमेरिका-इजराइली हमलों में 1,500 से अधिक लोग मारे गए हैं, जिनमें 200 से ज्यादा बच्चे शामिल हैं।
ईरान में अमेरिका और इजरायल मिलकर हमला कर रहे हैं, जिसमें अरबों डॉलर के आर्थिक नुकसान के साथ में सैकड़ों लोगों की जान चली गई है। इसके साथ में ही शिया मुस्लिम बाहुल्य ईरान को कई ऐसे घाव मिले हैं, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। जब 28 फरवरी को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हमले में मौत हुई थी, तो उस समय भारत के कई हिस्सों के साथ में जम्मू-कश्मीर में भी प्रदर्शन हुए।
अब युद्ध के 24वें दिन में प्रवेश करने के साथ ही भारत में ईरान के लिए लोग मदद के लिए सामने आ रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में दर्जनों लोग ईरान की मदद के लिए आगे आए हैं। बड़गाम में लोगों ने अपने सोने-चांदी के जेवर और बर्तन दान किए हैं। इसके साथ ही ईरान की मदद के लिए लोग अपने 1-1 महीने का वेतन भी दान कर रहे हैं।
अधिकारियों ने कहा कि डोनेशन में पुरुषों, महिलाओं और बच्चों समेत हर तरह के लोगों ने हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि खासकर महिलाओं ने आगे आकर सोने के गहने, तांबे के बर्तन और घर का दूसरा कीमती सामान दान करके दिल खोलकर योगदान दिया है। कुछ परिवारों ने जानवर भी दान किए हैं।
शिया-बहुल इलाकों से मिली मदद
भारत में लोगों द्वारा ईरान के लिए की जा रही मदद को लेकर खुद ईरान के राजदूत ने आधिकारिक तौर पर शुक्रिया किया है। इस मदद के लिए शुक्रिया अदा करते हुए ईरानी दूतावास ने X पर एक पोस्ट में कहा कि इस नेकी के काम को ‘कभी नहीं भुलाया जाएगा’। दरअसल, ईद के एक दिन बाद घाटी के शिया-बहुल इलाकों में रविवार को युवाओं ने घर-घर जाकर ईरान में पश्चिम में चल रहे युद्ध से प्रभावित लोगों के लिए डोनेशन इकट्ठा किया।
डोनेशन की तस्वीरें शेयर करते हुए, ईरान के दूतावास ने X पर एक पोस्ट में कहा, ‘पूरे दिल से शुक्रगुजार होकर हम कश्मीर के दयालु लोगों को उनके मानवीय सहायता और दिल से एकता के जरिए ईरान के लोगों के साथ खड़े होने के लिए दिल से धन्यवाद देते हैं। इस दयालुता को कभी नहीं भुलाया जाएगा। हम आपकी दयालुता और इंसानियत को कभी नहीं भूलेंगे। धन्यवाद, इंडिया।’
आजकल खराब खान-पान की वजह से इंसान के शरीर को बहुत नुकसान होता है। कई बार महिलाओं को चक्कर, जल्दी थकावट और कमजोरी महसूस होती है। इन लक्षणों को हम अक्सर अनदेखा कर देते हैं, जो आगे चलकर बड़ी समस्या बन सकते हैं क्योंकि ये लक्षण आम नहीं बल्कि एक बड़ी बीमारी के संकेत हैं। इस बीमारी का नाम है एनीमिया, जिससे न सिर्फ महिलाओं का बल्कि उनसे जन्म लेने वाले बच्चों का भी भारी नुकसान हो सकता है।
आजकल कई लोग पोषण युक्त खाने की बजाय जंक फूड खाना पसंद करते हैं। जिस वजह से व्यक्ति के शरीर में विटामिन बी और आयरन की कमी हो जाती है। इसके कारण खून में रेड ब्लड सेल्स कम हो जाते हैं यानी खून में हीमोग्लोबिन की कमी हो जाती है। इससे शरीर के अलग-अलग हिस्सों में ऑक्सीजन पहुंचना कम हो जाता है। जिस वजह से लोगों को जल्दी थकावट होने लगती है। एनीमिया पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को ज्यादा होता है। इस वक्त भारत में कई महिलाएं एनीमिया का शिकार होती जा रही हैं। एनीमिया से ग्रसित महिलाओं के आंकड़े चौंकाने वाले हैं।
नेशनल फैमिली हेल्थ का एक सर्वे आया है। इस सर्वे के अनुसार भारत की कई महिलाएं एनीमिया की समस्या से जूझ रही हैं। आंकड़ों के मुताबिक, बंगाल में 71.8 प्रतिशत, छत्तीसगढ़ में 60.8 प्रतिशत, पंजाब में 58.7 प्रतिशत, तेलंगाना में 57.6 प्रतिशत और राजस्थान में 54.4 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया का शिकार बन चुकी हैं। इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि भारत में एनीमिया एक बड़ी चुनौती बन गई है। अब सवाल उठता है कि एनीमिया से कैसे बचा जाए, एनीमिया के लक्षण क्या हैं और एनीमिया महिलाओं को पुरुषों की तुलना में ज्यादा क्यों होता है।
क्या है एनीमिया?
एनीमिया एक ऐसी स्थिति है जब व्यक्ति के शरीर में रेड ब्लड सेल्स की संख्या यानी हीमोग्लोबिन कम हो जाता है। हीमोग्लोबिन एक प्रकार का प्रोटीन है जो पूरे शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करता है। जब हीमोग्लोबिन शरीर में कम हो जाता है तो लोगों को जल्दी थकावट और कमजोरी महसूस होने लगती है, क्योंकि शरीर के हर हिस्से में ऑक्सीजन सही तरीके से नहीं पहुंच पाती है।
एनीमिया के शुरुआती लक्षण बेहद आम होते हैं, जिन्हें अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। इसी वजह से लोगों को लंबे समय बाद पता चलता है कि उन्हें एनीमिया है।
थकावट – व्यक्ति को हर समय थकावट महसूस होने लगती है। आराम करने के बावजूद थकावट कम नहीं होती।
कमजोर बाल और नाखून – एनीमिया की वजह से व्यक्ति के बाल और नाखून कमजोर हो जाते हैं। इसी वजह से बाल झड़ने लगते हैं।
चक्कर आना और सिर दर्द – लो हीमोग्लोबिन के कारण व्यक्ति के दिमाग तक ऑक्सीजन सही से नहीं पहुंच पाती, जिससे चक्कर और सिर दर्द होने लगता है।
त्वचा का रंग पीला होना – एनीमिया होने के कारण व्यक्ति की त्वचा का रंग पीला पड़ जाता है। अगर ये सभी लक्षण किसी व्यक्ति के शरीर में दिखाई दें तो उसे तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। अब सवाल उठता है कि ज्यादातर महिलाओं को एनीमिया क्यों होता है।
मासिक धर्म (Periods) – हर महिला को हर महीने मासिक धर्म आता है। जिसमें खून बहने की वजह से शरीर में आयरन की कमी हो जाती है। इससे एनीमिया हो सकता है। इसलिए महिलाओं को ज्यादा मात्रा में आयरन युक्त आहार खाना चाहिए ताकि एनीमिया से बचा जा सके।
खान-पान की कमी – अक्सर महिलाएं पोषण से भरपूर खाना नहीं खाती हैं जबकि महिलाओं को संतुलित मात्रा में आहार खाना चाहिए, जिसमें उचित मात्रा में प्रोटीन, विटामिन और कार्बोहाइड्रेट हो, ताकि उनके शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी न हो।
प्रेग्नेंसी – इस अवस्था में मां के शरीर में आयरन की ज्यादा जरूरत होती है। मां के शरीर में एक शिशु भी पल रहा होता है।
एनीमिया से बचने के लिए व्यक्ति को अपने खानपान में सुधार लाना होगा। उसे ऐसा भोजन खाना चाहिए जो न सिर्फ स्वाद में अच्छा हो बल्कि पोषण से भरपूर भी हो। इसके लिए हमें हरी सब्जियां, दालें, चुकंदर, खजूर, गुड़, नींबू और संतरा खाना चाहिए, जिससे शरीर में खून की कमी न हो।
ज्योतिषीय दृष्टि से 10 मार्च का दिन कई लोगों के लिए किस्मत में बदलाव की शुरूआत करने वाला हो सकता है। एक तरफ चंद्रमा वृश्चिक राशि में गोचर कर रहे हैं, जो हमारी इच्छाशक्ति और भावनाओं को गहराई प्रदान करेंगे, वहीं दूसरी तरफ आज का मूलांक 1 है। मूलांक 1 का स्वामी सूर्य है, जो सफलता और आत्मनिर्भरता का प्रतीक माना जाता है।
अंक ज्योतिष और ग्रहों की यह स्थिति आज साहसी फैसलों और बड़े बदलावों के लिए एकदम सटीक है। अगर आप किसी नई योजना पर काम शुरू करना चाहते हैं या करियर में कोई बड़ा जोखिम लेने की सोच रहे हैं, तो आज का दिन आपको जबरदस्त सफलता दिला सकता है।
अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान अपने उन संस्थानों को खो रहा है, जिन पर उसकी अर्थव्यवस्था टिकी है। न्यूक्लियर प्लांट हो, गैस प्लांट हो या पेट्रोलियम प्लांट, हर जगह इजरायल और अमेरिकी हमलों में भीषण तबाही मची है। ईरान को इतना धक्का लग चुका है कि उससे उबरने में कई साल लग सकते हैं। अब एक बार फिर डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के पेट्रोलियम ठिकानों को तबाह करने की धमकी दी है।
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह से और बिना किसी खतरे के खोलने के लिए 48 घंटे की समयसीमा दी है। उन्होंने कहा है कि अगर ईरान इस समयसीमा के भीतर स्ट्रेट नहीं खोलता, तो अमेरिका, ईरान के अलग-अलग पावर प्लांट्स पर हमला कर उन्हें तबाह कर देगा। अब ईरान ने जवाब में कहा है अगर उसके पावर प्लांट्स पर हमला होता है तो, जवाब में पूरे खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका से जुड़े सभी एनर्जी प्लांट पर हमले किए जाएंगे। जंग, ईरान पर भारी पड़ रही है।
क्यों इस जंग में ईरान पीड़ित है, सबकी संवेदनाएं क्यों?
2024 में ईरान को मिला दर्द
ईरान ने जंग नहीं छेड़ी थी। ईरान ने इजरायल या अमेरिकी ठिकानों पर पहले हमला नहीं किया। ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर काम कर रहा था, जिससे डर की आशंका में अक्तूबर 2024 में इजरायल ने पहले ईरान पर सीधे मिसाइलें दागीं। इजरायल ने इसे ‘ऑपरेशन डेज ऑफ रिपेंटेंस’ का नाम दिया। 20 से ज्यादा ईरानी ठिकानों पर इजरायल की मिसाइलें गरजीं।
इजरायल ने तेहरान के आसपास रूसी निर्मित S-300 एयर डिफेंस और रडार सिस्टम को तबाह कर दिया। इजरायल ने ईरान के मिसाइल और ड्रोन कार्यक्रमों को नुकसान पहुंचाया। परचिन और खोजिर के सैन्य इलाकों में हमला किया। यहां उन मशीनों को निशाना बनाया गया जो बैलिस्टिक मिसाइलों के लिए ठोस ईंधन बनाती हैं। इजरायल ने ईलाम और खुजेस्तान प्रांतों में हमला किया। बंदर इमाम खुमैनी पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स के पास एयर डिफेंस साइटों पर हमले किए। कुछ महीनों पहले
2025 में भी बिना उकसावे के झेले हमले
जून 2025 में इजरायल ने एक बार फिर ईरान पर बिना उकसावे के हमला बोला। 12 दिनों की जंग में ईरान को काफी नुकसान पहुंचा। अमेरिका ने इस कार्रवाई को ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ कहा। दोनों देशों ने संयुक्त तौर पर हमले किए। नतांज में बने परमाणु स्थल को पूरी तरह से दोनों देशों ने तबाह कर दिया। फोर्डो और इसफहान जैसे ठिकानों पर मिसाइल हमले हुए। ये जगहों तबाह हो चुकीं हैं। ईरान का परमाणु कार्यक्रम अब दशकों पीछे चला गया है।
अमेरिका और इजरायल ने मिलकर 28 फरवरी को ईरान पर हमला बोला। अमेरिका ने इसे ‘ऑपरेशन एपिक फ्युरी’ और इजरायल ने इसे ‘रोअरिंग लायन’ का नाम दिया। ईरान में इन हमलों से भीषण तबाही मची है। ईरान ने अपने सर्वोच्च लीडर अली खामेनेई को खो दिया है। ईरानी सेना के अब्दुलराहीम मौसवी सहित कई शीर्ष अधिकारी मारे जा चुके हैं। IRGC कमांडर मोहम्मद पाकपुर, खामेनेई के शीर्ष सुरक्षा सलाहकार अली शमखानी, रक्षा मंत्री अजीज नासिरजादेह और सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ मूसावी की भी मौत हुई।
ईरानी मीडिया का कहना है कि 190 से ज्यादा ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर अब तक तबाह हो चुके है। लगभग 130 नौसैनिक जहाजों को डुबो दिया गया। तेहरान भी खंडहर हो रहा है। तेहरान के शरान ऑयल डिपो जैसे तेल भंडारण केंद्रों और कुछ सरकारी इमारतों को नुकसान पहुंचा है। इजरायल ने साउथ पार्स में इजरायल के गैस भंडार को भी तबाह किया है, जिस प्रोजेक्ट को खड़ा करने में ईरान को दशकों लगे हैं।
दीवान लॉ कॉलेज में, इंटरनेशनल स्टडीज पढ़ाने वाले असिस्टेंट प्रोफेसर निखिल गुप्ता ने बताया कि ईरान के पास संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 2(4) के तहत एक अधिकार है, जिसे लेकर वह दोनों देशों को घेर सकता है। यह किसी भी देश की क्षेत्रीय अखंडता या राजनीतिक स्वतंत्रता के खिलाफ बल प्रयोग को प्रतिबंधित करता है। ईरान और अमेरिका, दोनों ने इस चार्टर का उल्लंघन किया है।
ईरान यह तर्क दे सकता है कि अमेरिका और इजरायल का हमला बिना किसी उकसावे के है और यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। ईरान पर हमले हो रहे हैं। ईरान के पास तर्क है कि वह अनुच्छेद 51 का हवाला देकर, जवाबी कार्रवाई कर सकता है। खाड़ी के देशों में ईरान के हमले, आत्मरक्षा के तहत आएंगे। ईरान सुरक्षा परिषद से इस हमले को रोकने और हमलावर देशों पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर सकता है। विडंबना यह है कि जिस देश ने हमला किया है, वह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थाई सदस्य है।
युद्ध की स्थिति में भी कुछ मानवीय कानून लागू होते हैं। जिनेवा कन्वेंशन के तहत ये अधिकार मिले हैं। ईरान पर हुए हमलों में स्कूल, अस्पताल और रिहायशी इलाकों पर हमले हुए हैं। ईरान इसे युद्ध अपराध घोषित करने की मांग कर सकता है। ईरान अपनी संप्रभुता और सीमाओं के उल्लंघन के लिए मुआवजे और कानूनी निंदा की मांग कर सकता है। ईरान, अब दुनिया से प्रतिबंध हटाने की मांग कर सकता है।
मुश्किलें क्या हैं?
असिस्टेंट प्रोफेसर निखिल गुप्ता ने कहा, ‘अमेरिका, ज्यादातर वैश्विक संस्थाओं को फंडिंग देता है। सबसे बड़ा सरपंच होने का दावा भी अमेरिका ही करता है। अमेरिका, दुनिया पर युद्ध और शांति से जुड़े समझौतों को थोपता है, खुद कोई समझौता नहीं मानता है। आर्थिक और सामरिक वजहों की वजह से वैश्विक संस्थाएं उस पर दबाव भी नहीं बना पाती हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन से लेकर संयुक्त राष्ट्र तक, अमेरिका की निंदा कई बार हुई है, बकाया मांगा गया है, अमेरिका ने मांग ही खारिज कर दी है।’